{"_id":"6a68e6014220f3a3470f3cc4","slug":"convict-sentenced-to-seven-years-in-prison-for-attempted-rape-of-a-minor-girl-barabanki-news-c-315-1-brp1006-175543-2026-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास में दोषी को सात साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास में दोषी को सात साल की कैद
Tue, 28 Jul 2026 10:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 28 Jul 2026 10:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाराबंकी। मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के प्रयास व विरोध करने पर परिजनों को धमकी देने के मामले में अदालत ने दोषी को सात साल कैद की सजा सुनाई। इसके साथ 31 हजार रुपये का जुर्माना लगाया, जो पीड़िता को दिया जाएगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला सुबेहा के एक गांव का है। चार जुलाई 2020 की रात गांव का ही रवि शंकर उर्फ कल्लू पाल वादी की आठ वर्षीय पुत्री को अपने घर उठा ले गया। यहां उसने बालिका के कपड़े उतार कर निर्वस्त्र कर दिया। बालिका के चीखने पर आवाज सुनकर कल्लू के घरवाले जाग गए, जिस पर उसने कपड़े पहना कर बालिका को वापस घर भेज दिया। बच्ची ने परिजनों से आपबीती कही तो परिजन कल्लू के घर शिकायत लेकर पहुंचे। आरोप है कि उन्हें जातिसूचक गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। बालिका सहित गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात सत्र न्यायाधीश श्रीकृष्ण चंद्र सिंह ने अभियुक्त को सजा सुनाई।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला सुबेहा के एक गांव का है। चार जुलाई 2020 की रात गांव का ही रवि शंकर उर्फ कल्लू पाल वादी की आठ वर्षीय पुत्री को अपने घर उठा ले गया। यहां उसने बालिका के कपड़े उतार कर निर्वस्त्र कर दिया। बालिका के चीखने पर आवाज सुनकर कल्लू के घरवाले जाग गए, जिस पर उसने कपड़े पहना कर बालिका को वापस घर भेज दिया। बच्ची ने परिजनों से आपबीती कही तो परिजन कल्लू के घर शिकायत लेकर पहुंचे। आरोप है कि उन्हें जातिसूचक गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। बालिका सहित गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात सत्र न्यायाधीश श्रीकृष्ण चंद्र सिंह ने अभियुक्त को सजा सुनाई।
विज्ञापन