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Barabanki News: विवाहिता को जलाकर मारने के दोषी पति को उम्रकैद
Wed, 12 Aug 2026 01:30 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 12 Aug 2026 01:30 AM IST
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बाराबंकी। दस साल पहले बदोसराय थाना क्षेत्र के परसा गांव में विवाहिता को मिट्टी का तेल डालकर जलाने के मामले में अदालत ने पति रामतीरथ को दोषी करार दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश परशुराम ने आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
अभियोजन के अनुसार बदोसराय के रसूलपुर गांव निवासी रामकुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उनके बहनोई रामतीरथ नशे का आदी थे। इस कारण आए दिन बहन से विवाद करते थे। 17 नवंबर को विवाद के दौरान रामतीरथ ने राजरानी पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। घटना के बाद तत्कालीन तहसीलदार सिरौलीगौसपुर शिवमूर्ति सिंह ने अस्पताल में राजरानी का बयान दर्ज किया था। राजरानी ने बताया था कि पति से कहासुनी के बाद पति ने मिट्टी का तेल डालकर उसे जला दिया। गंभीर रूप से झुलसी राजरानी की इलाज के दौरान छह जनवरी 2017 को मौत हो गई।
सुनवाई के दौरान इलाज कर रहे डॉक्टर ने अदालत में बयान दिया कि तहसीलदार द्वारा बयान दर्ज किए जाने के दौरान राजरानी पूरी तरह होश में थी और बयान देने की स्थिति में थी। अदालत ने मृत्यु पूर्व बयान को महत्वपूर्ण मानते हुए आरोपी पति को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
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अभियोजन के अनुसार बदोसराय के रसूलपुर गांव निवासी रामकुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उनके बहनोई रामतीरथ नशे का आदी थे। इस कारण आए दिन बहन से विवाद करते थे। 17 नवंबर को विवाद के दौरान रामतीरथ ने राजरानी पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। घटना के बाद तत्कालीन तहसीलदार सिरौलीगौसपुर शिवमूर्ति सिंह ने अस्पताल में राजरानी का बयान दर्ज किया था। राजरानी ने बताया था कि पति से कहासुनी के बाद पति ने मिट्टी का तेल डालकर उसे जला दिया। गंभीर रूप से झुलसी राजरानी की इलाज के दौरान छह जनवरी 2017 को मौत हो गई।
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सुनवाई के दौरान इलाज कर रहे डॉक्टर ने अदालत में बयान दिया कि तहसीलदार द्वारा बयान दर्ज किए जाने के दौरान राजरानी पूरी तरह होश में थी और बयान देने की स्थिति में थी। अदालत ने मृत्यु पूर्व बयान को महत्वपूर्ण मानते हुए आरोपी पति को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
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