{"_id":"696d0a780d35656aef0834dd","slug":"report-filed-against-headmistress-and-assistant-teacher-in-teachers-suicide-case-barabanki-news-c-315-1-brp1006-156686-2026-01-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: शिक्षिका की आत्महत्या में प्रधानाध्यापिका व सहायक अध्यापक पर रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: शिक्षिका की आत्महत्या में प्रधानाध्यापिका व सहायक अध्यापक पर रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 18 Jan 2026 09:59 PM IST
विज्ञापन
सरकारी विद्यालय में सुसाइड करने वाली मृतक शिक्षिका उमा वर्मा के परिवारजन से बात करती उत्तर प्रद
विज्ञापन
बाराबंकी। सतरिख थाना क्षेत्र के उधवापुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में शनिवार दोपहर सहायक अध्यापिका उमा वर्मा की आत्महत्या के मामले ने अब गंभीर कानूनी मोड़ ले लिया है। शिक्षिका के पति की तहरीर पर पुलिस ने रविवार देरशाम विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सीतावती व सहायक अध्यापक सुशील वर्मा के विरुद्ध प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज की है।
मृतका उमा के शिक्षक पति ऋषि वर्मा ने रविवार शाम सतरिख थाने में दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि घटना वाले दिन विद्यालय पहुंचने के बाद उनकी पत्नी ने फोन पर बताया था कि प्रधानाध्यापिका और सहायक अध्यापक द्वारा उनके साथ अभद्र, अपमानजनक और धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उमा बच्चों को पूरी लगन से पढ़ाती थीं, लेकिन यही समर्पण कुछ लोगों को खटकता था। रोज ताने मारे जाते थे कि ‘बहुत पढ़ाकू बनती हो, सरकार से अवार्ड चाहिए, बच्चों के लिए जान दे दो, फांसी लगाकर मर जाओ, हम पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
तहरीर में यह भी कहा गया है कि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका और सहायक अध्यापक अक्सर देर से विद्यालय आते थे और उमा के प्रति दुर्भावनापूर्ण व्यवहार रखते थे। उमा का जुड़ाव बच्चों से गहरा था और वह शैक्षणिक गुणवत्ता को लेकर समझौता नहीं करती थीं। यही बात कथित रूप से उनके लिए परेशानी का कारण बन गई। बताया कि उमा के मार्गदर्शन दिए गए एक छात्र का राष्ट्रीय स्तर पर चयन हुआ था, जिसके लिए उनकी 11 नवंबर 2025 स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सराहना की गई थी। इसके बाद विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापिका और सहायक अध्यापक का व्यवहार और अधिक कटु और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाला हो गया। छोटी-छोटी बातों पर छींटाकशी, तंज और धमकियां आम हो गईं। आरोप लगाया कि घटना के बाद स्टाफ भाग गया, मुझे सूचना तक नहीं दी। अभिभावकों से घटना की जानकारी मिलने पर ही वह विद्यालय पहुंचे।
....................
आतमहत्या से पहले पति से बताया था दर्द
17 जनवरी को सुबह 9:35 बजे वह अपनी पत्नी को विद्यालय छोड़कर स्वयं अपने स्कूल चले गए थे। इसके कुछ देर बाद उमा ने उन्हें फोन कर बताया कि प्रधानाध्यापिका और सहायक अध्यापक कह रहे हैं कि हम बच्चों की कोई क्लास नहीं लेंगे, तुम ही बच्चों को पढ़ाने के लिए अपनी जान दे दो, सारे अवार्ड ले लो।
....................
वर्जन
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग यानी आत्महत्या की पुष्टि हुई है। शिक्षिका के पति की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। सभी आरोपों और तथ्यों की गंभीरता से जांच की जा रही है। मामले के हर पहलू पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- अर्पित विजयवर्गीय, एसपी
Trending Videos
मृतका उमा के शिक्षक पति ऋषि वर्मा ने रविवार शाम सतरिख थाने में दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि घटना वाले दिन विद्यालय पहुंचने के बाद उनकी पत्नी ने फोन पर बताया था कि प्रधानाध्यापिका और सहायक अध्यापक द्वारा उनके साथ अभद्र, अपमानजनक और धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उमा बच्चों को पूरी लगन से पढ़ाती थीं, लेकिन यही समर्पण कुछ लोगों को खटकता था। रोज ताने मारे जाते थे कि ‘बहुत पढ़ाकू बनती हो, सरकार से अवार्ड चाहिए, बच्चों के लिए जान दे दो, फांसी लगाकर मर जाओ, हम पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
तहरीर में यह भी कहा गया है कि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका और सहायक अध्यापक अक्सर देर से विद्यालय आते थे और उमा के प्रति दुर्भावनापूर्ण व्यवहार रखते थे। उमा का जुड़ाव बच्चों से गहरा था और वह शैक्षणिक गुणवत्ता को लेकर समझौता नहीं करती थीं। यही बात कथित रूप से उनके लिए परेशानी का कारण बन गई। बताया कि उमा के मार्गदर्शन दिए गए एक छात्र का राष्ट्रीय स्तर पर चयन हुआ था, जिसके लिए उनकी 11 नवंबर 2025 स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सराहना की गई थी। इसके बाद विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापिका और सहायक अध्यापक का व्यवहार और अधिक कटु और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाला हो गया। छोटी-छोटी बातों पर छींटाकशी, तंज और धमकियां आम हो गईं। आरोप लगाया कि घटना के बाद स्टाफ भाग गया, मुझे सूचना तक नहीं दी। अभिभावकों से घटना की जानकारी मिलने पर ही वह विद्यालय पहुंचे।
....................
आतमहत्या से पहले पति से बताया था दर्द
17 जनवरी को सुबह 9:35 बजे वह अपनी पत्नी को विद्यालय छोड़कर स्वयं अपने स्कूल चले गए थे। इसके कुछ देर बाद उमा ने उन्हें फोन कर बताया कि प्रधानाध्यापिका और सहायक अध्यापक कह रहे हैं कि हम बच्चों की कोई क्लास नहीं लेंगे, तुम ही बच्चों को पढ़ाने के लिए अपनी जान दे दो, सारे अवार्ड ले लो।
....................
वर्जन
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग यानी आत्महत्या की पुष्टि हुई है। शिक्षिका के पति की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। सभी आरोपों और तथ्यों की गंभीरता से जांच की जा रही है। मामले के हर पहलू पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- अर्पित विजयवर्गीय, एसपी
