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Barabanki News: मरीजों को बाहर से लिखी जा रही दवाएं और जांच
Tue, 28 Jul 2026 11:01 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 28 Jul 2026 11:01 PM IST
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मरीजों को बाहर से लिखी जा रही दवाएं और जांच
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बाराबंकी। सिरौली गौसपुर संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। अस्पताल में जरूरी दवाओं और जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है। डॉक्टर मरीजों को सरकारी परचे पर बाहर की दवाएं और जांच लिख रहे हैं।
मंगलवार को अस्पताल की ओपीडी में 630 मरीज देखे गए। दनापुर गांव के राम प्रसाद ने हाथ-पैर में दर्द की शिकायत पर डॉक्टर को दिखाया। उन्हें कुछ दवाएं अस्पताल से मिलीं, जबकि 317 रुपये की दवाएं निजी मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ीं। चंदनपुर गांव की संध्या को सीने में दर्द की शिकायत थी।
डॉक्टर ने उन्हें दो सिरप बाहर से खरीदने को कहा, जिस पर 512 रुपये खर्च हुए। तारापुर गुमान की सात माह की गर्भवती रोशनी को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए लिखा गया। अस्पताल में सुविधा न होने के कारण उन्हें जांच बाहर से करानी पड़ी। तारापुर गांव की शांति देवी को भी अल्ट्रासाउंड की जांच के लिए 500 रुपये देने पड़े।
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मरीजों व तीमारदारों ने बताया कि अस्पताल में आवश्यक दवाओं की कमी एक बड़ी समस्या है। मरीजों को अक्सर महंगी दवाएं निजी दुकानों से खरीदनी पड़ती हैं। जांच सुविधाओं का अभाव भी मरीजों के लिए परेशानी का सबब है।
वर्जन
बाहर से दवाएं लिखने पर पूरी तरह से रोक है। जो चिकित्सक नियम तोड़ रहे हैं, उन पर कार्रवाई की जाएगी। अल्ट्रासाउंड जांच के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
- डॉ. इकबाल अहमद, चिकित्सा अधीक्षक, संयुक्त चिकित्सालय सिरौलीगौसपुर
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मंगलवार को अस्पताल की ओपीडी में 630 मरीज देखे गए। दनापुर गांव के राम प्रसाद ने हाथ-पैर में दर्द की शिकायत पर डॉक्टर को दिखाया। उन्हें कुछ दवाएं अस्पताल से मिलीं, जबकि 317 रुपये की दवाएं निजी मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ीं। चंदनपुर गांव की संध्या को सीने में दर्द की शिकायत थी।
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डॉक्टर ने उन्हें दो सिरप बाहर से खरीदने को कहा, जिस पर 512 रुपये खर्च हुए। तारापुर गुमान की सात माह की गर्भवती रोशनी को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए लिखा गया। अस्पताल में सुविधा न होने के कारण उन्हें जांच बाहर से करानी पड़ी। तारापुर गांव की शांति देवी को भी अल्ट्रासाउंड की जांच के लिए 500 रुपये देने पड़े।
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मरीजों व तीमारदारों ने बताया कि अस्पताल में आवश्यक दवाओं की कमी एक बड़ी समस्या है। मरीजों को अक्सर महंगी दवाएं निजी दुकानों से खरीदनी पड़ती हैं। जांच सुविधाओं का अभाव भी मरीजों के लिए परेशानी का सबब है।
वर्जन
बाहर से दवाएं लिखने पर पूरी तरह से रोक है। जो चिकित्सक नियम तोड़ रहे हैं, उन पर कार्रवाई की जाएगी। अल्ट्रासाउंड जांच के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
- डॉ. इकबाल अहमद, चिकित्सा अधीक्षक, संयुक्त चिकित्सालय सिरौलीगौसपुर

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