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Barabanki News: बच्चे के पिता ने झोलाछाप की शिकायत ली वापस, एसीएमओ ने दी तहरीर
Tue, 30 Jun 2026 01:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 30 Jun 2026 01:42 AM IST
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हैदरगढ़। कस्बे में झोलाछाप के इलाज से डेढ़ साल के हसनैन की मौत का मामला सुलह समझौते के बाद खत्म कर दिया गया। मृतक के पिता ने शिकायत वापस ले ली, जिसके बाद आरोपी को छोड़ दिया गया। अभी मामले की जांच स्वास्थ्य विभाग की ओर से की जा रही है। नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. एलबी गुप्ता ने झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर दी है।
रविवार को ठाकुरद्वारा में घर में चल रहे क्लीनिक में इलाज के दौरान हसनैन की इंजेक्शन के ओवरडोज से मौत हो गई थी। उसके तीन भाई-बहन भी गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस ने झोलाछाप बृजमोहन को हिरासत में लिया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम की जांच में क्लीनिक चलाने के कोई अभिलेख नहीं मिले। क्लीनिक के सामने कोई बोर्ड भी नहीं लगा था। एसडीएम राजेश विश्वकर्मा ने मौके पर पहुंचकर क्लीनिक सील कराया था। उन्होंने कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
एसीएमओ डॉ. लव गुप्ता ने सील की गई दवाओं और वेस्टेज को कब्जे में लिया था। उन्होंने सीएचसी अधीक्षक से हस्ताक्षरित तहरीर लेकर विभाग से प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा था। एसीएमओ ने बताया कि पुलिस को तहरीर दे दी गई है। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब दो दशक से ब्रजमोहन अवैध रूप से क्लीनिक का संचालन कर रहा था। वहीं, स्थानीय सभासद मयंक अग्रवाल की की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित पिता ने अन्य बीमार बच्चों के इलाज का खर्च समेत अन्य सहायता लेकर मामले में सुलह कर लिया है।
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डाक से भेजी गई तहरीर
एसीएमओ का कहना है कि उन्होंने पुलिस को डाक से तहरीर भेज दी है। उधर, हैदरगढ़ कोतवाली प्रभारी शैलेश यादव का कहना है कि अभी उन्हें तहरीर नहीं मिली है।
बाक्स
क्षेत्र में झोलाछाप का जाल
पूरे क्षेत्र में करीब दो दर्जन अवैध क्लीनिक चल रहे हैं। पोखरा चीनी मिल के पास, मर्दापुर, केल्हनुवा, कादीपुर तिराहा जैसे कई स्थानों पर ये क्लीनिक सक्रिय हैं। ये झोलाछाप चिकित्सक मरीजों का शोषण करते हैं। अनहोनी होने पर गरीब परिवारों को दबाकर मामले रफा-दफा किए जाते हैं।
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रविवार को ठाकुरद्वारा में घर में चल रहे क्लीनिक में इलाज के दौरान हसनैन की इंजेक्शन के ओवरडोज से मौत हो गई थी। उसके तीन भाई-बहन भी गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस ने झोलाछाप बृजमोहन को हिरासत में लिया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम की जांच में क्लीनिक चलाने के कोई अभिलेख नहीं मिले। क्लीनिक के सामने कोई बोर्ड भी नहीं लगा था। एसडीएम राजेश विश्वकर्मा ने मौके पर पहुंचकर क्लीनिक सील कराया था। उन्होंने कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
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एसीएमओ डॉ. लव गुप्ता ने सील की गई दवाओं और वेस्टेज को कब्जे में लिया था। उन्होंने सीएचसी अधीक्षक से हस्ताक्षरित तहरीर लेकर विभाग से प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा था। एसीएमओ ने बताया कि पुलिस को तहरीर दे दी गई है। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब दो दशक से ब्रजमोहन अवैध रूप से क्लीनिक का संचालन कर रहा था। वहीं, स्थानीय सभासद मयंक अग्रवाल की की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित पिता ने अन्य बीमार बच्चों के इलाज का खर्च समेत अन्य सहायता लेकर मामले में सुलह कर लिया है।
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डाक से भेजी गई तहरीर
एसीएमओ का कहना है कि उन्होंने पुलिस को डाक से तहरीर भेज दी है। उधर, हैदरगढ़ कोतवाली प्रभारी शैलेश यादव का कहना है कि अभी उन्हें तहरीर नहीं मिली है।
बाक्स
क्षेत्र में झोलाछाप का जाल
पूरे क्षेत्र में करीब दो दर्जन अवैध क्लीनिक चल रहे हैं। पोखरा चीनी मिल के पास, मर्दापुर, केल्हनुवा, कादीपुर तिराहा जैसे कई स्थानों पर ये क्लीनिक सक्रिय हैं। ये झोलाछाप चिकित्सक मरीजों का शोषण करते हैं। अनहोनी होने पर गरीब परिवारों को दबाकर मामले रफा-दफा किए जाते हैं।