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Barabanki News: यूरिया रैक पहुंचने से राहत समितियों को भेजी गई
Sat, 01 Aug 2026 02:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 01 Aug 2026 02:19 AM IST
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बाराबंकी। जिले में यूरिया खाद की किल्लत से परेशान किसानों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। शुक्रवार को इंडियन पोटाश लिमिटेड और कृभको की कुल 3896 मीट्रिक टन यूरिया की नई रैक जिले में पहुंची। रैक लगते ही जिला कृषि अधिकारी राजित राम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
पीसीएफ व सहकारिता क्षेत्र की समितियों के हिस्से की 1577 मीट्रिक टन से अधिक यूरिया सीधे समितियों के लिए रवाना करा दी। वितरण में पारदर्शिता बनी रहे और कालाबाजारी न हो, इसके लिए कंपनी प्रतिनिधियों को रैक पर ही मौजूद रहकर पॉस मशीनों में विवरण तुरंत दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
रैक से खाद रवाना कराने के तुरंत बाद कृषि विभाग की टीम ने नवाबगंज तहसील क्षेत्र के कई उर्वरक बिक्री केंद्रों पर अचानक छापेमारी की। दादरा स्थित मेसर्स सूर्या बीज भंडार पर जांच के दौरान मौजूद किसान धीरेन्द्र कुमार, दिनेश कुमार, शिवाकांत और शिव दर्शन ने पुष्टि की कि उन्हें निर्धारित सरकारी दर पर ही यूरिया मिल रही है।
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जिला कृषि अधिकारी ने सख्त हिदायत दी है कि किसानों को बिना किसी जबरन टैगिंग उनकी भूमि के कागजात के अनुसार ही खाद दी जाए। जिन किसानों के कागजात में नाम या चकबंदी की समस्या है, उन्हें भौतिक सत्यापन के बाद यूरिया उपलब्ध कराई जाएगी। अगर कोई भी विक्रेता तय दर से अधिक कीमत वसूलता या दूसरा सामान थोपता मिला, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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पीसीएफ व सहकारिता क्षेत्र की समितियों के हिस्से की 1577 मीट्रिक टन से अधिक यूरिया सीधे समितियों के लिए रवाना करा दी। वितरण में पारदर्शिता बनी रहे और कालाबाजारी न हो, इसके लिए कंपनी प्रतिनिधियों को रैक पर ही मौजूद रहकर पॉस मशीनों में विवरण तुरंत दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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रैक से खाद रवाना कराने के तुरंत बाद कृषि विभाग की टीम ने नवाबगंज तहसील क्षेत्र के कई उर्वरक बिक्री केंद्रों पर अचानक छापेमारी की। दादरा स्थित मेसर्स सूर्या बीज भंडार पर जांच के दौरान मौजूद किसान धीरेन्द्र कुमार, दिनेश कुमार, शिवाकांत और शिव दर्शन ने पुष्टि की कि उन्हें निर्धारित सरकारी दर पर ही यूरिया मिल रही है।
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जिला कृषि अधिकारी ने सख्त हिदायत दी है कि किसानों को बिना किसी जबरन टैगिंग उनकी भूमि के कागजात के अनुसार ही खाद दी जाए। जिन किसानों के कागजात में नाम या चकबंदी की समस्या है, उन्हें भौतिक सत्यापन के बाद यूरिया उपलब्ध कराई जाएगी। अगर कोई भी विक्रेता तय दर से अधिक कीमत वसूलता या दूसरा सामान थोपता मिला, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।