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Banda News: सांस्कृति व लोक कलाओं काे संरक्षण प्रदान करेगा कालिंजर महोत्सव
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Mon, 16 Feb 2026 12:28 AM IST
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फोटो - 25 महोत्सव के शुभारंभ पर मंच पर मौजूद मुख्य अतिथि व कलाकार। संवाद
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कालिंजर/नरैनी। कालिंजर महोत्सव का शुभारंभ महाशिवरात्रि के दिन रविवार से हुआ। जिसने पर्यटन संवर्धन, स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और सांस्कृतिक व लोक कलाओं को संरक्षण प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में अपनी पहचान बनाई है। यह महोत्सव ऐतिहासिक चेतना और जनभागीदारी का एक अनूठा उत्सव साबित हो रहा है।
जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद ने महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर कहा कि कालिंजर महोत्सव का आयोजन बुंदेलखंड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि कालिंजर में स्थित नीलकंठ महादेव की प्राचीन प्रतिमा और दुर्ग की कलाकृतियां देखने योग्य हैं, जो इसे एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल बनाती हैं। यह आयोजन ऐतिहासिक दुर्ग को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने में सहायक सिद्ध होगा। गोष्ठी और प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है, किसानों को नई कृषि तकनीकों से अवगत कराया जा रहा है और खिलाड़ियों व युवा कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक मंच प्रदान किया जा रहा है। महोत्सव में नरैनी विधायक ओममणि वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील सिंह पटेल, पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल, ब्लॉक प्रमुख मनफूल सिंह पटेल, पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल, मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार पांडे और अपर जिलाधिकारी कुमार धर्मेंद्र उपस्थित रहे।
राई और कथक नृत्य से दर्शक मंत्रमुग्ध
महोत्सव के प्रथम दिन लोक कलाओं की धूम देखी गई। राजकीय इंटर कॉलेज कालिंजर के छात्रों ने मनमोहक राई नृत्य प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त, ज्योति पटेल ने अपनी लोक गायन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। जादूगर अरुण प्रताप सिंह और आरसी योगा ने अपने जादुई प्रदर्शन से समा बांधा। राजकीय इंटर कॉलेज बांदा की छात्राओं ने कथक नृत्य की सुंदर प्रस्तुति दी। नटराज संगीत महाविद्यालय द्वारा महाभारत के द्रोपदी चीर हरण का मंचन किया और रमेश पाल की टीम ने पारंपरिक दीवारी नृत्य का प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया। जिसमें भजन गायिका तृप्ति शाक्या एंड ग्रुप द्वारा भव्य प्रस्तुति दी।
स्टाल में हस्तशिल्प को बढ़ावा
महोत्सव में विभिन्न विभागों द्वारा 60 से अधिक स्टाल लगाए गए, जहां सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। इनमें बेसिक शिक्षा, पशु पालन, कृषि, मत्स्य, खादी ग्रामोद्योग, उद्योग, मनरेगा, भूमि संरक्षण और कौशल विकास मिशन जैसे महत्वपूर्ण विभाग शामिल थे। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी महिलाओं ने स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों का एक विशेष स्टाल लगाया, जिसने स्थानीय हस्तशिल्प और उत्पादों को बढ़ावा दिया।
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राई और कथक नृत्य से दर्शक मंत्रमुग्ध
महोत्सव के प्रथम दिन लोक कलाओं की धूम देखी गई। राजकीय इंटर कॉलेज कालिंजर के छात्रों ने मनमोहक राई नृत्य प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त, ज्योति पटेल ने अपनी लोक गायन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। जादूगर अरुण प्रताप सिंह और आरसी योगा ने अपने जादुई प्रदर्शन से समा बांधा। राजकीय इंटर कॉलेज बांदा की छात्राओं ने कथक नृत्य की सुंदर प्रस्तुति दी। नटराज संगीत महाविद्यालय द्वारा महाभारत के द्रोपदी चीर हरण का मंचन किया और रमेश पाल की टीम ने पारंपरिक दीवारी नृत्य का प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया। जिसमें भजन गायिका तृप्ति शाक्या एंड ग्रुप द्वारा भव्य प्रस्तुति दी।
स्टाल में हस्तशिल्प को बढ़ावा
महोत्सव में विभिन्न विभागों द्वारा 60 से अधिक स्टाल लगाए गए, जहां सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। इनमें बेसिक शिक्षा, पशु पालन, कृषि, मत्स्य, खादी ग्रामोद्योग, उद्योग, मनरेगा, भूमि संरक्षण और कौशल विकास मिशन जैसे महत्वपूर्ण विभाग शामिल थे। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी महिलाओं ने स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों का एक विशेष स्टाल लगाया, जिसने स्थानीय हस्तशिल्प और उत्पादों को बढ़ावा दिया।

फोटो - 25 महोत्सव के शुभारंभ पर मंच पर मौजूद मुख्य अतिथि व कलाकार। संवाद

फोटो - 25 महोत्सव के शुभारंभ पर मंच पर मौजूद मुख्य अतिथि व कलाकार। संवाद

फोटो - 25 महोत्सव के शुभारंभ पर मंच पर मौजूद मुख्य अतिथि व कलाकार। संवाद