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Barabanki News: महंगाई की मार से बिगड़ा रसोई का बजट
Wed, 29 Jul 2026 01:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 29 Jul 2026 01:41 AM IST
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बाराबंकी। आम लोगों की रसोई पर महंगाई का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले हरी सब्जियों की कीमतों ने रसोई का स्वाद फीका किया, अब दाल, चावल, खाद्य तेल, मसाले और अन्य जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने से घरेलू बजट पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
बीते 10 दिनों में अरहर और चना दाल के दाम करीब पांच रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं, जबकि विभिन्न किस्मों के चावल भी महंगे हो गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि परिवहन लागत में बढ़ोतरी और आपूर्ति प्रभावित होने से कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है।
फुटकर बाजार में मंसूरी चावल, करीब एक सप्ताह पहले 42-43 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, अब 52-53 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। सरसों का तेल 180 से बढ़कर 190 रुपये प्रति लीटर हो गया है। रिफाइंड मेंं भी 10 रुपये की तेजी आई है। अरहर व चना की दाल व चीनी भी पांच रुपये प्रतिकिलो महंगी हो गई है। काजू 860 रुपये से बढ़कर 900 रुपये और मखाना 1100 से बढ़कर 1200 रुपपे प्रति किलो हो गया है।
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बढ़ती महंगाई से बिगड़ रहा रसोई का बजट
हर महीने रसोई का खर्च बढ़ता जा रहा है। पहले सब्जियां महंगी हुईं, अब दाल और चावल भी महंगे हो गए हैं। मजबूरी में कई चीजों की खरीद कम करनी पड़ रही है।
- रेनू यादव, गृहिणी
दाल-तेल के बढ़ते दाम, बढ़ी लोगों की चिंता
दाल, तेल और मसालों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। पहले जो सामान एक बार में महीनेभर के लिए खरीद लेते थे, अब उसे भी सोच-समझकर लेना पड़ रहा है।
- नीलिमा तिवारी, गृहिणी
मध्यमवर्ग सबसे ज्यादा परेशान
महंगाई का सबसे ज्यादा असर मध्यमवर्गीय और निम्न आय वाले परिवारों पर पड़ रहा है। हर सप्ताह बाजार जाने पर सामान के दाम बढ़े हुए मिलते हैं, जिससे पूरे महीने का बजट गड़बड़ा जाता है।
- प्रिया जायसवाल, गृहिणी
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बीते 10 दिनों में अरहर और चना दाल के दाम करीब पांच रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं, जबकि विभिन्न किस्मों के चावल भी महंगे हो गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि परिवहन लागत में बढ़ोतरी और आपूर्ति प्रभावित होने से कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है।
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फुटकर बाजार में मंसूरी चावल, करीब एक सप्ताह पहले 42-43 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, अब 52-53 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। सरसों का तेल 180 से बढ़कर 190 रुपये प्रति लीटर हो गया है। रिफाइंड मेंं भी 10 रुपये की तेजी आई है। अरहर व चना की दाल व चीनी भी पांच रुपये प्रतिकिलो महंगी हो गई है। काजू 860 रुपये से बढ़कर 900 रुपये और मखाना 1100 से बढ़कर 1200 रुपपे प्रति किलो हो गया है।
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बढ़ती महंगाई से बिगड़ रहा रसोई का बजट
हर महीने रसोई का खर्च बढ़ता जा रहा है। पहले सब्जियां महंगी हुईं, अब दाल और चावल भी महंगे हो गए हैं। मजबूरी में कई चीजों की खरीद कम करनी पड़ रही है।
- रेनू यादव, गृहिणी
दाल-तेल के बढ़ते दाम, बढ़ी लोगों की चिंता
दाल, तेल और मसालों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। पहले जो सामान एक बार में महीनेभर के लिए खरीद लेते थे, अब उसे भी सोच-समझकर लेना पड़ रहा है।
- नीलिमा तिवारी, गृहिणी
मध्यमवर्ग सबसे ज्यादा परेशान
महंगाई का सबसे ज्यादा असर मध्यमवर्गीय और निम्न आय वाले परिवारों पर पड़ रहा है। हर सप्ताह बाजार जाने पर सामान के दाम बढ़े हुए मिलते हैं, जिससे पूरे महीने का बजट गड़बड़ा जाता है।
- प्रिया जायसवाल, गृहिणी

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