UP: बरेली के सिटी सेंटर एलए मॉल की लिफ्ट में फंसे 13 लोग, 35 मिनट तक दहशत में रहे, किशोरी हुई बेहोश
बरेली के सिटी सेंटर एलए मॉल में रविवार रात उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब मॉल अटकने से 13 लोग उसमें फंस गए। इससे चीख-पुकार मच गई। ये लोग 35 मिनट तक लिफ्ट में फंसे रहे। दरवाजा तोड़कर बाहर निकले।
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यह मामला मॉल के फर्स्ट फ्लोर का है। रविवार को अवकाश होने के कारण बड़ी संख्या में लोग यहां मूवी देखने और घूमने आए थे। मूवी फ्लोर और सेकंड फ्लोर से होते हुए लिफ्ट जैसे ही फर्स्ट फ्लोर की ओर बढ़ी, बिजली गुल हो गई। इस दौरान लिफ्ट के भीतर तीन बच्चों, चार महिलाओं समेत 13 लोग मौजूद थे। इन लोगों ने पहले लिफ्ट खुलने का इंतजार किया, फिर हेल्प... हेल्प की आवाजें गूंजने लगीं।
लिफ्ट का गेट तोड़कर बाहर निकले
कुछ युवकों ने लिफ्ट के भीतर लिखे सिक्योरिटी इंचार्ज के नंबर पर आठ से दस बार कॉल की, पर कोई जवाब नहीं मिला। इसी दौरान बिहारीपुर निवासी शालिनी (17) बेहोश हो गई। इसके बाद अंदर फंसे पुरुषों ने लिफ्ट का गेट तोड़ना शुरू कर दिया। फर्स्ट फ्लोर पर मौजूद लोग भी जुट गए। सिक्योरिटी और मॉल के अन्य कर्मी भी पहुंच गए। सबने मिलकर किसी तरह लिफ्ट का गेट तोड़ा तो लोग बाहर निकाल सके।
लिफ्ट में नहीं था ऑपरेटर, अलार्म और कॉल बटन से भी नहीं मिली मदद
मॉल प्रबंधन ने लिफ्ट संचालन से जुड़े सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखा। लिफ्ट को ऑपरेटर के बिना ही संचालित किया जा रहा था। लिफ्ट के अंदर यदि ऑपरेटर होता तो वह अंदर फंसे लोगों को सुरक्षा नियमों की जानकारी दे सकता था और उन्हें गेट पर बल प्रयोग से रोक सकता था। लिफ्ट में लगा अलार्म बटन भी काम नहीं कर रहा था। कॉल बटन से भी कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला।
सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने बताया कि मामले की जानकारी पर चौकी चौराहा पुलिस को मौके पर भेजा गया था। हालांकि, तब तक लोग लिफ्ट से बाहर आ चुके थे और सुरक्षित थे। पूछताछ में मॉल प्रबंधन ने बताया कि जनरेटर जब तक चालू किया जाता, अंदर मौजूद किसी ने गेट पर लात मार दी। इससे सेंसर ने काम करना बंद कर दिया।
मॉल के ऑपरेशन मैनेजर ने दी ये दलील
सिटी सेंटर एलए मॉल के ऑपरेशन मैनेजर विदिन कुमार भार्गव ने बताया कि रात 9.24 बजे लिफ्ट ऊपर से नीचे आ रही थी। इस दौरान बिजली गुल होने से वह बंद हो गई। सामान्य तौर पर जनरेटर से लिफ्ट चालू होने में आधा से एक मिनट लगते हैं।
हमें लगता है कि इसी दौरान किसी ने लिफ्ट के गेट पर लात मार दी। इससे सिस्टम में एरर आ गया और लिफ्ट चालू नहीं हो सकी। तकनीकी टीम ने 35 मिनट में लिफ्ट खोलकर लोगों को बाहर निकाला। हमने लिफ्ट की कंपनी से संबंधित इंजीनियर की जवाबदेही तय की है। कल तक इसका सही कारण सामने आ जाएगा।