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Barabanki News: व्हील चेयर मिलती नहीं, स्ट्रेचर पर होता है इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 13 Jun 2026 01:53 AM IST
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बाराबंकी। डीएम और सीएमओ के सख्त निर्देशों के बाद भी इमरजेंसी सेवाओं में सुधार नहीं हो रहा है। शुक्रवार को यहां पर एक मरीज को व्हील चेयर नहीं मिली। परिजन उसे गोद में उठाकर इमरजेंसी तक ले गए। इसी प्रकार उल्टी दस्त से पीड़ित महिला का इलाज स्ट्रेचर पर किया जा रहा था। वहीं गंभीर हालत में पहुंचे एक युवक को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर का परचा थमा दिया गया।
सड़क हादसे में घायल दुकानदार (65) को परिजन इलाज के लिए इमरजेंसी लेकर पहुंचे तो व्हील चेयर नहीं मिली। इस पर परिजन उसे गोद में लेकर इमरजेंसी ले गए जहां पर उसका इलाज शुरू किया गया। इसी प्रकार उल्टी दस्त की शिकायत पर राजपति (48) को परिजन इलाज के लिए लेकर पहुंचे तो उसे स्ट्रेचर पर लिटा ग्लूकोज की बोतल टांग दी गई।
वहीं सड़क हादसे में घाायल रामप्रसाद को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर बता परिजनों को रेफर का परचा थमा दिया गया। यह हाल तब है जब जिलाधिकारी से लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी तक इमरजेंसी सेवाओं में सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं इसके बाद भी यहां की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो रहा है।
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इससे इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है लेकिन यहां पर व्याप्त अव्यवस्थाएं दूर नहीं हो पा रही है। सीएमएस डॉ. जेपी मौर्य ने बताया कि इमरजेंसी में पर्याप्त संख्या में व्हील चेयर मौजूद कभी-कभी परिजन जल्दबाजी में मरीज को गोद में लेकर चल देते हैं। इमरजेंसी की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए प्रयास जारी हैं।
सड़क हादसे में घायल दुकानदार (65) को परिजन इलाज के लिए इमरजेंसी लेकर पहुंचे तो व्हील चेयर नहीं मिली। इस पर परिजन उसे गोद में लेकर इमरजेंसी ले गए जहां पर उसका इलाज शुरू किया गया। इसी प्रकार उल्टी दस्त की शिकायत पर राजपति (48) को परिजन इलाज के लिए लेकर पहुंचे तो उसे स्ट्रेचर पर लिटा ग्लूकोज की बोतल टांग दी गई।
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वहीं सड़क हादसे में घाायल रामप्रसाद को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर बता परिजनों को रेफर का परचा थमा दिया गया। यह हाल तब है जब जिलाधिकारी से लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी तक इमरजेंसी सेवाओं में सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं इसके बाद भी यहां की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो रहा है।
इससे इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है लेकिन यहां पर व्याप्त अव्यवस्थाएं दूर नहीं हो पा रही है। सीएमएस डॉ. जेपी मौर्य ने बताया कि इमरजेंसी में पर्याप्त संख्या में व्हील चेयर मौजूद कभी-कभी परिजन जल्दबाजी में मरीज को गोद में लेकर चल देते हैं। इमरजेंसी की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए प्रयास जारी हैं।