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Banda News: रिहाई के बाद गैंगस्टर रवि काना के नेपाल में होने की आशंका, एजेंसियां अलर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sun, 08 Feb 2026 12:51 AM IST
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फोटो - 21 रवि काना। स्त्रोत : सोशल मीडिया
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बांदा। स्क्रैप माफिया और गैंगस्टर रवि काना की जेल से रिहाई के बाद मामला अब और गंभीर होता नजर आ रहा है। जेल प्रशासन द्वारा अदालत में कस्टडी वारंट न होने के आधार पर दी गई सफाई के बीच अब पुलिस और जांच एजेंसियों को आशंका है कि रवि काना देश से बाहर जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक उसके नेपाल में होने की आशंका जताई जा रही है। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
जेल से रिहा होने के बाद रवि काना सार्वजनिक रूप से कहीं नजर नहीं आया है। न तो वह अपने ठिकानों पर मिला और न ही स्थानीय पुलिस को उसकी मौजूदगी की कोई पुख्ता जानकारी मिल सकी है। आशंका जताई जा रही है कि वह गिरफ्तारी या आगे की कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए देश छोड़ सकता है। इस बिंदु को जांच का अहम हिस्सा बनाया गया है। बताया जा रहा है कि पुलिस और एसओजी की टीम रवि काना के पासपोर्ट, यात्रा दस्तावेजों और मोबाइल लोकेशन से संबंधित जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि जेल से रिहाई के तुरंत बाद उसने किन-किन लोगों से संपर्क किया और उसकी आर्थिक गतिविधियां कहां-कहां जुड़ी हैं। यदि उसके विदेश जाने के कोई साक्ष्य सामने आते हैं, तो संबंधित केंद्रीय एजेंसियों को भी सूचना दी जा सकती है।
इधर, अदालत में जेल प्रशासन द्वारा दाखिल किए गए जवाब के बाद भी यह सवाल बना हुआ है कि एक कुख्यात गैंगस्टर की रिहाई के बाद निगरानी व्यवस्था क्यों नहीं की गई। कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि किसी आरोपी के खिलाफ अन्य गंभीर मुकदमे लंबित हों, तो उसकी रिहाई के बाद पुलिस को तत्काल सतर्कता बरतनी चाहिए थी। इस पूरे प्रकरण में पहले ही तत्कालीन जेलर विक्रम सिंह समेत तीन जेल अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है।
वहीं पुलिस की विशेष जांच टीम जेल से रिहाई की प्रक्रिया, कागजातों की जांच और संभावित मिलीभगत के पहलुओं को खंगाल रही है। कोर्ट ने भी मामले को गंभीर मानते हुए संकेत दिए हैं कि अगली सुनवाई में जेल प्रशासन के जवाब के साथ-साथ जांच एजेंसियों की रिपोर्ट को भी आधार बनाया जाएगा। यदि यह साबित होता है कि रवि काना की रिहाई के बाद जानबूझकर निगरानी में ढिलाई बरती गई या उसे फरार होने का मौका मिला तो कार्रवाई का दायरा और व्यापक हो सकता है।
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भ्रष्टाचार की भूमिगत पाइप लाइन चला रही भाजपा सरकार : सपा सुप्रीमो
बांदा। सपा सुप्रीमो ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा हमला किया है। एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में शासन, प्रशासन और दुशासन की तिकड़ी एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार की भूमिगत पाइपलाइन है, जिसके भीतर बेईमानी की केबल उलझी हुई है। सपा प्रमुख के इस बयान से सियासी माहौल गरमा गया है।
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जेल से रिहा होने के बाद रवि काना सार्वजनिक रूप से कहीं नजर नहीं आया है। न तो वह अपने ठिकानों पर मिला और न ही स्थानीय पुलिस को उसकी मौजूदगी की कोई पुख्ता जानकारी मिल सकी है। आशंका जताई जा रही है कि वह गिरफ्तारी या आगे की कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए देश छोड़ सकता है। इस बिंदु को जांच का अहम हिस्सा बनाया गया है। बताया जा रहा है कि पुलिस और एसओजी की टीम रवि काना के पासपोर्ट, यात्रा दस्तावेजों और मोबाइल लोकेशन से संबंधित जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि जेल से रिहाई के तुरंत बाद उसने किन-किन लोगों से संपर्क किया और उसकी आर्थिक गतिविधियां कहां-कहां जुड़ी हैं। यदि उसके विदेश जाने के कोई साक्ष्य सामने आते हैं, तो संबंधित केंद्रीय एजेंसियों को भी सूचना दी जा सकती है।
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इधर, अदालत में जेल प्रशासन द्वारा दाखिल किए गए जवाब के बाद भी यह सवाल बना हुआ है कि एक कुख्यात गैंगस्टर की रिहाई के बाद निगरानी व्यवस्था क्यों नहीं की गई। कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि किसी आरोपी के खिलाफ अन्य गंभीर मुकदमे लंबित हों, तो उसकी रिहाई के बाद पुलिस को तत्काल सतर्कता बरतनी चाहिए थी। इस पूरे प्रकरण में पहले ही तत्कालीन जेलर विक्रम सिंह समेत तीन जेल अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है।
वहीं पुलिस की विशेष जांच टीम जेल से रिहाई की प्रक्रिया, कागजातों की जांच और संभावित मिलीभगत के पहलुओं को खंगाल रही है। कोर्ट ने भी मामले को गंभीर मानते हुए संकेत दिए हैं कि अगली सुनवाई में जेल प्रशासन के जवाब के साथ-साथ जांच एजेंसियों की रिपोर्ट को भी आधार बनाया जाएगा। यदि यह साबित होता है कि रवि काना की रिहाई के बाद जानबूझकर निगरानी में ढिलाई बरती गई या उसे फरार होने का मौका मिला तो कार्रवाई का दायरा और व्यापक हो सकता है।
भ्रष्टाचार की भूमिगत पाइप लाइन चला रही भाजपा सरकार : सपा सुप्रीमो
बांदा। सपा सुप्रीमो ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा हमला किया है। एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में शासन, प्रशासन और दुशासन की तिकड़ी एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार की भूमिगत पाइपलाइन है, जिसके भीतर बेईमानी की केबल उलझी हुई है। सपा प्रमुख के इस बयान से सियासी माहौल गरमा गया है।

फोटो - 21 रवि काना। स्त्रोत : सोशल मीडिया