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Barabanki News: लखनऊ से चंद मिनट की दूरी बता बेच रहे भूखंड

Tue, 28 Jul 2026 10:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Tue, 28 Jul 2026 10:58 PM IST
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Plots being sold with the claim that they are just minutes away from Lucknow.
लखनऊ-अयोध्या, देवा-चिनहट, लखनऊ-कुर्सी और लखनऊ-सुल्तानपुर मार्ग पर सबसे ज्यादा धोखाधड़ी चल रही ह
बाराबंकी। लखनऊ से चंद मिनट की दूरी बताकर प्रापर्टी डीलर भूखंड बेच रहे हैं। लखनऊ-अयोध्या, देवा-चिनहट, लखनऊ-कुर्सी और लखनऊ-सुल्तानपुर मार्ग पर सबसे ज्यादा धोखाधड़ी चल रही है। नियमों को ताक पर रखकर जमीनों की खरीद बिक्री की जा रही है। अनियोजित कॉलोनियां विकसित हुईं तो लोगों को सुविधाओं के बजाय समस्याओं से दो-चार होना पड़ेगा। प्रशासन की कार्रवाई भी नोटिस जारी करने और कुछ जगहों पर बाउंड्रीवाल ढहाने तक सीमित है।
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लखनऊ से बाराबंकी की सीमा लखनऊ-अयोध्या मार्ग पर अनौरा चौकी से शुरू होती है। इसके बाद मोहम्मदपुर चौकी, सफेदाबाद, असेनी, दारापुर, बड़ेल, शुक्लाई होते हुए रसौली और चौपुला तक अवैध प्लाॅटिंग की भरमार है। सफेदाबाद से रसौली चौपुला तक लखनऊ-अयोध्या हाईवे का बाईपास करीब 12 किलोमीटर है।
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इस बाईपास से किसी भी खेत को जाने के लिए सीधा रास्ता नहीं दिया जा सकता। सर्विस रोड बनी नहीं हैं। ऐसे में हाईवे के किनारे प्रापर्टी डीलर किसानों की जमीन लेकर सीधे अवैध कट बनाकर प्लाॅटिंग स्थल से जोड़ देते हैं। इस परिधि में हाईवे के किनारे 100 से ज्यादा प्लाॅटिंग स्थल हैं। अवैध रास्ता बनाते समय वन विभाग की ओर से हाईवे किनारे रोपे गए 15 साल पुराने पेड़ भी काटकर गायब कर दिए गए हैं।
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विनियमित क्षेत्र का दायरा सीमित
नगर पालिका परिषद नवाबगंज व बंकी नगर पंचायत के साथ 25 गांव विनियमित क्षेत्र के दायरे में आते हैं। विनियमित क्षेत्र में एक अवर अभियंता को ही अवैध प्लाॅटिंग व निर्माण की निगरानी करनी होती है। अवैध प्लाॅटिंग स्थलों के विरुद्ध कार्रवाई के नाम पर नोटिस भर दिया जाता है। नोटिस के बाद उन्हें बार-बार जवाब देने का मौका दिया जाता है।
सालों बाद ध्वस्तीकरण का आदेश होता है। आदेश का अनुपालन कराने में भी सालों लग जाते हैं। बीते दो माह के अंदर संयुक्त मजिस्ट्रेट गुंजिता अग्रवाल ने दो दर्जन से ज्यादा स्थानों पर अवैध प्लाॅटिंग ध्वस्त कराई, मगर कुछ स्थान ऐसे भी देखने को मिले जहां ध्वस्त कराए गए निर्माण दोबारा हो गए। सफेदाबाद में तो एक निर्माण को एसडीएम ने दोबारा ध्वस्त कराया।

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क्या बोले अधिकारी---
जहां कहीं अवैध प्लाॅटिंग पाई जाती है, भूमि की गाटा संख्या के आधार पर भू-स्वामी को नोटिस दिया जाता है। नोटिस के बाद उचित जवाब न मिलने पर वाद दायर किया जाता है। सुनवाई के बाद विधिक प्रक्रिया के तहत ध्वस्तीकरण का आदेश दिया जाता है। आदेश का अनुपालन संबंधित व्यक्ति या संस्था नहीं करती है तो उसे प्रशासन की ओर से ध्वस्त कराया जाता है। लखनऊ-अयोध्या मार्ग किनारे अवैध कट बनाए जाने के संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। विनियमित क्षेत्र में आने वालों को चिह्नित किया जा रहा है।
- गुंजिता अग्रवाल, संयुक्त मजिस्ट्रेट

लखनऊ-अयोध्या, देवा-चिनहट, लखनऊ-कुर्सी और लखनऊ-सुल्तानपुर मार्ग पर सबसे ज्यादा धोखाधड़ी चल रही ह

लखनऊ-अयोध्या, देवा-चिनहट, लखनऊ-कुर्सी और लखनऊ-सुल्तानपुर मार्ग पर सबसे ज्यादा धोखाधड़ी चल रही ह

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