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UP News: दो साल में 3103 लोगों की सड़क हादसों में गई जान, इन चारों जिलों में क्रिटिकल कॉरिडोर चिह्नित
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 03 Feb 2026 10:28 AM IST
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सार
बरेली मंडल में सड़क सुरक्षा के लिए एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके लिए टीम गठित की गई है। यह टीम चिह्नित क्रिटिकल कॉरिडोर की मॉनिटरिंग कर सड़क हादसों की वजह पता करेगी।
बरेली-बदायूं हाईवे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
यातायात बढ़ने के साथ ही सड़क हादसों में भी अप्रत्याशित रूप से वृद्धि हुई है। बरेली मंडल के चारों जिलों बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत में दो साल में हुए सड़क हादसों में 3103 लोगों की जान चली गई। इन आंकड़ों को देखते हुए बरेली और बदायूं के बाद अब शाहजहांपुर और पीलीभीत जिलों को भी शून्य मृत्यु दर अभियान में शामिल किया गया है।
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इस अभियान के तहत सर्वाधिक दुर्घटनाओं से संबंधित क्रिटिकल कॉरिडोर चिह्नित कर लिए गए हैं। सड़क सुरक्षा संबंधी एक्शन प्लान तैयार करने के लिए पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, स्वास्थ्य विभाग, आरटीओ, संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस और यातायात निरीक्षक की सात सदस्यीय टीम गठित की गई है। यह टीम कॉरिडोर की मॉनिटरिंग कर हादसों की वजह पता करेगी। कमियों को दूर कर शून्य मृत्यु दर अभियान का समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी।
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ये क्रिटिकल कॉरिडोर हुए चिह्नित
बरेली
- नेशनल हाईवे 530 : देवरनिया रोड से मीरगंज तक।
- स्टेट हाईवे 37 : तिलक इंटर कॉलेज किला से बहेड़ी तक।
- नेशनल हाईवे 30 : फतेहगंज पूर्वी से बरेली तक।
- नेशनल हाईवे 21 : मोहनपुर बरेली से मौसमी रिसॉर्ट रिठौरा रोड बरेली तक।
- नेशनल हाईवे 730बी : रिझौला से श्रीराम फॉर्म बरेली तक।
बदायूं
- स्टेट हाईवे 43 : मुरादाबाद से फर्रुखाबाद मार्ग।
- स्टेट हाईवे 51 : बदायूं से बिजनौर मार्ग।
- स्टेट हाईवे 18 : मेरठ से बदायूं मार्ग।
- नेशनल हाईवे 21 : बरेली-मथुरा-भरतपुर मार्ग।
शाहजहांपुर
- नेशनल हाईवे 30 : प्रसाद बीज भंडार भेदपुर से महेश धर्मकांटा तक।
- नेशनल हाईवे 30 : इंटीग्रल यूनिवर्सिटी सेंटर से अठसलिया ओवरब्रिज तक।
- नेशनल हाईवे 30 : धनेला से हुलासनगरा तक।
- नेशनल हाईवे 30 : ददरौल मोड़ से जमुनिया दौलतपुर तक।
- नेशनल हाईवे 30 : कटिउली से हुल्लापुर चौराहे तक।
- नेशनल हाईवे 730 : पीलीभीत-पूरनपुर-खुटार मार्ग।
- नेशनल हाईवे 30 : बरेली-सितारगंज मार्ग।
- नेशनल हाईवे 731 : रडयता, बीसलपुर, बरखेड़ा, असम चौराहा, खटीमा मार्ग।
किए जाएंगे ये उपाय
मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने बताया कि मंडल के चारों जिलों में सड़क हादसों में शून्य मृत्यु दर का लक्ष्य है। इसके लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। शासन की स्वीकृति के बाद इसे अमल में लाया जाएगा।
- ड्रोन एनालिटिक्स मॉनिटरिंग सिस्टम (डीएएमएस) के जरिये दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान कर उनका समाधान।
- ब्लैक स्पॉट को चिह्नित कर सड़क सुरक्षा संबंधी उपाय।
- सीसी कैमरों की मदद से क्रिटिकल कॉरिडोर की मॉनिटरिंग।
- उच्च मृत्यु दर वाले स्थानों की पहचान कर वहां की रोड इंजीनियरिंग में सुधार कराना।
- अवैध कट को बंद करना। हाईवे पर ऐसी व्यवस्था होगी कि कोई डिवाइडर को पार नहीं कर सकेगा।
- प्रत्येक हाईवे पर एक अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर की स्थापना।
- हाईवे किनारे के सीएचसी और पीएचसी को आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं से लैस करना।
- हाईवे पर एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस और क्रेन के साथ क्रिटिकल कॉरिडोर टीम की चौबीस घंटे उपलब्धता।
- आमजन को जागरूक कर सामुदायिक भागीदारी को बढ़ाना और प्राथमिक उपचार के प्रशिक्षण को बढ़ावा देना।
मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने बताया कि मंडल के चारों जिलों में सड़क हादसों में शून्य मृत्यु दर का लक्ष्य है। इसके लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। शासन की स्वीकृति के बाद इसे अमल में लाया जाएगा।
