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Bareilly News: चांदरात पर कपड़े, इत्र और फुटवियर की खरीद के लिए बाजार में रही भीड़
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बरेली। ईद की खुशियां शुक्रवार शाम से ही शहर में दिखने लगीं। शहर के प्रमुख बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ रही। कपड़े, फुटवियर, इत्र आदि की खूब खरीदारी हुई। बड़ा बाजार, कुतुबखाना, सैलानी, किला, कोहाड़ापीर आदि के बाजारों में महिलाओं ने रंग-बिरंगी कामदार और जर्किन वाली चूड़ियां, बिंदिया, गहने, फुटवियर, रेडीमेड कपड़ों आदि की खरीदारी की। पुरुषों ने भी रेडीमेड कपड़े खरीदे। इन सबके बीच चाय, लस्सी, चाट-फास्ट फूड़ के स्टॉलों पर व्यंजनों का लुत्फ उठाया। ईद-उल-फितर की चांदरात पर बाजार में इत्र की भी खूब बिक्री हुई।
इस्लाम में इत्र को खुशबू को पवित्रता, स्वच्छता और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। पैगंबर इस्लाम की सुन्नत मानते हुए लोग खास मौकों पर इत्र खरीदते हैं। ज्यादातर अल्कोहल-फ्री (गैर-मादक) इत्र की मांग रहती है। यह शरई तौर पर भी जायज है। इसमें अरेबिक इत्र जैसे उद, मस्क, अंबर, रोज, शमामा और देहन अल ओयूद की मांग सबसे ज्यादा है।
दुकानदार नावेद हाशमी का कहना है कि रमजान में इत्र की बिक्री में चार-पांच गुना इजाफा हो जाता है। कई लोग परिजनों और दोस्तों को भेंट के तौर पर इत्र देते हैं। संवाद
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इस्लाम में इत्र को खुशबू को पवित्रता, स्वच्छता और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। पैगंबर इस्लाम की सुन्नत मानते हुए लोग खास मौकों पर इत्र खरीदते हैं। ज्यादातर अल्कोहल-फ्री (गैर-मादक) इत्र की मांग रहती है। यह शरई तौर पर भी जायज है। इसमें अरेबिक इत्र जैसे उद, मस्क, अंबर, रोज, शमामा और देहन अल ओयूद की मांग सबसे ज्यादा है।
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दुकानदार नावेद हाशमी का कहना है कि रमजान में इत्र की बिक्री में चार-पांच गुना इजाफा हो जाता है। कई लोग परिजनों और दोस्तों को भेंट के तौर पर इत्र देते हैं। संवाद