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Barabanki News: आठ झीलों पर प्राधिकरण की मुहर, अपना बाराबंकी जैव विविधता का हॉटस्पॉट
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 01 Feb 2026 09:53 PM IST
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दरियाबाद क्षेत्र के उदवतनगर झील के ऊपर उड़ते पक्षी।
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बाराबंकी। अब तक खेती और धार्मिक पर्यटन के लिए पहचाने जाने वाला बाराबंकी जिला एक नई पहचान की ओर बढ़ रहा है। जिले की झीलें, तालाब और आर्द्र भूमि अब सिर्फ पानी के स्रोत नहीं, बल्कि प्राकृतिक धरोहर और पर्यटन की नई उम्मीद बन गए हैं। वन विभाग के ताजा सर्वे में जिले में 401 वेटलैंड चिन्हित किए गए हैं। इनमें से 12 प्रमुख वेटलैंड को पर्यटन, जैव विविधता संरक्षण और प्रवासी पक्षियों के सुरक्षित आश्रयगाह के रूप में विकसित किया जाएगा। खास बात यह है कि इन 1ृ2 में से आठ बड़ी झीलों को उत्तर प्रदेश राज्य आर्द्र भूमि प्राधिकरण की तकनीकी समिति से हरी झंडी मिल चुकी है, जबकि हरख ब्लॉक की कमरावां झील को एक जिला-एक वेटलैंड के रूप में चुना गया है। जिले की भगहर झील में तो सुंदरीकरण का काम भी शुरू किया गया। मौजूदा समय में कमरावां, सरायबरई व दरियाबाद की उदवतनगर जैसी झीलों में भी साइबेरिया, तिब्बत समेत कई देशों से आए प्रवासी पक्षियों का जमावड़ा देखने को मिल रहा है। सुबह-शाम झीलों के किनारे पक्षियों की चहचहाहट पूरे इलाके को जीवंत बना रही है।
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जिले की प्रमुख वेटलैंड, वनक्षेत्र व क्षेत्रफल
भगहर झील-फतेहपुर, 74.124 हेक्टेयर
चकोरा झील-हैदरगढ़, 41.74 हेक्टेयर
सलारपुर झील-देवा, 40.17 हेक्टेयर
बनगांवा झील-रामनगर, 36.84 हेक्टेयर
कमरावां झील-हरख, 29.88 हेक्टेयर
भितरी झील-हैदरगढ़, 24.25 हेक्टेयर
बैनाटीकाहार झील-देवा, 23.67 हेक्टेयर
सरायबरई झील-रामसनेहीघाट 18.19 हेक्टेयर
सराही झील-रामसनेहीघाट 17.59 हेक्टेयर
नटकौली झील-फतेहपुर, 10.72 हेक्टेयर
खुर्दमऊ झील-रामनगर, 7.44 हेक्टेयर
सादुल्लापुर झील-हरख, 4.87 हेक्टेयर
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वर्जन-
पर्यावरणीय दृष्टि से बेहद शुभ संकेत
बाराबंकी जिले के लिए यह पर्यावरणीय दृष्टि से बेहद शुभ संकेत है। पहली बार 401 वेटलैंड चिन्हित किए गए हैं। 12 बड़े वेटलैंड को विकसित किया जाएगा। आठ को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह पहल न सिर्फ पर्यावरण संतुलन को मजबूत करेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार, पर्यटन और विकास के नए अवसर भी लेकर आएगी।
- आकाशदीप बधावान, डीएफओ
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जिले की प्रमुख वेटलैंड, वनक्षेत्र व क्षेत्रफल
भगहर झील-फतेहपुर, 74.124 हेक्टेयर
चकोरा झील-हैदरगढ़, 41.74 हेक्टेयर
सलारपुर झील-देवा, 40.17 हेक्टेयर
बनगांवा झील-रामनगर, 36.84 हेक्टेयर
कमरावां झील-हरख, 29.88 हेक्टेयर
भितरी झील-हैदरगढ़, 24.25 हेक्टेयर
बैनाटीकाहार झील-देवा, 23.67 हेक्टेयर
सरायबरई झील-रामसनेहीघाट 18.19 हेक्टेयर
सराही झील-रामसनेहीघाट 17.59 हेक्टेयर
नटकौली झील-फतेहपुर, 10.72 हेक्टेयर
खुर्दमऊ झील-रामनगर, 7.44 हेक्टेयर
सादुल्लापुर झील-हरख, 4.87 हेक्टेयर
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वर्जन-
पर्यावरणीय दृष्टि से बेहद शुभ संकेत
बाराबंकी जिले के लिए यह पर्यावरणीय दृष्टि से बेहद शुभ संकेत है। पहली बार 401 वेटलैंड चिन्हित किए गए हैं। 12 बड़े वेटलैंड को विकसित किया जाएगा। आठ को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह पहल न सिर्फ पर्यावरण संतुलन को मजबूत करेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार, पर्यटन और विकास के नए अवसर भी लेकर आएगी।
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- आकाशदीप बधावान, डीएफओ
