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Barabanki News: फसल में समय पर प्रबंधन से मिलेगा अधिक उत्पादन
Wed, 29 Jul 2026 01:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 29 Jul 2026 01:36 AM IST
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बाराबंकी। खरीफ मौसम में मक्का की फसल इस समय तीव्र वृद्धि की अवस्था में है। कृषि विज्ञान केंद्र, हैदरगढ़ पर आयोजित किसान गोष्ठी में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने समय पर प्रबंधन से बेहतर उत्पादन प्राप्त करने की सलाह दी।
वैज्ञानिकों ने बताया कि खरपतवार नियंत्रण, पोषक तत्व प्रबंधन और जल निकासी आवश्यक है। कीटों की नियमित निगरानी भी जरूरी है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अश्वनी कुमार सिंह ने कहा कि बुवाई के 20-30 दिनों के भीतर निराई-गुड़ाई करें। इससे खरपतवारों का नियंत्रण होगा। साथ ही नाइट्रोजन उर्वरक की शेष मात्रा का टॉप ड्रेसिंग के रूप में प्रयोग करें। उन्होंने लगातार वर्षा होने पर खेत में जलभराव न होने देने की बात कही। वैज्ञानिक भास्कर प्रताप सिंह ने किसानों को फसल की नियमित निगरानी की सलाह दी। उन्होंने फॉल आर्मीवर्म और तना छेदक जैसे कीटों का प्रकोप दिखने पर तुरंत उपाय अपनाने को कहा।
वैज्ञानिक रूपन रघुवंशी ने कीटनाशकों के छिड़काव के लिए सुबह या शाम का समय सुझाया। उन्होंने कहा कि दवा पौधों के पोंग तक अवश्य पहुंचें। किसी भी रसायन का उपयोग आर्थिक क्षति स्तर के आधार पर ही करें।
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वैज्ञानिकों ने बताया कि खरपतवार नियंत्रण, पोषक तत्व प्रबंधन और जल निकासी आवश्यक है। कीटों की नियमित निगरानी भी जरूरी है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अश्वनी कुमार सिंह ने कहा कि बुवाई के 20-30 दिनों के भीतर निराई-गुड़ाई करें। इससे खरपतवारों का नियंत्रण होगा। साथ ही नाइट्रोजन उर्वरक की शेष मात्रा का टॉप ड्रेसिंग के रूप में प्रयोग करें। उन्होंने लगातार वर्षा होने पर खेत में जलभराव न होने देने की बात कही। वैज्ञानिक भास्कर प्रताप सिंह ने किसानों को फसल की नियमित निगरानी की सलाह दी। उन्होंने फॉल आर्मीवर्म और तना छेदक जैसे कीटों का प्रकोप दिखने पर तुरंत उपाय अपनाने को कहा।
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वैज्ञानिक रूपन रघुवंशी ने कीटनाशकों के छिड़काव के लिए सुबह या शाम का समय सुझाया। उन्होंने कहा कि दवा पौधों के पोंग तक अवश्य पहुंचें। किसी भी रसायन का उपयोग आर्थिक क्षति स्तर के आधार पर ही करें।
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