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Barabanki News: छात्राओं ने जानी महिला थाने की पुलिसिंग, बेझिझक पूछे सवाल
Fri, 31 Jul 2026 02:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 31 Jul 2026 02:03 AM IST
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छात्राओं ने जानी महिला थाने की पुलिसिंग, बेझिझक पूछे सवाल
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बाराबंकी। पुलिस सिर्फ अपराधियों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि टूटते परिवारों को जोड़ने और महिलाओं को न्याय दिलाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। इसी सोच के साथ अमर उजाला फाउंडेशन के पुलिस दोस्त कार्यक्रम के तहत बृहस्पतिवार को कंपनी बाग स्थित जमीलुर्रहमान गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राओं ने महिला थाने का भ्रमण किया।
यहां छात्राओं ने काउंसिलिंग, महिला सुरक्षा, एफआईआर और पुलिस की कार्यप्रणाली को करीब से समझा और अधिकारियों से बेझिझक सवाल भी पूछे और उत्साहित दिखीं। महिला थाना प्रभारी रत्ना सिंह ने छात्राओं का स्वागत करते हुए सबसे पहले उन्हें काउंसिलिंग कक्ष का भ्रमण कराया।
उन्होंने बताया कि पति-पत्नी और पारिवारिक विवादों में रिपोर्ट दर्ज करना अंतिम विकल्प होता है। प्राथमिकता दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर काउंसलरों की मदद से संवाद स्थापित कर विवाद का समाधान कराने की रहती है। उन्होंने बताया कि ऐसे हजारों मामले आपसी सहमति और समझदारी से सुलझाए जा चुके हैं।
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इसके बाद छात्राओं को महिला थाना प्रभारी ने अपने कार्यालय में पुलिस की कार्यशैली से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि रोजाना शिकायतों की समीक्षा, लंबित मामलों की मॉनिटरिंग, विवेचनाओं की प्रगति और कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्य किस प्रकार संचालित किए जाते हैं। भ्रमण के दौरान छात्राओं को मिशन शक्ति कक्ष भी दिखाया गया।
यहां उन्हें बताया गया कि महिलाओं से जुड़ी शिकायतों को पूरी गोपनीयता के साथ सुना जाता है, ताकि पीड़िता बिना किसी डर या संकोच के अपनी बात रख सके। कार्यालय में एफआईआर दर्ज करने, तस्करा तैयार करने और अभिलेखों के रखरखाव की पूरी प्रक्रिया भी छात्राओं को समझाई गई।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकार और पुलिस की कार्यप्रणाली से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका महिला थाना प्रभारी ने विस्तार से जवाब दिया।
छात्राओं के सवाल और जवाब
सवाल : अगर किसी लड़की के साथ छेड़छाड़ हो जाए तो सबसे पहले उसे क्या करना चाहिए?
जवाब: घबराने की बजाय तुरंत 112 या 1090 पर सूचना दें। घटना से जुड़े सभी साक्ष्य सुरक्षित रखें।
सवाल : क्या बिना परिवार को बताए भी कोई लड़की महिला थाने में शिकायत कर सकती है?
जवाब: हां, यदि युवती बालिग है तो वह स्वयं शिकायत दर्ज करा सकती है। जरूरत पड़ने पर उसकी पहचान भी गोपनीय रखी जाती है।
सवाल : क्या हर पारिवारिक विवाद में एफआईआर दर्ज होती है?
जवाब: नहीं। पहले दोनों पक्षों की काउंसलिंग कराई जाती है। यदि बातचीत से समाधान नहीं निकलता या मामला गंभीर अपराध का हो, तब कार्रवाई की जाती है।
सवाल: क्या महिला थाने में आने वाली हर महिला की जानकारी गोपनीय रहती है?
