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Barabanki News: प्रशिक्षु करेंगे कक्षा एक और दो के बच्चों का निपुण आकलन
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 25 Jan 2026 12:01 AM IST
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बाराबंकी। निपुण भारत मिशन के तहत कक्षा एक और दो के विद्यार्थियों के आकलन किया जाएगा। इसकी तैयारी पूरी हो गई है। इस संबंध में प्रधानाध्यापकों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए गए हैं। यह जानकारी बीएसए नवीन कुमार पाठक ने दी।
उन्होंने बताया कि आकलन को निष्पक्ष, सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए विद्यालय प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कक्षा-वार पृथक आकलन की व्यवस्था, कक्षा एक और दो के लिए आकलन अलग-अलग प्रशिक्षुओं द्वारा कराया जाना चाहिए। इससे प्रत्येक कक्षा के शैक्षिक स्तर का स्वतंत्र और वास्तविक मूल्यांकन संभव होगा। यदि परिस्थितियां विषम हों और एक ही प्रशिक्षु को दोनों कक्षाओं का आकलन करना पड़े, तो यह केवल प्रधानाध्यापक की स्पष्ट अनुमति और सतर्क पर्यवेक्षण में ही किया जाना चाहिए। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि किसी भी कक्षा के मूल्यांकन में पक्षपात न हो।
शांत एवं व्यवस्थित वातावरण का निर्माण
आकलन कार्य के लिए अलग-अलग कक्षाओं का प्रयोग किया जाए। पूरे विद्यालय परिसर में शांति और अनुशासन बनाए रखना अति आवश्यक है। किसी भी प्रकार का शोर, अनावश्यक आवागमन या व्यवधान आकलन की गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। इसलिए, इन सभी बाधाओं से बचने के लिए विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए। एक शांत वातावरण विद्यार्थियों को बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करता है।
लिखित कार्य के लिए उपयुक्त सामग्री की व्यवस्था
कक्षा एक और दो के विद्यार्थियों के लिखित आकलन के लिए उच्च गुणवत्ता वाले कागजों वाले रजिस्टरों का उपयोग अनिवार्य है। इन रजिस्टरों की व्यवस्था विद्यालय स्तर पर की जानी चाहिए। सभी विद्यार्थियों का लिखित कार्य इन्हीं निर्धारित रजिस्टरों में संपन्न कराया जाना चाहिए। इससे अभिलेखों के रखरखाव और परीक्षण में एकरूपता बनी रहेगी, जो मूल्यांकन प्रक्रिया को सुगम बनाएगी।
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उन्होंने बताया कि आकलन को निष्पक्ष, सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए विद्यालय प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कक्षा-वार पृथक आकलन की व्यवस्था, कक्षा एक और दो के लिए आकलन अलग-अलग प्रशिक्षुओं द्वारा कराया जाना चाहिए। इससे प्रत्येक कक्षा के शैक्षिक स्तर का स्वतंत्र और वास्तविक मूल्यांकन संभव होगा। यदि परिस्थितियां विषम हों और एक ही प्रशिक्षु को दोनों कक्षाओं का आकलन करना पड़े, तो यह केवल प्रधानाध्यापक की स्पष्ट अनुमति और सतर्क पर्यवेक्षण में ही किया जाना चाहिए। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि किसी भी कक्षा के मूल्यांकन में पक्षपात न हो।
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शांत एवं व्यवस्थित वातावरण का निर्माण
आकलन कार्य के लिए अलग-अलग कक्षाओं का प्रयोग किया जाए। पूरे विद्यालय परिसर में शांति और अनुशासन बनाए रखना अति आवश्यक है। किसी भी प्रकार का शोर, अनावश्यक आवागमन या व्यवधान आकलन की गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। इसलिए, इन सभी बाधाओं से बचने के लिए विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए। एक शांत वातावरण विद्यार्थियों को बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करता है।
लिखित कार्य के लिए उपयुक्त सामग्री की व्यवस्था
कक्षा एक और दो के विद्यार्थियों के लिखित आकलन के लिए उच्च गुणवत्ता वाले कागजों वाले रजिस्टरों का उपयोग अनिवार्य है। इन रजिस्टरों की व्यवस्था विद्यालय स्तर पर की जानी चाहिए। सभी विद्यार्थियों का लिखित कार्य इन्हीं निर्धारित रजिस्टरों में संपन्न कराया जाना चाहिए। इससे अभिलेखों के रखरखाव और परीक्षण में एकरूपता बनी रहेगी, जो मूल्यांकन प्रक्रिया को सुगम बनाएगी।
