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Barabanki News: खादी की शान से सजा मेला, पारंपरिक कपड़ों की बढ़ी मांग

संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Wed, 17 Jun 2026 12:54 AM IST
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Fair adorned with the splendor of Khadi; demand for traditional clothing rises.
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बाराबंकी। जीआईसी मैदान में राष्ट्रीय एकता विकास संस्था द्वारा आयोजित प्रदर्शनी मेला इस समय स्थानीय लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। देश के विभिन्न राज्यों से आए कारीगरों और व्यापारियों ने यहां अपने हस्तनिर्मित व पारंपरिक उत्पादों की शानदार प्रदर्शनी लगाई है। खादी कपड़ों की टिकाऊ गुणवत्ता के कारण खरीदारों की भीड़ लगातार इन स्टॉलों पर उमड़ रही है।

स्वदेशी आंदोलन और आत्मनिर्भर भारत की भावना से जुड़ी खादी आज भी अपनी प्राकृतिक गुणवत्ता, आरामदायक बनावट और टिकाऊपन के कारण लोगों की खास पसंद बनी हुई है। मेले में स्टाल लगाए पुनीत यादव ने बताया कि खादी के कई प्रकार के परिधान और फैब्रिक लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।
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इनमें प्रमुख रूप से खादी कॉटन, खादी सिल्क, खादी मटका, खादी लिनन, मलमल खादी, हैंडलूम खादी और मिश्रित रेशमी खादी शामिल हैं। हल्के वजन और गर्मियों में अनुकूल रहने के कारण खादी कॉटन की मांग है जबकि खादी सिल्क और मटका सिल्क अपनी प्रीमियम फिनिश और पारंपरिक लुक के लिए खास पसंद किए जा रहे हैं। जैकेट, कुर्ता-पायजामा, साड़ी, दुपट्टा और शर्ट के रूप में खादी वस्त्रों की अच्छी बिक्री हो रही है।
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स्वदेशी की पहचान बनी खादी
खादी केवल एक कपड़ा नहीं बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत और महात्मा गांधी के स्वदेशी आंदोलन की पहचान भी है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मेले में लगे स्टॉलों पर लोग न केवल खरीदारी कर रहे हैं बल्कि खादी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को भी समझ रहे हैं। लोग फिर से प्राकृतिक और ऑर्गेनिक फैब्रिक की ओर लौट रहे हैं, जिससे खादी की मांग में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
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