जवाब: बिल्कुल। पीड़िता की निजता और सम्मान की रक्षा हमारी प्राथमिकता है। उसकी पहचान और शिकायत की जानकारी गोपनीय रखी जाती है।
सवाल : क्या छात्राएं भी पुलिस अधिकारी बन सकती हैं और इसके लिए क्या करना होगा?
जवाब: निश्चित रूप से। पढ़ाई के साथ शारीरिक फिटनेस पर ध्यान दें और पुलिस भर्ती की निर्धारित प्रक्रिया एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करें।
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यहां छात्राओं ने काउंसिलिंग, महिला सुरक्षा, एफआईआर और पुलिस की कार्यप्रणाली को करीब से समझा और अधिकारियों से बेझिझक सवाल भी पूछे और उत्साहित दिखीं। महिला थाना प्रभारी रत्ना सिंह ने छात्राओं का स्वागत करते हुए सबसे पहले उन्हें काउंसिलिंग कक्ष का भ्रमण कराया।
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उन्होंने बताया कि पति-पत्नी और पारिवारिक विवादों में रिपोर्ट दर्ज करना अंतिम विकल्प होता है। प्राथमिकता दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर काउंसलरों की मदद से संवाद स्थापित कर विवाद का समाधान कराने की रहती है। उन्होंने बताया कि ऐसे हजारों मामले आपसी सहमति और समझदारी से सुलझाए जा चुके हैं।
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इसके बाद छात्राओं को महिला थाना प्रभारी ने अपने कार्यालय में पुलिस की कार्यशैली से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि रोजाना शिकायतों की समीक्षा, लंबित मामलों की मॉनिटरिंग, विवेचनाओं की प्रगति और कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्य किस प्रकार संचालित किए जाते हैं। भ्रमण के दौरान छात्राओं को मिशन शक्ति कक्ष भी दिखाया गया।
यहां उन्हें बताया गया कि महिलाओं से जुड़ी शिकायतों को पूरी गोपनीयता के साथ सुना जाता है, ताकि पीड़िता बिना किसी डर या संकोच के अपनी बात रख सके। कार्यालय में एफआईआर दर्ज करने, तस्करा तैयार करने और अभिलेखों के रखरखाव की पूरी प्रक्रिया भी छात्राओं को समझाई गई।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकार और पुलिस की कार्यप्रणाली से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका महिला थाना प्रभारी ने विस्तार से जवाब दिया।
छात्राओं के सवाल और जवाब
सवाल : अगर किसी लड़की के साथ छेड़छाड़ हो जाए तो सबसे पहले उसे क्या करना चाहिए?
जवाब: घबराने की बजाय तुरंत 112 या 1090 पर सूचना दें। घटना से जुड़े सभी साक्ष्य सुरक्षित रखें।
सवाल : क्या बिना परिवार को बताए भी कोई लड़की महिला थाने में शिकायत कर सकती है?
जवाब: हां, यदि युवती बालिग है तो वह स्वयं शिकायत दर्ज करा सकती है। जरूरत पड़ने पर उसकी पहचान भी गोपनीय रखी जाती है।
सवाल : क्या हर पारिवारिक विवाद में एफआईआर दर्ज होती है?
जवाब: नहीं। पहले दोनों पक्षों की काउंसलिंग कराई जाती है। यदि बातचीत से समाधान नहीं निकलता या मामला गंभीर अपराध का हो, तब कार्रवाई की जाती है।
सवाल: क्या महिला थाने में आने वाली हर महिला की जानकारी गोपनीय रहती है?
जवाब: बिल्कुल। पीड़िता की निजता और सम्मान की रक्षा हमारी प्राथमिकता है। उसकी पहचान और शिकायत की जानकारी गोपनीय रखी जाती है।
सवाल : क्या छात्राएं भी पुलिस अधिकारी बन सकती हैं और इसके लिए क्या करना होगा?
जवाब: निश्चित रूप से। पढ़ाई के साथ शारीरिक फिटनेस पर ध्यान दें और पुलिस भर्ती की निर्धारित प्रक्रिया एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करें।