{"_id":"69c4457af8a55446dc03da93","slug":"a-sip-of-tea-is-one-and-a-half-times-more-expensive-now-rs-100-will-not-fill-your-stomach-barabanki-news-c-315-1-brp1006-162409-2026-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: चाय की चुस्की डेढ़ गुना महंगी, अब 100 रुपए में नहीं भरेगा पेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: चाय की चुस्की डेढ़ गुना महंगी, अब 100 रुपए में नहीं भरेगा पेट
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 26 Mar 2026 01:58 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
बाराबंकी। अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच जारी तनाव का असर अब सीधे आम आदमी की जेब पर पड़ने लगा है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में उछाल के बाद ट्रांसपोर्ट किराया बढ़ गया है, जिसका सीधा असर रोजमर्रा की वस्तुओं पर दिख रहा है। हालात यह है कि पिछले 15 दिनों में ही शहर में चाय से लेकर निर्माण सामग्री तक के दाम 10 प्रतिशत से डेढ़ गुना तक बढ़ गए हैं। मध्यम वर्ग और गरीब परिवार सबसे ज्यादा परेशान हैं, क्योंकि उनकी आमदनी वही है लेकिन खर्च तेजी से बढ़ रहा है।
...............................
10 की चाय 15 में, 50 वाला कुलचा 70 में
शहर के छोटे होटल और ढाबों पर अब सस्ता खाना मिलना मुश्किल होता जा रहा है। जहां पहले 10 में चाय मिलती थी, अब वही 15 रुपये में बिक रही है। समोसा छोटा हो गया है और कीमत 10 से बढ़कर 12 हो गई है। शहर से गुजरे अयोध्या लखनऊ पुराने हाईवे संचालित होटल-ढाबों में मिलने वाला छोला-भटूरा, कुल्चा और छोला-चावल, मिस्सी रोटी भी महंगाई की मार झेल रहे हैं। आलू कुल्चा, जो पहले 50 में मिलता था, अब 70 तक पहुंच गया है, जबकि पनीर कुल्चा 120 तक बिक रहा है। ढाबों पर मिलने वाली दाल-चावल-रोटी-सब्जी की थाली, जो पहले 100 में मिलती थी, अब 120 से 140 तक हो गई है। देवा रोड पर ठेला लगाने वाले अंकित गुप्ता बताते हैं रिफाइंड तेल, आटा और मसाले सब महंगे हो गए हैं, ऊपर से गैस सिलेंडर की किल्लत है, ऐसे में दाम बढ़ाना मजबूरी है। बेकरी की फैक्टरी में काम करने वाले कुशीनगर निवासी मजदूर बादल तिवारी कहते है पहले 150 रुपये में दिनभर का खाना-चाय हो जाता था, अब 200 भी कम पड़ रहे हैं।
...............................
1200 का कोयला 2200 में, ईंट 8000 पार
महंगाई का सबसे बड़ा असर निर्माण कार्य पर पड़ा है। महज 15 दिनों में कोयले की कीमत 1200 से बढ़कर 2200 प्रति क्विंटल हो गई है। ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष शेषमणि तिवारी के अनुसार अब लाल पेटी ईंट 6900 प्रति हजार व अव्वल ईंट 8300 प्रति हजार की संशोधित दर जारी की गई हैं। 11 साल में पहली बार ऐसा है। वहीं सीमेंट की बोरी 10-15 महंगी हो गई है और मोरंग का ट्रक 5500 से बढ़कर 6000 में आ रहा है। सतरिख-चिनहट रोड स्थित भट्ठे पर मिले विनीत द्विवेदी ने बताया कि यह मजबूरी है।
..............................
ट्रांसपोर्ट महंगा, ट्रक भाड़ा 10 प्रतिशत बढ़ा
पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने से माल ढुलाई महंगी हो गई है। किराना व्यापारी दिनेश बताते हैं कि कानपुर से आने वाला ट्रक भाड़ा 5000 से बढ़कर 5500 हो गया है। इसका असर दाल, मसाले और अन्य आवश्यक वस्तुओं पर पड़ा है, जिनकी कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।
...........................
