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Barabanki News: चार महीने वर्दी पहन घूमता रहा फर्जी वन दरोगा, जेवर लेकर भागा
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 17 Jun 2026 12:58 AM IST
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बाराबंकी। असंद्रा के कस्बा सिद्धौर में फर्जी वन दरोगा चार महीने तक सक्रिय रहा। एक सराफा कारोबारी को मात्र 30 हजार रुपये देकर 1.75 लाख के जेवर खरीदने के बाद वह शेष रुपया देने में टालमटोल करने लगा तो पुलिस से शिकायत हुई। मंगलवार को वह फर्जी डीएफओ से बात कराने के बाद भाग गया। पुलिस ने उसके किराये के कमरे से वर्दी व कुछ दस्तावेज बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, चार महीने पहले एक युवक ने सिद्धौर कस्बा निवासी धीरज के मकान में एक कमरा किराये पर लिया था। उसने स्वयं को वन दरोगा बताया और बाकायदा वर्दी पहनकर आता जाता रहा। सिद्धेश्वर वार्ड के सभासद व विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष दीप्तांशु निगम ने बताया कि चार मई को कथित वन दरोगा ने कस्बे के ही रामचंद्र सोनी की सराफा की दुकान से 1.75 लाख रुपये के जेवर खरीदे और केवल 30 हजार रुपये का भुगतान किया और शेष रकम बाद में देने को कहा।
इसके बाद वह लगातार टालमटोल कर विभिन्न स्थानों पर ड्यूटी का दावा करता रहा। मंगलवार को वह सिद्धौर पहुंचा तो सराफा कारोबारी व उनके साथियों ने उसे घेर लिया। 112 पर काॅल की तो पुलिस आ गई, मगर युवक ने अपने मोबाइल फोन से कथित डीएफओ से बात कराई, जिसमें उसने कहा कि यह वन दरोगा हैं, जल्द ही पैसा दे देंगे। पुलिस के जाते ही युवक भाग गया।
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लोगाें ने जब डीएफओ आकाशदीप बधावन से बात की तो वह दंग रह गए, क्योंकि विभाग में ऐसा कोई वन दरोगा नहीं है और ना ही उन्होंने बात की थी। इस पर पुलिस ने कमरे की जांच के दौरान वर्दी और कुछ दस्तावेज बरामद हुए हैं। वर्दी पर ललित यादव का नाम अंकित है।
..........................
आधार कार्ड मिला, पता फैजाबाद का
युवक का वन विभाग से कोई संबंध नहीं है। बीते दिनों में भी उसकी कोई शिकायत करने नहीं आया। वर्दी पर ललित यादव नाम अंकित है। एक आधार कार्ड सामने आया है, जिसमें युवक के पिता का रामगोपाल व पता फैजाबाद का गणेशपुर मथनेवादा दर्ज है। सराफा कारोबारी की तहरीर पर पुलिस छानबीन कर रही है।
- प्रदीप सिंह, वनक्षेत्राधिकारी, हरख
पुलिस के अनुसार, चार महीने पहले एक युवक ने सिद्धौर कस्बा निवासी धीरज के मकान में एक कमरा किराये पर लिया था। उसने स्वयं को वन दरोगा बताया और बाकायदा वर्दी पहनकर आता जाता रहा। सिद्धेश्वर वार्ड के सभासद व विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष दीप्तांशु निगम ने बताया कि चार मई को कथित वन दरोगा ने कस्बे के ही रामचंद्र सोनी की सराफा की दुकान से 1.75 लाख रुपये के जेवर खरीदे और केवल 30 हजार रुपये का भुगतान किया और शेष रकम बाद में देने को कहा।
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इसके बाद वह लगातार टालमटोल कर विभिन्न स्थानों पर ड्यूटी का दावा करता रहा। मंगलवार को वह सिद्धौर पहुंचा तो सराफा कारोबारी व उनके साथियों ने उसे घेर लिया। 112 पर काॅल की तो पुलिस आ गई, मगर युवक ने अपने मोबाइल फोन से कथित डीएफओ से बात कराई, जिसमें उसने कहा कि यह वन दरोगा हैं, जल्द ही पैसा दे देंगे। पुलिस के जाते ही युवक भाग गया।
लोगाें ने जब डीएफओ आकाशदीप बधावन से बात की तो वह दंग रह गए, क्योंकि विभाग में ऐसा कोई वन दरोगा नहीं है और ना ही उन्होंने बात की थी। इस पर पुलिस ने कमरे की जांच के दौरान वर्दी और कुछ दस्तावेज बरामद हुए हैं। वर्दी पर ललित यादव का नाम अंकित है।
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आधार कार्ड मिला, पता फैजाबाद का
युवक का वन विभाग से कोई संबंध नहीं है। बीते दिनों में भी उसकी कोई शिकायत करने नहीं आया। वर्दी पर ललित यादव नाम अंकित है। एक आधार कार्ड सामने आया है, जिसमें युवक के पिता का रामगोपाल व पता फैजाबाद का गणेशपुर मथनेवादा दर्ज है। सराफा कारोबारी की तहरीर पर पुलिस छानबीन कर रही है।
- प्रदीप सिंह, वनक्षेत्राधिकारी, हरख