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UP News: बरेली में ठगी के आरोपी कन्हैया गुलाटी पर कसा शिकंजा, गैंगस्टर एक्ट तहत होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 01 Jan 2026 12:08 PM IST
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सार
कैनविज ग्रुप के मालिक कन्हैया लाल गुलाटी ने अपने साथियों के साथ मिलकर बरेली के लोगों को ही नहीं बल्कि कई राज्यों के लोगों से ठगी की है। गुलाटी और उसके गुर्गों पर 40 मुकदमे दर्ज हैं। बरेली रेंज के डीआईजी ने गुलाटी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने व हिस्ट्रीशीट खोलने के निर्देश दिए हैं।
आरोपी कन्हैया गुलाटी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सैकड़ों लोगों से अरबों रुपये की ठगी करके भागे कैनविज ग्रुप के मालिक कन्हैया लाल गुलाटी पर अब बरेली रेंज के डीआईजी ने शिकंजा कस दिया है। उन्होंने जानकारी कराई तो पता लगा कि गुलाटी व उसके गुर्गों पर देश भर में 40 मामले दर्ज हैं। डीआईजी ने बताया कि कन्हैया गुलाटी पर गैंगस्टर के तहत संपत्ति जब्तीकरण, गैंग पंजीकरण तथा हिस्ट्रीशीट खोलने की प्रक्रिया शुरू करा दी है। गुर्गों की संपत्ति की जांच के भी आदेश दिए हैं।
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डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बताया कि बरेली के स्टेडियम रोड निवासी कन्हैया लाल गुलाटी के बारे में जानकारी मिली है कि वह 800 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी करके भाग गया है। उसके खिलाफ बरेली में 34 मामले दर्ज है। इसके अलावा जिला शाहजहांपुर में दो, अयोध्या में एक, कासगंज में एक, बिहार राज्य के जिला बेरोह में एक व झारखंड राज्य के रांची में एक मामला दर्ज है।
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डीआईजी ने बताया कि दर्ज मामलों में साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त न्यायालय में विचाराधीन अभियोगों में ऑपरेशन कन्विक्शन के जरिये प्रभावी पैरवी की जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि दर्ज मामलों में जल्दी व अधिक से अधिक सजा कराई जा सके। साथ ही नियमानुसार गैंगस्टर अधिनियम की धारा 14(1) के तहत संपत्ति जब्तीकरण, गैंग पंजीकरण तथा हिस्ट्रीशीट खोलने की प्रक्रिया प्रचलित है।
गुलाटी के गुर्गों की भी संपत्ति होगी जब्त
डीआईजी रेंज अजय कुमार साहनी ने बताया कि इज्जतनगर के उदित पार्ट 2 निवासी मोहम्मद यासीन और डीडीपुरम निवासी आशीष महाजन के नाम गुलाटी के सहयोगियों के रूप में प्रमुखता से आए हैं। इन दोनों के खिलाफ थानों में मामले भी दर्ज हैं। गुलाटी के अलावा उसके साथ जनता से ठगी करने वाले इन लोगों व प्रकाश में आने वाले दूसरे आरोपियों के खिलाफ भी उन्हीं धाराओं में कार्रवाई कराई जाएगी। भविष्य में इनकी संपत्ति भी गैंगस्टर की धारा के तहत जब्त की जाएगी।
भाजपा जिला कोषाध्यक्ष से भी ठगे 13 लाख रुपये
कैनविज चिटफंड कंपनी के मालिक कन्हैया लाल गुलाटी, उसके परिवार और साथियों ने ठगी के मामले में किसी को नहीं छोड़ा। नेता, अफसर और ठेकेदारों तक की कमाई ठगकर खिसक गए। ठगी के मामले में बुधवार को एक और रिपोर्ट दर्ज कराई गई। भाजपा जिला कोषाध्यक्ष मनोज कुमार गुप्ता ने 13 लाख की ठगी के मामले में किला थाने में गुलाटी, उसकी पत्नी राधिका गुलाटी, बेटा गोपाल गुलाटी आदि को नामजद कराया है।
किला छावनी स्थित वीआर गुप्ता अस्पताल के संचालक और भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष मनोज गुप्ता ने किला थाना प्रभारी सुभाष सिंह को बताया कि डेढ़ साल पहले आशुतोष सिटी निवासी योगेंद्र गंगवार और वीर सावरकर नगर निवासी यतेंद्र गंगवार व चार अज्ञात लोग उनके पास आए। कैनविज कंपनी का अधिकारी बताकर बीस महीने में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर निवेश के लिए प्रोत्साहित किया। निवेश का पांच प्रतिशत ब्याज खाते में भेजने का भी झूठा वादा किया।