एक माह में यूं उछली कीमतें
वस्तु-- -- -- -- -- -- -फरवरी-- -- मार्च
कोयला-- -- -- -- -- 1200-- -- -- - 2200
ईंट लाल पेटी-- -- 1200-- -- -- -6900
ईट अव्वल-- -- -- -7400-- -- -- -8300
सीमेंट प्रति बोरी- 350-- -- -- -- 360
मौरंग प्रति ट्रक- 60 हजार-- -66 हजार
......................
पॉम ऑयल प्रति टिन-- -2050-- -2350
रिफाइंड- प्रति टिन-- -- 2100-- 2500
Trending Videos
...............................
10 की चाय 15 में, 50 वाला कुलचा 70 में
शहर के छोटे होटल और ढाबों पर अब सस्ता खाना मिलना मुश्किल होता जा रहा है। जहां पहले 10 में चाय मिलती थी, अब वही 15 रुपये में बिक रही है। समोसा छोटा हो गया है और कीमत 10 से बढ़कर 12 हो गई है। शहर से गुजरे अयोध्या लखनऊ पुराने हाईवे संचालित होटल-ढाबों में मिलने वाला छोला-भटूरा, कुल्चा और छोला-चावल, मिस्सी रोटी भी महंगाई की मार झेल रहे हैं। आलू कुल्चा, जो पहले 50 में मिलता था, अब 70 तक पहुंच गया है, जबकि पनीर कुल्चा 120 तक बिक रहा है। ढाबों पर मिलने वाली दाल-चावल-रोटी-सब्जी की थाली, जो पहले 100 में मिलती थी, अब 120 से 140 तक हो गई है। देवा रोड पर ठेला लगाने वाले अंकित गुप्ता बताते हैं रिफाइंड तेल, आटा और मसाले सब महंगे हो गए हैं, ऊपर से गैस सिलेंडर की किल्लत है, ऐसे में दाम बढ़ाना मजबूरी है। बेकरी की फैक्टरी में काम करने वाले कुशीनगर निवासी मजदूर बादल तिवारी कहते है पहले 150 रुपये में दिनभर का खाना-चाय हो जाता था, अब 200 भी कम पड़ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
...............................
1200 का कोयला 2200 में, ईंट 8000 पार
महंगाई का सबसे बड़ा असर निर्माण कार्य पर पड़ा है। महज 15 दिनों में कोयले की कीमत 1200 से बढ़कर 2200 प्रति क्विंटल हो गई है। ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष शेषमणि तिवारी के अनुसार अब लाल पेटी ईंट 6900 प्रति हजार व अव्वल ईंट 8300 प्रति हजार की संशोधित दर जारी की गई हैं। 11 साल में पहली बार ऐसा है। वहीं सीमेंट की बोरी 10-15 महंगी हो गई है और मोरंग का ट्रक 5500 से बढ़कर 6000 में आ रहा है। सतरिख-चिनहट रोड स्थित भट्ठे पर मिले विनीत द्विवेदी ने बताया कि यह मजबूरी है।
..............................
ट्रांसपोर्ट महंगा, ट्रक भाड़ा 10 प्रतिशत बढ़ा
पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने से माल ढुलाई महंगी हो गई है। किराना व्यापारी दिनेश बताते हैं कि कानपुर से आने वाला ट्रक भाड़ा 5000 से बढ़कर 5500 हो गया है। इसका असर दाल, मसाले और अन्य आवश्यक वस्तुओं पर पड़ा है, जिनकी कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।
...........................
एक माह में यूं उछली कीमतें
वस्तु
कोयला
ईंट लाल पेटी
ईट अव्वल
सीमेंट प्रति बोरी- 350
मौरंग प्रति ट्रक- 60 हजार
......................
पॉम ऑयल प्रति टिन
रिफाइंड- प्रति टिन