UP: बरेली में जमीन के दाम छुएंगे आसमान, घर बनाना होगा महंगा; जल्द लागू होगा नया सर्किल रेट
बरेली जिला प्रशासन ने शहर में नए सर्किल रेट तैयार कर लिए हैं, जिससे जमीन खरीदना और मकान बनाना महंगा हो जाएगा। बाजार भाव के आधार पर पुरानी दरों में 10 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित है। सिविल लाइंस सबसे महंगा आवासीय इलाका बना है।
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बरेली में नए सर्किल रेट लागू होने के बाद जमीन खरीदना और मकान बनाना अब और महंगा हो जाएगा। जिला प्रशासन ने नई दरें तैयार कर ली हैं। आपत्तियों-सुझावों के निस्तारण के बाद इसे लागू करने की तैयारी है। सर्वे के आधार पर पॉश इलाकों में प्रति वर्गमीटर की दर से रेट बढ़ाया जाएगा।
बाइपास और प्रमुख हाईवे से सटे देहात के क्षेत्रों में प्रति हेक्टेयर के हिसाब से नई दरें तय की जाएंगी। इससे आने वाले दिनों में जमीन की रजिस्ट्री कराने पर आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय है।
निबंधन विभाग के सर्वे के मुताबिक, जिन कॉलोनियों में नौ मीटर (करीब 30 फीट) या उससे अधिक चौड़े रास्ते हैं, वहां जमीन के रेट सबसे अधिक बढ़ाए गए हैं। सिविल लाइंस क्षेत्र शहर का सबसे महंगा आवासीय इलाका बनकर उभरा है।
वित्त वर्ष 2025-26 में भी इस इलाके के सर्किल रेट में सर्वाधिक बढ़ोतरी की गई थी। अय्यूब खां चौराहे से नावल्टी तक व्यावसायिक उपयोग की जमीनों के रेट में सर्वाधिक बढ़ोतरी की गई थी। आवास विकास कॉलोनी, मेगा मेंशन, रहीम पैलेस में सर्वाधिक सर्किल रेट बढ़े थे।
इन क्षेत्रों में 10 से 20 फीसदी बढ़ोतरी प्रस्तावित
बाजार की कीमतों के आधार पर किया गया सर्वे
अक्सर का देखा जाता है कि जिस इलाके में दुकानें, शोरूम, बड़े अस्पताल या स्कूल खुल जाते हैं। वहां जमीनों के दाम आसमान छूने लगते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की टीमों ने पूरे जिले का सर्वे किया है। सर्वे में देखा गया है कि किस इलाके में जमीनों की खरीद-फरोख्त (बाजार भाव) सबसे ज्यादा है और कहां व्यावसायिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं।
इसी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर अब जमीनों के नए रेट तय किए जा रहे हैं। उप निबंधक कार्यालय द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव को जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा। प्रशासन इस पर आम जनता व जमीन कारोबारियों से आपत्तियां व सुझाव मांगेगा। सुनवाई और आपत्तियों के निस्तारण के बाद नई दरों की अंतिम अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
स्टांप शुल्क पर भी पड़ेगा असर
सर्किल रेट बढ़ने का सीधा असर रजिस्ट्री के दौरान लगने वाली स्टांप ड्यूटी पर पड़ेगा। सिविल लाइंस या आवास विकास कॉलोनी में नौ मीटर चौड़े रास्ते पर 100 वर्गमीटर का प्लॉट खरीदने पर उसकी न्यूनतम कीमत 66 लाख रुपये मानी जाएगी। इसी आधार पर स्टांप और निबंधन शुल्क चुकाना होगा। अय्यूब खां चौराहे से नावल्टी के बीच जमीनों के सर्किल रेट पूरे जिले में सबसे अधिक हैं।
एडीएम वित्त एवं राजस्व संतोष सिंह ने बताया कि पुराने सभी सर्किल रेट बाजार भाव के अनुसार 10 से 20 फीसदी तक बढ़ाए जाएंगे। बीडीए, नगर निगम की सीमा में शामिल क्षेत्रों और औद्योगिक इलाकों में सबसे अधिक सर्किल रेट बढ़ने की संभावना है। सर्वे कर दरें तैयार कर ली गई हैं। उस पर आपत्तियां लेकर उनका निस्तारण करने के बाद जिलाधिकारी की स्वीकृति से नया रेट 10 दिनों में लागू कर दिया जाएगा।