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Barabanki News: घरों से लेकर 150 स्कूलों तक पहुंची गैस सिलिंडर की आंच
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 26 Mar 2026 01:56 AM IST
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बाराबंकी। गैस सिलिंडर की समस्या शहर से लेकर गांवों तब अब और भी विकराल होती जा रही है। घरों से लेकर स्कूलों तक में गैस सिलिंडर की कमी दिखने लगी है। करीब 150 विद्यालय ऐसे हैं जहां सिलिंडर न मिलने की वजह से दोपहर का भोजन चूल्हे पर बनाया जा रहा है। हालात सुधरने के बजाए दिन ब दिन बिगड़ते ही जा रहें हैं क्योंकि मांग के सापेक्ष गैस एजेंसियों पर नहीं आ रही है। पहले रोज लोड आता था अब दूसरे और तीसरे दिन सिलिंडर लदे वाहन पहुंच रहे हैं इससे संकट और गहराने लगा है।
जिले में घरेलू गैस सिलिंडर के उपभोक्ताओं की संख्या करीब साढ़े छह लाख से भी ज्यादा है। जबकि स्कूलों की संख्या तीन हजार के आसपास होगी, इनमें ज्यादातर स्कूल ऐसे हैं जहां पर सिलिंडर न होने की वजह खाना चूल्हे पर बन रहा है तो कहीं पर खाना बनना ही बंद हो गया है। उधर गैस पाने के लिए जिले की सभी 63 एजेंसियों पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लाइन लग जा रहा है। उपभोक्ताओं का कहना बुकिंग कराने के बाद भी गैस नहीं मिल पा रही है। पूरा दिन एजेंसी पर लाइन लगने के बाद शाम को खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है। उधर एजेंंसी संचालकों का कहना है कि पहले जो लोड प्रतिदिन आता था वह दूसरे और तीसरे दिन आ रहा है। पहले प्रतिदिन 250 से 300 सिलिंडरों की बुकिंग होती थी अब 500 से 600 सिलिंडर प्रतिदिन बुक हो रहे हैं इससे संकट और बढ़ा है।
15 दिनों से नहीं मिला सिलिंडर
रामनगर गैस कमी का असर मध्याह्न भोजन पर दिखने लगा है। सूरतगंज के जूनियर हाई स्कूल बनर्की में पिछले करीब 15 दिनों से सिलिंडर न मिलने से खाना चूल्हे पर बनाया जा रहा है। रामनगर और सूरतगंज ब्लॉक में ऐसे करीब 100 स्कूल हैं जहां सिलिंडर न मिलने की वजह से रसोईया मध्याह्न भोजन पकाने के लिए लकड़ी का सहारा ले रहे हैं।
चूल्हे पर बनाया जा रहा खाना
रामसनेहीघाट के कम्पोजिट विद्यालय रेहरिया और मेडूवा में गैस सिलिंडर न मिलने के कारण भोजन चूल्हे पर बनाया जा रहा है। प्रधानाध्यापक राजेश सिंह ने बताया कि गैस सिलिंडर के लिए नियमित रूप से बुकिंग कराई जा रही है, लेकिन डिलवरी कोड न मिल पाने के कारण सिलिंडर नहीं मिल रहा है। मेडूवा के प्रधानाध्यापक अरविंद कुमार ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी को समस्या से अवगत करा दिया गया है।
गैस नहीं मिली तो घर चले गए छात्र
जैदपुर। राजकीय पॉलिटेक्निक में पढ़ने वाले छात्रों को सिलिंडर नही मिलने से खाना बनाना मुश्किल हो गया था। जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होने लगी है। छात्रों ने बताया कि करीब 15 दिनों से गैस सिलिंडर नहीं मिला। ऐसे में करीब 50 छात्र हॉस्टल छोड़कर अपने घर चले गए हैं। प्रधानचार्य वीके सिंह ने बताया कि गैस किल्लत की काफी छात्र अपने घरों को चले गए हैं।
डीसी एमडीएम को सौंपी जिम्मेदारी
बीएसए नवीन पाठक ने बताया कि सभी विद्यालयों में गैस सिलिंडर की उपलब्धता है। यदि किसी विद्यालय में गैस सिलिंडर नहीं है और इसकी सूचना जैसे ही मिलती है वहां पर सिलिंडर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी जिला समन्वयक मध्याह्न भोजन को सौंपी गई है।
वर्जन
आयल कंपनियां नहीं दे रही कोई जानकारी
