Bareilly News: धर्मस्थल पर शिवलिंग खंडित करने का आरोप, दो समुदाय के आमने-सामने, आठ लोग हिरासत में
गांव फाजिलपुर में धार्मिक स्थल को लेकर फिर विवाद हो गया। एक पक्ष ने प्रशासन की बिना अनुमति के धर्मस्थल पर दीवार बनवाई तो दूसरे पक्ष ने एतराज किया। आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने धर्मस्थल में घुसकर शिवलिंग को खंडित कर दिया। इस पर बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने हंगामा किया।
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बरेली के नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव फाजिलपुर में धर्मस्थल पर सुरक्षा दीवार बनाने के बाद विवाद खड़ा हो गया। एक पक्ष ने दूसरे समुदाय के लोगों ने शिवलिंग को खंडित करने का आरोप लगाया। इस पर दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आठ लोगों को हिरासत में लेकर थाने ले आई। इसकी जानकारी होने पर बृहस्पतिवार सुबह ग्रामीणों ने हंगामा किया। एसडीएम समेत अन्य अधिकारियों ने शिवलिंग को पुर्नस्थापित कराने के लिए आश्वासन दिया गया है। तनाव की स्थिति को देखते हुए गांव में पुलिस बल को तैनात किया गया है।
गांव फाजिलपुर गांव में धर्मस्थल पर निर्माण को लेकर लेकर बुधवार रात विवाद हो गया। प्रशासन के बिना अनुमति धर्मस्थल की सुरक्षा दीवार बनाने की जानकारी मिलने पर दूसरे समुदाय के लोग धर्मस्थल में घुस आए। आरोप है कि ब्रह्मदेव के पास रखी शिवलिंग को खंडित कर दीवार को तोड़ने का प्रयास किया। मामले की जानकारी मिलते ही दूसरे पक्ष के लोग लाठी-डंडा लेकर धर्मस्थल पर पहुंच गए। मामले को बिगड़ता देख दूसरे समुदाय के लोग अपने-अपने घरों को लौट गए। गांव में विवाद की जानकारी मिलते ही कोतवाल अरुण कुमार श्रीवास्तव और सीओ नीलेश मिश्र भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों ने किया हंगामा
पुलिस दोनों पक्षों से आठ लोगों को हिरासत में लेकर कोतवाली ले आई। कुछ देर बाद ही एसडीएम उदित पवार, तहसीलदार दुष्यंत प्रताप सिंह ने राजस्व टीम के साथ मौके पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू की। ग्रामीणों ने शिवलिंग खंडित करने का आरोप लगाकर हंगामा किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। अफसरों ने दूसरी शिवलिंग रखने की अनुमति देते हुए विवाद को समाप्त करने को कहा, जिस पर ग्रामीण मान गए। महिलाओं ने एसडीएम को ज्ञापन देकर आरोपियों पर कार्रवाई और मंदिर बनवाने की मांग की।
धर्मस्थल पर सीसीटीवी लगाने के निर्देश
कोतवाल अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि शीघ्र ही धर्मस्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही दोनों समुदाय के लोगों को आगाह किया है कि दोबारा कोई खुराफात करता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
2017 से चला आ रहा विवाद
ग्रामीणों के मुताबिक दोनों समुदाय के बीच वर्ष 2017 से विवाद की स्थिति बनी हुई है। उर्स और जुलूस के दौरान दोनों समुदाय के लोग आमने-समाने आ गए थे। तब प्रशासन ने आदेश दिया था कि प्रशासन के अनुमति के बिना कोई भी निर्माण नहीं कराया जाएगा, लेकिन इसके बाद भी धर्मस्थल पर निर्माण कराया गया।
नवाबगंज के एसडीएम उदित पवार ने बताया कि फाजिलपुर गांव में धर्मस्थल पर निर्माण को लेकर दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए थे। अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच मामले को सुलझा दिया गया है। प्रशासन के बिना अनुमति कोई भी निर्माण नहीं करेगा। साथ ही ग्रामीणों ने मंदिर बनवाने के लिए अनुमति की मांग की है। इस मामले को तहसीलदार को जांच के लिए दिया गया है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।