पत्नी के नाम पर भी ठगी
भाजपा नेता मनोज ने कैनविज में निवेश करने से मना किया तो योगेंद्र और यतेंद्र ने कन्हैया गुलाटी उसकी पत्नी राधिका गुलाटी और पुत्र गोपाल गुलाटी को कंपनी का चेयरमैन बताकर अर्जित की गई संपत्ति के बारे में बताया। मनोज ने केएम एसोसिएट्स में एक लाख रुपये निवेश कर दिए। कंपनी ने विश्वास हासिल करने के लिए 4500 रुपये ब्याज के रूप में लौटाए। इसके बाद मनोज की पत्नी दुर्गेश गुप्ता के नाम से निवेश करने के लिए दो लाख रुपये झटक लिए। दंपती से दस लाख रुपये निवेश करने के नाम पर और ऐंठ लिए।
कैनविज चिटफंड कंपनी के मालिक कन्हैया लाल गुलाटी, उसके परिवार और साथियों ने ठगी के मामले में किसी को नहीं छोड़ा। नेता, अफसर और ठेकेदारों तक की कमाई ठगकर खिसक गए। ठगी के मामले में बुधवार को एक और रिपोर्ट दर्ज कराई गई। भाजपा जिला कोषाध्यक्ष मनोज कुमार गुप्ता ने 13 लाख की ठगी के मामले में किला थाने में गुलाटी, उसकी पत्नी राधिका गुलाटी, बेटा गोपाल गुलाटी आदि को नामजद कराया है।
किला छावनी स्थित वीआर गुप्ता अस्पताल के संचालक और भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष मनोज गुप्ता ने किला थाना प्रभारी सुभाष सिंह को बताया कि डेढ़ साल पहले आशुतोष सिटी निवासी योगेंद्र गंगवार और वीर सावरकर नगर निवासी यतेंद्र गंगवार व चार अज्ञात लोग उनके पास आए। कैनविज कंपनी का अधिकारी बताकर बीस महीने में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर निवेश के लिए प्रोत्साहित किया। निवेश का पांच प्रतिशत ब्याज खाते में भेजने का भी झूठा वादा किया।
पत्नी के नाम पर भी ठगी
भाजपा नेता मनोज ने कैनविज में निवेश करने से मना किया तो योगेंद्र और यतेंद्र ने कन्हैया गुलाटी उसकी पत्नी राधिका गुलाटी और पुत्र गोपाल गुलाटी को कंपनी का चेयरमैन बताकर अर्जित की गई संपत्ति के बारे में बताया। मनोज ने केएम एसोसिएट्स में एक लाख रुपये निवेश कर दिए। कंपनी ने विश्वास हासिल करने के लिए 4500 रुपये ब्याज के रूप में लौटाए। इसके बाद मनोज की पत्नी दुर्गेश गुप्ता के नाम से निवेश करने के लिए दो लाख रुपये झटक लिए। दंपती से दस लाख रुपये निवेश करने के नाम पर और ऐंठ लिए।
गुर्गे देते रहे दिलासा गुलाटी माल समेटकर भागा
मनोज गुप्ता ने बताया कि इस बीच उन्हें गुलाटी गैंग के भागने की जानकारी हुई तो मनोज ने योगेंद्र और यतेंद्र से संपर्क किया। दोनों ने बताया कि गुलाटी साहब बैठकें करने में व्यस्त हैं और हमारे संपर्क में हैं। गुलाटी के भागने को कोरी अफवाह बताया। जब ब्याज न आने की बात कही तो गुर्गों ने कहा कि कंपनी का साॅफ्टवेयर अपडेट नहीं है। मनोज को ठगी का अहसास हुआ तो वह किला थाने आए। थाना प्रभारी ने बताया कि कन्हैया गुलाटी, राधिका गुलाटी, गोपाल गुलाटी, योगेंद्र, यतेंद्र और चार अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
मनोज गुप्ता ने बताया कि इस बीच उन्हें गुलाटी गैंग के भागने की जानकारी हुई तो मनोज ने योगेंद्र और यतेंद्र से संपर्क किया। दोनों ने बताया कि गुलाटी साहब बैठकें करने में व्यस्त हैं और हमारे संपर्क में हैं। गुलाटी के भागने को कोरी अफवाह बताया। जब ब्याज न आने की बात कही तो गुर्गों ने कहा कि कंपनी का साॅफ्टवेयर अपडेट नहीं है। मनोज को ठगी का अहसास हुआ तो वह किला थाने आए। थाना प्रभारी ने बताया कि कन्हैया गुलाटी, राधिका गुलाटी, गोपाल गुलाटी, योगेंद्र, यतेंद्र और चार अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