डीएसओ डॉ. राकेश तिवारी ने बताया कि जिले में करीब 18 हजार से ज्यादा गैस सिलिंडर सभी एजेंसियों पर उपलब्ध हैं। बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं और सरकारी संस्थानों को प्राथमिकता पर गैस दी जा रही है। लेकिन ऑयल कंपनियों की ओर से सही सूचना न दिए जाने से दिक्कतें आ रही है।
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जिले में घरेलू गैस सिलिंडर के उपभोक्ताओं की संख्या करीब साढ़े छह लाख से भी ज्यादा है। जबकि स्कूलों की संख्या तीन हजार के आसपास होगी, इनमें ज्यादातर स्कूल ऐसे हैं जहां पर सिलिंडर न होने की वजह खाना चूल्हे पर बन रहा है तो कहीं पर खाना बनना ही बंद हो गया है। उधर गैस पाने के लिए जिले की सभी 63 एजेंसियों पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लाइन लग जा रहा है। उपभोक्ताओं का कहना बुकिंग कराने के बाद भी गैस नहीं मिल पा रही है। पूरा दिन एजेंसी पर लाइन लगने के बाद शाम को खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है। उधर एजेंंसी संचालकों का कहना है कि पहले जो लोड प्रतिदिन आता था वह दूसरे और तीसरे दिन आ रहा है। पहले प्रतिदिन 250 से 300 सिलिंडरों की बुकिंग होती थी अब 500 से 600 सिलिंडर प्रतिदिन बुक हो रहे हैं इससे संकट और बढ़ा है।
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15 दिनों से नहीं मिला सिलिंडर
रामनगर गैस कमी का असर मध्याह्न भोजन पर दिखने लगा है। सूरतगंज के जूनियर हाई स्कूल बनर्की में पिछले करीब 15 दिनों से सिलिंडर न मिलने से खाना चूल्हे पर बनाया जा रहा है। रामनगर और सूरतगंज ब्लॉक में ऐसे करीब 100 स्कूल हैं जहां सिलिंडर न मिलने की वजह से रसोईया मध्याह्न भोजन पकाने के लिए लकड़ी का सहारा ले रहे हैं।
चूल्हे पर बनाया जा रहा खाना
रामसनेहीघाट के कम्पोजिट विद्यालय रेहरिया और मेडूवा में गैस सिलिंडर न मिलने के कारण भोजन चूल्हे पर बनाया जा रहा है। प्रधानाध्यापक राजेश सिंह ने बताया कि गैस सिलिंडर के लिए नियमित रूप से बुकिंग कराई जा रही है, लेकिन डिलवरी कोड न मिल पाने के कारण सिलिंडर नहीं मिल रहा है। मेडूवा के प्रधानाध्यापक अरविंद कुमार ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी को समस्या से अवगत करा दिया गया है।
गैस नहीं मिली तो घर चले गए छात्र
जैदपुर। राजकीय पॉलिटेक्निक में पढ़ने वाले छात्रों को सिलिंडर नही मिलने से खाना बनाना मुश्किल हो गया था। जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होने लगी है। छात्रों ने बताया कि करीब 15 दिनों से गैस सिलिंडर नहीं मिला। ऐसे में करीब 50 छात्र हॉस्टल छोड़कर अपने घर चले गए हैं। प्रधानचार्य वीके सिंह ने बताया कि गैस किल्लत की काफी छात्र अपने घरों को चले गए हैं।
डीसी एमडीएम को सौंपी जिम्मेदारी
बीएसए नवीन पाठक ने बताया कि सभी विद्यालयों में गैस सिलिंडर की उपलब्धता है। यदि किसी विद्यालय में गैस सिलिंडर नहीं है और इसकी सूचना जैसे ही मिलती है वहां पर सिलिंडर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी जिला समन्वयक मध्याह्न भोजन को सौंपी गई है।
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आयल कंपनियां नहीं दे रही कोई जानकारी
डीएसओ डॉ. राकेश तिवारी ने बताया कि जिले में करीब 18 हजार से ज्यादा गैस सिलिंडर सभी एजेंसियों पर उपलब्ध हैं। बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं और सरकारी संस्थानों को प्राथमिकता पर गैस दी जा रही है। लेकिन ऑयल कंपनियों की ओर से सही सूचना न दिए जाने से दिक्कतें आ रही है।