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Banda News: 35,135 ही बन सके नए वोटर, अभी डेढ़ लाख की और जरूरत
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sun, 08 Feb 2026 12:49 AM IST
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बांदा। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत नए मतदाता बनाने के लिए फार्म-6 भरकर जमा करने की अंतिम तिथि शनिवार को समाप्त हो गई। निर्वाचन विभाग को निर्धारित करीब दो लाख नए वोटरों को जोड़ने के लक्ष्य के मुकाबले अब तक केवल 35,135 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। इस धीमी प्रगति को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने अभियान की समय-सीमा को एक माह के लिए और बढ़ा दिया है।
निर्वाचन विभाग ने जनपद की चारों विधानसभाओं में नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए दो लाख का लक्ष्य रखा था। हालांकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर केवल 35,135 आवेदन ही जमा हो सके हैं, जिससे लक्ष्य का एक बड़ा हिस्सा अभी भी अधूरा है। यह स्थिति राजनीतिक दलों और बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) के सहयोग के बावजूद चिंता का विषय बनी हुई है। वर्ष 2003 की मतदाता सूची के आधार पर 11,74,109 मतदाताओं का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत सत्यापन कराया गया था। इस प्रक्रिया में 1,75,412 मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी, जिसके कारण मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या में कमी आई। मतदाता सूची को संतुलित बनाए रखने के उद्देश्य से ही नए मतदाताओं को जोड़ने का अभियान चलाया गया था।
अनुपस्थित मतदाताओं और दावों का निस्तारण
अभियान के दौरान अनुपस्थित पाए गए 64,644 मतदाताओं में से 2,227 दावों का निस्तारण किया गया है। हालांकि, अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता हैं जिनकी मैपिंग नहीं हुई है या जो अनुपस्थित पाए गए थे। इन मतदाताओं को पहचान और निवास संबंधी साक्ष्य उपलब्ध कराने पर प्राथमिकता से सूची में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, उप जिला निर्वाचन अधिकारी कुमार धर्मेंद्र ने बताया कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन पूर्व में शनिवार को किया जाना था लेकिन आयोग द्वारा समय-सीमा बढ़ाने से अब अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को सूची में शामिल करने का अवसर मिलेगा। बीएलओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे पहली जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं से अधिक से अधिक फार्म-6 भरवाएं। उन्होंने राजनीतिक दलों के बीएलए से भी आग्रह किया है कि वे नए मतदाता बनाने में बीएलओ का सहयोग करें ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता बनने से वंचित न रह पाए।
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पिता-पुत्र-पुत्री के मतदाता सूची में अलग-अलग नाम दर्ज कर किया बंटवारा
बांदा। कटरा मुहल्ला निवासी अधिवक्ता विमल कृष्ण श्रीवास्तव ने निर्वाचन विभाग पर परिवार के सदस्यों के नाम मतदाता सूची में अलग-अलग स्थानों पर दर्ज करने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि सदर विधानसभा क्षेत्र संख्या 235 के भाग संख्या 70 के क्रमांक 319 पर पिता का नाम दर्ज है, जबकि उनकी अविवाहित पुत्री पारुल का नाम भाग संख्या 66 में और अविवाहित पुत्र विनीत कृष्ण का नाम भाग संख्या 68 में दर्ज किया गया है। प्रत्येक भाग के लिए अलग-अलग बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) नियुक्त हैं।
विमल कृष्ण श्रीवास्तव का कहना है कि इस व्यवस्था के कारण परिवार के सदस्य एक ही मतदान केंद्र पर होते हुए भी अलग-अलग बूथों पर वोट डालने को मजबूर होंगे। यह न केवल असुविधाजनक है, बल्कि परिवार की एकता को भी खंडित करता है। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि पिता, पुत्र और पुत्री तीनों का नाम सदर विधानसभा के भाग संख्या 68 की मतदाता सूची में एक साथ दर्ज किए जाने की मांग की है।
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निर्वाचन विभाग ने जनपद की चारों विधानसभाओं में नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए दो लाख का लक्ष्य रखा था। हालांकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर केवल 35,135 आवेदन ही जमा हो सके हैं, जिससे लक्ष्य का एक बड़ा हिस्सा अभी भी अधूरा है। यह स्थिति राजनीतिक दलों और बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) के सहयोग के बावजूद चिंता का विषय बनी हुई है। वर्ष 2003 की मतदाता सूची के आधार पर 11,74,109 मतदाताओं का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत सत्यापन कराया गया था। इस प्रक्रिया में 1,75,412 मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी, जिसके कारण मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या में कमी आई। मतदाता सूची को संतुलित बनाए रखने के उद्देश्य से ही नए मतदाताओं को जोड़ने का अभियान चलाया गया था।
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अनुपस्थित मतदाताओं और दावों का निस्तारण
अभियान के दौरान अनुपस्थित पाए गए 64,644 मतदाताओं में से 2,227 दावों का निस्तारण किया गया है। हालांकि, अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता हैं जिनकी मैपिंग नहीं हुई है या जो अनुपस्थित पाए गए थे। इन मतदाताओं को पहचान और निवास संबंधी साक्ष्य उपलब्ध कराने पर प्राथमिकता से सूची में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, उप जिला निर्वाचन अधिकारी कुमार धर्मेंद्र ने बताया कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन पूर्व में शनिवार को किया जाना था लेकिन आयोग द्वारा समय-सीमा बढ़ाने से अब अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को सूची में शामिल करने का अवसर मिलेगा। बीएलओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे पहली जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं से अधिक से अधिक फार्म-6 भरवाएं। उन्होंने राजनीतिक दलों के बीएलए से भी आग्रह किया है कि वे नए मतदाता बनाने में बीएलओ का सहयोग करें ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता बनने से वंचित न रह पाए।
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पिता-पुत्र-पुत्री के मतदाता सूची में अलग-अलग नाम दर्ज कर किया बंटवारा
बांदा। कटरा मुहल्ला निवासी अधिवक्ता विमल कृष्ण श्रीवास्तव ने निर्वाचन विभाग पर परिवार के सदस्यों के नाम मतदाता सूची में अलग-अलग स्थानों पर दर्ज करने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि सदर विधानसभा क्षेत्र संख्या 235 के भाग संख्या 70 के क्रमांक 319 पर पिता का नाम दर्ज है, जबकि उनकी अविवाहित पुत्री पारुल का नाम भाग संख्या 66 में और अविवाहित पुत्र विनीत कृष्ण का नाम भाग संख्या 68 में दर्ज किया गया है। प्रत्येक भाग के लिए अलग-अलग बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) नियुक्त हैं।
विमल कृष्ण श्रीवास्तव का कहना है कि इस व्यवस्था के कारण परिवार के सदस्य एक ही मतदान केंद्र पर होते हुए भी अलग-अलग बूथों पर वोट डालने को मजबूर होंगे। यह न केवल असुविधाजनक है, बल्कि परिवार की एकता को भी खंडित करता है। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि पिता, पुत्र और पुत्री तीनों का नाम सदर विधानसभा के भाग संख्या 68 की मतदाता सूची में एक साथ दर्ज किए जाने की मांग की है।