{"_id":"6a6b917aadec19f28e09a19d","slug":"hearing-today-in-the-case-of-dismissed-ips-officer-manilal-patidar-banda-news-c-212-1-bnd1007-150260-2026-07-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: मिड डे मील में कटौती, अभिभावकों में रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: मिड डे मील में कटौती, अभिभावकों में रोष
Thu, 30 Jul 2026 11:31 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Thu, 30 Jul 2026 11:31 PM IST
विज्ञापन
100 छात्रों के लिए बनी सब्जी दिखाती रसोइया। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पैलानी। सरकारी विद्यालयों में बच्चों के मिड डे मील में कटौती की जा रही है। साथ ही भोजन भी मानक के अनुसार नहीं मिलता। इससे अभिभावकों में रोष व्याप्त है।
गांव खप्टिहा कलां के प्राथमिक विद्यालय में छात्रों को मिड डे मील में कटौती की जा रही है। साथ ही उन्हें गुणवत्तापूर्ण भोजन भी नहीं मिलता। इससे शिक्षक भी परेशान हैं। प्रबंध समिति के अध्यक्ष चतुर सिंह, मध्याह्न भोजन की व्यवस्था देख रहे शिक्षक हनुमान सिंह, रेणुका तिवारी, शालिनी गुप्ता ने बताया कि ग्राम प्रधान की ओर से एक सप्ताह के लिए भोजन सामग्री भेजी जाती है। इस सप्ताह 22 किलो आलू, दो किलो बैंगन, डेढ़ किलो टमाटर, डेढ़ किलो प्याज और 500 ग्राम कुंदरू भेजा गया है।
बताया कि विद्यालय में करीब 100 छात्र पंजीकृत है। नाममात्र की सामग्री से पूरे सप्ताह मध्याह्न भोजन की व्यवस्था करना मुश्किल होता है। कहा कि छात्रों के भोजन में कटौती निंदनीय है। वहीं विद्यालय में कार्यरत रसोइयों ने भी पर्याप्त मात्रा में सामग्री न मिलने का हवाला देते हुए कहा कि जो सामग्री मिलती है, उसी के अनुरूप भोजन बनाना मजबूरी है।
विज्ञापन
इस संबंध में बीईओ आभा अग्रवाल ने बताया कि छात्रों को मानक के अनुसार मध्याह्न भोजन मिलना चाहिए। लिखित शिकायत मिलने पर जांच व कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
गांव खप्टिहा कलां के प्राथमिक विद्यालय में छात्रों को मिड डे मील में कटौती की जा रही है। साथ ही उन्हें गुणवत्तापूर्ण भोजन भी नहीं मिलता। इससे शिक्षक भी परेशान हैं। प्रबंध समिति के अध्यक्ष चतुर सिंह, मध्याह्न भोजन की व्यवस्था देख रहे शिक्षक हनुमान सिंह, रेणुका तिवारी, शालिनी गुप्ता ने बताया कि ग्राम प्रधान की ओर से एक सप्ताह के लिए भोजन सामग्री भेजी जाती है। इस सप्ताह 22 किलो आलू, दो किलो बैंगन, डेढ़ किलो टमाटर, डेढ़ किलो प्याज और 500 ग्राम कुंदरू भेजा गया है।
विज्ञापन
बताया कि विद्यालय में करीब 100 छात्र पंजीकृत है। नाममात्र की सामग्री से पूरे सप्ताह मध्याह्न भोजन की व्यवस्था करना मुश्किल होता है। कहा कि छात्रों के भोजन में कटौती निंदनीय है। वहीं विद्यालय में कार्यरत रसोइयों ने भी पर्याप्त मात्रा में सामग्री न मिलने का हवाला देते हुए कहा कि जो सामग्री मिलती है, उसी के अनुरूप भोजन बनाना मजबूरी है।
विज्ञापन
इस संबंध में बीईओ आभा अग्रवाल ने बताया कि छात्रों को मानक के अनुसार मध्याह्न भोजन मिलना चाहिए। लिखित शिकायत मिलने पर जांच व कार्रवाई की जाएगी।

100 छात्रों के लिए बनी सब्जी दिखाती रसोइया। संवाद