UP News: बरेली से होकर गुजरेगा हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, भविष्य में दौड़ेगी बुलेट ट्रेन; यहां बनेगा कंटेनर हब
आम बजट में दिल्ली-वाराणसी के बीच 790 किलोमीटर का हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है। यह रेल कॉरिडोर बरेली होकर गुजरेगा। इस संबंध में सोमवार को रेलवे अफसरों ने जानकारी साझा की।
विस्तार
आम बजट के दूसरे दिन सोमवार को सरकार की ओर से रेलवे को लेकर की गईं घोषणाओं पर स्थिति काफी हद तक साफ हो गई है। इज्जतनगर मंडल की डीआरएम वीणा सिन्हा और मुरादाबाद मंडल की डीआरएम विनीता श्रीवास्तव ने इस संबंध में जानकारियां साझा कीं। दोनों अफसर रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव भी वीडियो कांफ्रेंस के जरिये वार्ता में शामिल हुए।
अधिकारियों ने साफ किया है कि दिल्ली-वाराणसी के बीच 790 किलोमीटर का हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बरेली होकर गुजरेगा। इसे बुलेट ट्रेन के संचालन के लिहाज से विकसित किया जाएगा। भविष्य में इस रेल कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेनें 300 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी। बरेली से एक घंटे में दिल्ली और एक घंटे में लखनऊ पहुंचा जा सकेगा। साथ ही, भिटौरा स्टेशन को कंटेनर हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
बरेली को उत्तर प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखंड के मेंटीनेंस हब बनाया जाएगा। यहां एक वॉशिंग लाइन पहले से है। 26-26 कोच की दो वॉशिंग लाइनें और मेंटीनेंस शेड का निर्माण जल्द शुरू होगा। 350 करोड़ की लागत से जंक्शन का जीर्णोद्धार प्रस्तावित है। बरेली में वंदे भारत मेंटीनेंस शेड भी विकसित करने की योजना है।
उत्तराखंड के लिए सर्वाधिक बजट
उत्तर रेलवे का मुरादाबाद और पूर्वोत्तर रेलवे का इज्जतनगर मंडल उत्तराखंड के कुमाऊं और गढ़वाल रीजन को रेलवे कनेक्टिविटी देता है। बजट में उत्तराखंड की रेलवे परियोजनाओं के लिए 4,769 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उत्तर और पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से उत्तराखंड में 39,491 करोड़ की परियोजनाओं पर पहले से काम चल रहा है।
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फोर लाइन रेल प्रोजेक्ट के लिए पूरा हो चुका सर्वे
गाजियाबाद-लखनऊ के बीच 330 किलोमीटर फोर लाइन रेल प्रोजेक्ट का सर्वे पहले ही पूरा हो चुका है। पिछले माह इसकी डीपीआर भेजी जा चुकी है। बरेली-पीलीभीत-मैलानी-सीतापुर, भोजीपुरा-लालकुआं और काठगोदाम-लालकुआं रेल लाइनों के दोहरीकरण के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे (एफएलएस) को भी मंजूरी मिल चुकी है। दिल्ली-लखनऊ के बीच 493 किलोमीटर के मेंटीनेंस कॉरिडोर के लिए सर्वे चल रहा है।
- 48.90 करोड़ से यार्ड रिमॉडलिंग।
- 49.16 करोड़ से मुरादाबाद-लखनऊ के बीच सेफ्टी फेंसिंग।
- 9.74 करोड़ से 26-26 कोच की दो वॉशिंग लाइनों का निर्माण।
- 2.62 करोड़ से सभी छह प्लेटफॉर्म पर क्विक वाटरिंग सिस्टम।
- 4.35 करोड़ से एसी मेंटेनेंस शेड का निर्माण।
- 3.50 करोड़ से इज्जतनगर रेल डिपो का आधुनिकीकरण।
- 4.48 करोड़ से इज्जतनगर वर्कशॉप में यार्ड निर्माण।
- 3.53 करोड़ से एसी कोचों की सीटें बदली जाएंगी।
- 28.52 करोड़ से ट्रेनों के कोचों में सुधार के कार्य।
- 9.54 करोड़ से टनकपुर स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का विकास।
- 3.99 करोड़ से लालकुआं में वॉशिंग लाइन का 170 मीटर विस्तार।
- 6.71 करोड़ से रामनगर में नई सिक लाइन का निर्माण।
- 11.03 करोड़ से लालकुआं में 600 मीटर लंबी दूसरी पिट लाइन का निर्माण।
- 6.18 करोड़ से इज्जतनगर यार्ड में दो स्टेबलिंग लाइन।
- 7.48 करोड़ से कासगंज में 600 मीटर लंबी दूसरी वॉशिंग लाइन का निर्माण।
