सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Prices of bricks, steel bars, tiles, and paint have risen due to the iran war

युद्ध का असर: अब घर बनाना हुआ महंगा, ईंट-सरिया, टाइल्स और पेंट की कीमतें बढ़ीं

अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: Mukesh Kumar Updated Mon, 30 Mar 2026 07:40 AM IST
विज्ञापन
सार

पश्चिमी एशिया में छिड़े युद्ध के कारण भवन निर्माण सामग्री के भाव में 20 फीसदी तक उछाल आया है। ईंट, सरिया, टाइल्स और पेंट की कीमतों में इजाफा हुआ है, जिससे अब घर बनाना महंगा हो गया। कारोबारियों के मुताबिक अगर स्थिति नहीं सुधरी तो आने वाले दिनों में और तेजी आने की आशंका है। 

Prices of bricks, steel bars, tiles, and paint have risen due to the iran war
ईंटों के दाम बढ़े - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर निर्माण कार्यों पर भी पड़ने लगा है। सरिया, ईंट, टाइल्स, पेंट आदि की कीमतों में 20 फीसदी तक उछाल आया है। युद्ध न थमा तो आगामी दिनों में कीमतों में और उछाल की आशंका है।

Trending Videos


बरेली के कारोबारियों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित होने और परिवहन लागत बढ़ने से कीमतों में उछाल आ रहा है। सीमेंट, रेत, बजरी के दाम फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन ईंट, टाइल्स, सरिया और पेंट की कीमतों में खासी तेजी है। मजदूरी के साथ सामग्री के बढ़ते खर्च के कारण छोटे ठेकेदारों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। बिल्डरों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर स्थिति सामान्य होने तक निर्माण सामग्री के दामों में राहत की संभावना कम है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आगामी दिनों में प्रॉपर्टी भी महंगी हो सकती है। रियल एस्टेट कारोबारी विपिन अग्रवाल के मुताबिक, पहले रोजाना दो से तीन लोग मकान खरीदने के लिए संपर्क करते थे, लेकिन बीते 15-20 दिनों में आठ से दस लोगों ने ही संपर्क किया। इसमें भी दो से तीन ही विजिट के लिए साइट तक आए। फिलहाल, लोग अपनी गाढ़ी कमाई को होल्ड कर रहे हैं।

कोयला दोगुना, डेढ़ गुना हुए जलौनी के भाव
बरेली ईंट भट्ठा एसोसिएशन के लीगल एडवाइजर एडवोकेट मोहम्मद यूसुफ खान के मुताबिक, कोयले का रेट 15 हजार से बढ़कर भाड़े के साथ 28 हजार रुपये प्रति टन पहुंच गया है। आपूर्ति सीमित होने से जलौनी लकड़ी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके भाव भी 500 से बढ़कर आठ सौ रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गए हैं। इससे प्रति हजार ईंट के भाव पांच हजार से बढ़कर छह हजार के पार पहुंच गए हैं। मजदूर भी घर लौटने लगे हैं। 15 फरवरी से 15 जून तक भट्ठों में भराई होती है। इस बार जिले के तीन सौ भट्ठों में से कई संचालक भराई नहीं करा रहे। हालात न सुधरे तो माह भर में ही भाव सात हजार तक पहुंच सकता है।

थिनर, तारपीन 22 फीसदी महंगे
पेंट कारोबारी मुकुल मित्तल के मुताबिक, डिमांड और सप्लाई का गैप बढ़ने से सप्लायरों ने रेट बढ़ा दिए हैं। तारपीन, थिनर जैसे केमिकल व पेंट आदि पेट्रोलियम उत्पाद, वुड पॉलिश सभी के दाम बढ़े हैं। जुबिलिएंट ग्रुप के उत्पादों में 17 से 22 फीसदी तक इजाफा हुआ है। एशियन, नेरोलैक पेंट ने कीमत तो नहीं बढ़ाई, लेकिन डिस्काउंट बंद कर दिया है।

20 दिन में 15 फीसदी बढ़ी टाइल्स की चमक
टाइल्स कारोबारी धीरज कुमार अग्रवाल के मुताबिक, इंडस्ट्रियल गैस आपूर्ति की किल्लत से 20 दिन में टाइल्स के भाव में 15 फीसदी तक इजाफा हुआ है। एक टन माल का भाड़ा 31 सौ से 34 सौ रुपये हो गया है। कंपनियों ने अप्रैल के पहले सप्ताह में ही भाव और बढ़ने के संकेत दिए हैं। सरिया कारोबारी हर्षित ने भी कीमतों में आठ फीसदी बढ़त की बात कही है। लोहा 60 रुपये प्रति किलो था जो अब 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। इसमें भाड़ा अतिरिक्त है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed