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Barabanki News: खुले कट... संकेतक गायब, उल्टी दिशा में रफ्तार बेलगाम
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 11 Apr 2026 12:44 AM IST
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बाराबंकी। लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे पर सफर खतरे से भरा हो गया है। हर साल 100 से 120 लोगों की जान इसी हाईवे पर चली जाती है। हाईवे पर हादसे बढ़ने के कारण ही रामसनेहीघाट के कोतवाल को हटा दिया गया। बृहस्पतिवार को डीआईजी सोमेन वर्मा तक पहुंचे। शनिवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने जब हाईवे पर दुर्घटना बहुल स्थानों का जायजा लिया तो हालात बेहद चिंताजनक नजर आए।
नरोखर कट: यहां हर पल हादसे का डर
कोटवासड़क के पास नरोखर कट पर करीब 30 मीटर तक डिवाइडर नहीं है। यहीं से ट्रैक्टर, बाइक और अन्य वाहन बिना रुके उल्टी दिशा में चलते दिखते हैं। पास में ढाबे और जुड़ती सड़कें खतरे को और बढ़ा देती हैं। कई बार हादसे होने के बाद न लोग मान रहे है न जिम्मेदारों ने उपाय खोज रहे हैं।
मोहम्मद कीरतपुर: बीच सड़क पर इंतजार
रामसनेहीघाट क्षेत्र में हाईवे पर इस स्थान पर न संकेतक हैं, न सुरक्षा के इंतजाम। साइकिल सवार और ग्रामीण हाईवे के बीच खड़े होकर गाड़ियों के निकलने का इंतजार करते हैं। 10 मिनट में तीन से चार तेज रफ्तार वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। जरा सी लापरवाही पर हादसा हो जाता है।
पुलिस चौकी के पास ही सुरक्षा इंतजाम नदारद
शहर कोतवाली क्षेत्र के सफेदाबाद के निकट पुलिस चौकी के पास करीब 15 मीटर तक सड़क पर डिवाइडर नहीं है। यहां कोई संकेतक, रिफलेक्टर या सुरक्षा उपाय नहीं है। दोनों ओर से तेज रफ्तार गाड़ियां गुजरती हैं और लोग इंतजार करते रहते हैं। छोटी गलती यहां जान ले सकती है।
पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए 10 थाना क्षेत्रों में क्रिटिकल कॉरिडोर चिह्नित किया गया है। एनएचएआई के अफसरों से बात करके सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं।
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कोटवासड़क के पास नरोखर कट पर करीब 30 मीटर तक डिवाइडर नहीं है। यहीं से ट्रैक्टर, बाइक और अन्य वाहन बिना रुके उल्टी दिशा में चलते दिखते हैं। पास में ढाबे और जुड़ती सड़कें खतरे को और बढ़ा देती हैं। कई बार हादसे होने के बाद न लोग मान रहे है न जिम्मेदारों ने उपाय खोज रहे हैं।
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मोहम्मद कीरतपुर: बीच सड़क पर इंतजार
रामसनेहीघाट क्षेत्र में हाईवे पर इस स्थान पर न संकेतक हैं, न सुरक्षा के इंतजाम। साइकिल सवार और ग्रामीण हाईवे के बीच खड़े होकर गाड़ियों के निकलने का इंतजार करते हैं। 10 मिनट में तीन से चार तेज रफ्तार वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। जरा सी लापरवाही पर हादसा हो जाता है।
पुलिस चौकी के पास ही सुरक्षा इंतजाम नदारद
शहर कोतवाली क्षेत्र के सफेदाबाद के निकट पुलिस चौकी के पास करीब 15 मीटर तक सड़क पर डिवाइडर नहीं है। यहां कोई संकेतक, रिफलेक्टर या सुरक्षा उपाय नहीं है। दोनों ओर से तेज रफ्तार गाड़ियां गुजरती हैं और लोग इंतजार करते रहते हैं। छोटी गलती यहां जान ले सकती है।
पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए 10 थाना क्षेत्रों में क्रिटिकल कॉरिडोर चिह्नित किया गया है। एनएचएआई के अफसरों से बात करके सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं।