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Banda News: गेहूं खरीद केंद्र खुले, छाया-पानी और बारदाने का अभाव
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 31 Mar 2026 01:21 AM IST
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फोटो- 10 खप्टिहा कलांं का बंद पड़ा गेहूं खरीद केंद्र। संवाद
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बांदा। सोमवार को सरकारी दावों के बीच बांदा गेहूं खरीद की शुरुआत हुई, लेकिन पहले दिन ही अधिकांश खरीद केंद्रों पर अव्यवस्था का आलम रहा। किसानों के लिए छाया, पानी और बारदाने (बोरी) जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव दिखा, जिससे किसानों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। खोले गए 50 खरीद केंद्रों में कई पर पहले दिन बोहनी तक नहीं हुई और इक्का-दुक्का किसान केवल खरीद संबंधी जानकारी लेने ही पहुंचे।
बुनियादी सुविधाएं नदारद
शहर की मंडी समिति में खाद्य एवं रसद विभाग के दो, उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड के दो, पीसीएफ का एक, डीसीडीएफ का एक और केंद्रीय उपभोक्ता का एक केंद्र खोला गया था। इनमें से खाद्य एवं रसद विभाग और उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड के केंद्र खुले तो मिले, लेकिन वहां न तो छाया का इंतजाम था और न ही पेयजल की व्यवस्था। विपणन शाखा के केंद्र प्रभारी संदीप कुमार भारतीय और उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड के केंद्र प्रभारी शिव गोपाल गुप्ता अपनी-अपनी जगहों पर मौजूद थे, लेकिन यहां धान की बोरियां भरी हुई थीं। वहीं, पीसीएफ, डीसीडीएफ और केंद्रीय उपभोक्ता के केंद्र पहले दिन खुले ही नहीं। कुल मिलाकर, कई केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी दिखाई दी।
तिंदवारी में व्यवस्थाओं का निरीक्षण और सुधार के निर्देश
तिंदवारी में बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समिति (बी-पैक्स) तिंदवारी उत्तरी स्थित गेहूं क्रय केंद्र का निरीक्षण जिला विपणन अधिकारी (एआर) अंसल कुमार ने किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र खुला पाया गया। उन्होंने केंद्र पर सफाई, पेयजल और छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने केंद्र प्रभारी और संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया कि गेहूं खरीद का कार्य पूरी पारदर्शिता और सुव्यवस्थित ढंग से किया जाए। किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और अनावश्यक भीड़-भाड़ से बचा जा सके, इसके लिए टोकन प्रणाली के माध्यम से पंजीकरण और खरीद सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इस अवसर पर यह भी बताया गया कि शासन द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। हालांकि, तिंदवारी केंद्र पर भी पहले दिन कोई खरीद नहीं हुई।
बबेरू और खप्टिहा कलां केंद्रों की स्थिति
बबेरू की तिंदवारी सड़क स्थित गल्ला मंडी में गेहूं क्रय केंद्र का पहला दिन सन्नाटे में बीता। केंद्र प्रभारी मिथलेश सिंह ने बताया कि अब तक कोई किसान खरीद के लिए नहीं आया है, हालांकि कुछ किसान जानकारी लेने पहुंचे थे। यहां भी बारदाना, सफाई, पेयजल और छाया के इंतजाम करने की बात कही गई। पैलानी तहसील के खप्टिहा कलां कस्बे में स्थित गेहूं खरीद केंद्र की भी अपनी समस्याएं रहीं। केंद्र प्रभारी सुनील लाला ने बताया कि केंद्र की फर्श जगह-जगह से टूटी है और छत का टिनशेड भी क्षतिग्रस्त है, जिससे संचालन में कुछ दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस केंद्र को संचालित कर दिया जाएगा।
खप्टिहा कलां के किसानों ने बताया कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण उनकी अधिकांश फसलें भीग गईं, जिससे कटाई का काम देरी से शुरू हुआ। कुछ जगहों पर हार्वेस्टर न मिलने के कारण भी गेहूं की कटाई में विलंब हुआ, जिसके चलते किसान अपना अनाज खरीद केंद्रों तक समय पर नहीं पहुंचा पा रहे हैं।
भुगतान प्रक्रिया और पंजीकरण
गेहूं खरीद में किसानों को उनकी उपज का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में 48 घंटे के भीतर कर दिया जाएगा। 100 क्विंटल तक की गेहूं बिक्री के लिए तत्काल सत्यापन की आवश्यकता नहीं होगी, जिसका सत्यापन बाद में किया जाएगा। 100 क्विंटल खरीद के लिए किसान का पंजीकरण आवश्यक है। खरीद के लिए इलेक्ट्रॉनिक कांटों से तौल की जाएगी और किसान की पहचान ई-पॉस मशीन व आइरिस स्कैन के आधार पर की जाएगी। किसान अपना पंजीकरण जनसेवा केंद्रों के माध्यम से करा सकते हैं।
वर्जन
