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Banda News: डीपीआरओ को 27.37 लाख के खर्च का हिसाब न देने पर नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Mon, 16 Feb 2026 12:24 AM IST
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बांदा। जिले में पंचायत भवनों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण और जन सेवा केंद्रों के लिए आवंटित 27.37 लाख रुपये के खर्च का ब्योरा स्पर्श पोर्टल पर दर्ज न होने के मामले में शासन ने जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन में डेढ़ माह से भी कम समय शेष है, किंतु आवंटित धनराशि के उपयोग का कोई हिसाब पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है। यह स्थिति पंचायतीराज विभाग के अपर निदेशक अमित कुमार ने जिलाधिकारी के माध्यम से डीपीआरओ राजेश प्रसाद यादव को भेजे गए आदेश में बताई।
आदेश के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले के लिए एक कॉमन सर्विस सेंटर, दो पंचायत लर्निंग सेंटर (पीएलसी) और पांच पंचायत भवनों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए कुल 27,37,500 रुपये की राशि आवंटित की गई थी। चिंताजनक बात यह है कि एसएनए स्पर्श पोर्टल पर इस मद में शून्य बिल प्रदर्शित हो रहा है। इससे यह गंभीर प्रश्न उठता है कि क्या आवंटित धनराशि का उपयोग बिल्कुल भी नहीं किया गया। यदि कार्य संपन्न हुआ भी है तो पोर्टल पर बिल अपलोड न करना डीपीआरओ की घोर लापरवाही और पर्यवेक्षण की कमी को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, कॉमन सर्विस सेंटर द्वारा प्रदान की गई सेवाओं का शुल्क भी पोर्टल पर दिखाई नहीं दे रहा है।
शासन ने डीपीआरओ को तीन दिनों के भीतर इस मामले में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समयसीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी और प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी। जिलाधिकारी ने भी इस मामले पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने डीपीआरओ को आदेश दिया है कि कॉमन सर्विस सेंटर, पीएलसी और पंचायत भवनों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण से संबंधित सभी बिलों को आगामी दो दिनों के भीतर हर हाल में स्पर्श पोर्टल पर अपलोड कराया जाए। साथ ही, शासन द्वारा की गई इस लापरवाही के संबंध में अपना विस्तृत स्पष्टीकरण भी प्रस्तुत किया जाए।
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आदेश के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले के लिए एक कॉमन सर्विस सेंटर, दो पंचायत लर्निंग सेंटर (पीएलसी) और पांच पंचायत भवनों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए कुल 27,37,500 रुपये की राशि आवंटित की गई थी। चिंताजनक बात यह है कि एसएनए स्पर्श पोर्टल पर इस मद में शून्य बिल प्रदर्शित हो रहा है। इससे यह गंभीर प्रश्न उठता है कि क्या आवंटित धनराशि का उपयोग बिल्कुल भी नहीं किया गया। यदि कार्य संपन्न हुआ भी है तो पोर्टल पर बिल अपलोड न करना डीपीआरओ की घोर लापरवाही और पर्यवेक्षण की कमी को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, कॉमन सर्विस सेंटर द्वारा प्रदान की गई सेवाओं का शुल्क भी पोर्टल पर दिखाई नहीं दे रहा है।
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शासन ने डीपीआरओ को तीन दिनों के भीतर इस मामले में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समयसीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी और प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी। जिलाधिकारी ने भी इस मामले पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने डीपीआरओ को आदेश दिया है कि कॉमन सर्विस सेंटर, पीएलसी और पंचायत भवनों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण से संबंधित सभी बिलों को आगामी दो दिनों के भीतर हर हाल में स्पर्श पोर्टल पर अपलोड कराया जाए। साथ ही, शासन द्वारा की गई इस लापरवाही के संबंध में अपना विस्तृत स्पष्टीकरण भी प्रस्तुत किया जाए।