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Barabanki News: उपमुख्यमंत्री के आदेश का असर नहीं...दो दिन बाद भी नहीं चलीं तीन सीएचसी

संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Wed, 17 Jun 2026 12:55 AM IST
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Deputy CM's order has no effect... three CHCs remained non-functional even after two days.
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बाराबंकी। उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य विभाग के मुखिया ब्रजेश पाठक के सख्त निर्देश भी बाराबंकी के स्वास्थ्य विभाग पर असर नहीं डाल सके। रविवार को जिले के दौरे पर आए स्वास्थ्य मंत्री ने समीक्षा बैठक में जब यह जाना कि जिले की तीन सीएचसी परीवां, सुबेहा व जहांगीराबाद पूरी तरह संचालित नहीं हैं तो उन्होंने मौके पर मौजूद सीएमओ डॉ. रंजन गौतम से उसी दिन तीनों केंद्रों को संचालित कराने और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।

मंत्री के आदेश के 48 घंटे बाद मंगलवार को की गई पड़ताल में तस्वीर बिल्कुल अलग मिली। तीनों सीएचसी में इमरजेंसी सेवाएं ठप मिलीं। एक जगह केवल औपचारिक ओपीडी चलती नजर आई। सीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि तीनों सीएचसी को 24 घंटे संचालित करने का प्रयास जारी है।
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परींवा सीएचसी: अस्पताल के मुख्य द्वार पर ताला
त्रिवेदीगंज ब्लॉक के परीवां स्थित सीएचसी में मंगलवार को स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन नहीं हो रहा था। अस्पताल के मुख्य द्वार पर ताला लटका था। न ओपीडी चल रही थी और न ही इमरजेंसी सेवा। मौके पर मौजूद स्टाफ नर्स गीता ने बताया कि अभी सीएचसी का संचालन शुरू नहीं हो पाया है।
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सीएचसी सुबेहा: केवल ओपीडी, इमरजेंसी सेवा ठप
सुबेहा सीएचसी में डॉक्टरों और कर्मचारियों की तैनाती तो दिखाई दी लेकिन इमरजेंसी सेवा यहां भी शुरू नहीं हो सकीं। अस्पताल में डॉ. फरहत के अलावा मंगलवार को डॉ. आशीष ने भी कार्यभार संभाला। डेंटल हाइजीनिस्ट, एएनएम, वार्ड बॉय, लैब टेक्नीशियन की तैनाती है। एक्स-रे मशीन हैं मगर जांच नहीं होती है। ग्रामीणों ने बताया कि दोपहर दो बजे के बाद अस्पताल बंद हो जाता है।


जहांगीराबाद सीएचसी: केवल नाम भर की स्वास्थ्य सेवाएं
जहांगीराबाद सीएचसी भी केवल नाम भर की स्वास्थ्य सेवाएं दे रहा है। यहां ओपीडी समाप्त होते ही दोपहर दो बजे अस्पताल बंद हो जाता है। इमरजेंसी सेवा पूरी तरह ठप मिली। केंद्र पर तीन महिला चिकित्सक और एक फार्मासिस्ट की तैनाती है लेकिन वार्ड बॉय नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात में या आकस्मिक स्थिति में उन्हें जिला अस्पताल या निजी अस्पतालों की शरण लेनी पड़ती है।
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