गेहूं खरीद केंद्र के 50 केंद्र खोले गए हैं। पहले दिन एक भी केंद्र में बोहनी नहीं हुई है। खरीद केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं छाया, पानी और इलेक्ट्रॉनिक कांटा और बारदाना का इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएगी।
रामानंद जायसवाल
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, बांदा
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बुनियादी सुविधाएं नदारद
शहर की मंडी समिति में खाद्य एवं रसद विभाग के दो, उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड के दो, पीसीएफ का एक, डीसीडीएफ का एक और केंद्रीय उपभोक्ता का एक केंद्र खोला गया था। इनमें से खाद्य एवं रसद विभाग और उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड के केंद्र खुले तो मिले, लेकिन वहां न तो छाया का इंतजाम था और न ही पेयजल की व्यवस्था। विपणन शाखा के केंद्र प्रभारी संदीप कुमार भारतीय और उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड के केंद्र प्रभारी शिव गोपाल गुप्ता अपनी-अपनी जगहों पर मौजूद थे, लेकिन यहां धान की बोरियां भरी हुई थीं। वहीं, पीसीएफ, डीसीडीएफ और केंद्रीय उपभोक्ता के केंद्र पहले दिन खुले ही नहीं। कुल मिलाकर, कई केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी दिखाई दी।
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तिंदवारी में व्यवस्थाओं का निरीक्षण और सुधार के निर्देश
तिंदवारी में बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समिति (बी-पैक्स) तिंदवारी उत्तरी स्थित गेहूं क्रय केंद्र का निरीक्षण जिला विपणन अधिकारी (एआर) अंसल कुमार ने किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र खुला पाया गया। उन्होंने केंद्र पर सफाई, पेयजल और छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने केंद्र प्रभारी और संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया कि गेहूं खरीद का कार्य पूरी पारदर्शिता और सुव्यवस्थित ढंग से किया जाए। किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और अनावश्यक भीड़-भाड़ से बचा जा सके, इसके लिए टोकन प्रणाली के माध्यम से पंजीकरण और खरीद सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इस अवसर पर यह भी बताया गया कि शासन द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। हालांकि, तिंदवारी केंद्र पर भी पहले दिन कोई खरीद नहीं हुई।
बबेरू और खप्टिहा कलां केंद्रों की स्थिति
बबेरू की तिंदवारी सड़क स्थित गल्ला मंडी में गेहूं क्रय केंद्र का पहला दिन सन्नाटे में बीता। केंद्र प्रभारी मिथलेश सिंह ने बताया कि अब तक कोई किसान खरीद के लिए नहीं आया है, हालांकि कुछ किसान जानकारी लेने पहुंचे थे। यहां भी बारदाना, सफाई, पेयजल और छाया के इंतजाम करने की बात कही गई। पैलानी तहसील के खप्टिहा कलां कस्बे में स्थित गेहूं खरीद केंद्र की भी अपनी समस्याएं रहीं। केंद्र प्रभारी सुनील लाला ने बताया कि केंद्र की फर्श जगह-जगह से टूटी है और छत का टिनशेड भी क्षतिग्रस्त है, जिससे संचालन में कुछ दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस केंद्र को संचालित कर दिया जाएगा।
खप्टिहा कलां के किसानों ने बताया कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण उनकी अधिकांश फसलें भीग गईं, जिससे कटाई का काम देरी से शुरू हुआ। कुछ जगहों पर हार्वेस्टर न मिलने के कारण भी गेहूं की कटाई में विलंब हुआ, जिसके चलते किसान अपना अनाज खरीद केंद्रों तक समय पर नहीं पहुंचा पा रहे हैं।
भुगतान प्रक्रिया और पंजीकरण
गेहूं खरीद में किसानों को उनकी उपज का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में 48 घंटे के भीतर कर दिया जाएगा। 100 क्विंटल तक की गेहूं बिक्री के लिए तत्काल सत्यापन की आवश्यकता नहीं होगी, जिसका सत्यापन बाद में किया जाएगा। 100 क्विंटल खरीद के लिए किसान का पंजीकरण आवश्यक है। खरीद के लिए इलेक्ट्रॉनिक कांटों से तौल की जाएगी और किसान की पहचान ई-पॉस मशीन व आइरिस स्कैन के आधार पर की जाएगी। किसान अपना पंजीकरण जनसेवा केंद्रों के माध्यम से करा सकते हैं।
वर्जन
गेहूं खरीद केंद्र के 50 केंद्र खोले गए हैं। पहले दिन एक भी केंद्र में बोहनी नहीं हुई है। खरीद केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं छाया, पानी और इलेक्ट्रॉनिक कांटा और बारदाना का इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएगी।
रामानंद जायसवाल
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, बांदा

फोटो- 10 खप्टिहा कलांं का बंद पड़ा गेहूं खरीद केंद्र। संवाद

फोटो- 10 खप्टिहा कलांं का बंद पड़ा गेहूं खरीद केंद्र। संवाद

फोटो- 10 खप्टिहा कलांं का बंद पड़ा गेहूं खरीद केंद्र। संवाद

फोटो- 10 खप्टिहा कलांं का बंद पड़ा गेहूं खरीद केंद्र। संवाद