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Bareilly News: बौर ने बख्शी सांसें, अब मिठास लुटाएंगे आम के पेड़
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बरेली। बौर ने करीब दो सौ आम के पेड़ों को सांसें बख्श दी। इनकी कटान में पहले कानूनी अड़चन रही, फिर स्थलीय सत्यापन में देरी हुई। अब ये पेड़ जहां वातावरण की सेहत सुधारेंगे, वहीं आरी चलाने के लिए आतुर इन्सान को अपनी मिठास से निहाल करेंगे।
वन विभाग को करीब 50 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनके जरिये पांच सौ पेड़ों की कटान के लिए अनुमति मांगी गई थी। 20 मार्च तक इन आवेदनों की जांच कर अनुमति दी जानी थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। दरअसल, ट्री प्रोटेक्शन एक्ट 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया था। नया एक्ट 25 फरवरी को लागू किया गया। इसके बाद आवेदनों की स्थलीय जांच हुई। करीब दो सौ पेड़ों पर बौर पाए जाने पर उनकी कटाई की अनुमति नहीं दी गई। अब ये बौर फल का रूप लेंगे। जो लोग इन पेड़ों को काटने के लिए अनुमति मांग रहे थे, उन्हीं को अमिया की मिठास से निहाल करेंगे। ब्यूरो
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आवेदनों का स्थलीय निरीक्षण कर लिया गया है। जिन पेड़ों में बौर या फल आ गए हैं, उनको छोड़कर अन्य पेड़ों को काटने की अनुमति दे दी गई है। - विमल भारद्वाज, उप प्रभागीय वनाधिकारी
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वन विभाग को करीब 50 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनके जरिये पांच सौ पेड़ों की कटान के लिए अनुमति मांगी गई थी। 20 मार्च तक इन आवेदनों की जांच कर अनुमति दी जानी थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। दरअसल, ट्री प्रोटेक्शन एक्ट 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया था। नया एक्ट 25 फरवरी को लागू किया गया। इसके बाद आवेदनों की स्थलीय जांच हुई। करीब दो सौ पेड़ों पर बौर पाए जाने पर उनकी कटाई की अनुमति नहीं दी गई। अब ये बौर फल का रूप लेंगे। जो लोग इन पेड़ों को काटने के लिए अनुमति मांग रहे थे, उन्हीं को अमिया की मिठास से निहाल करेंगे। ब्यूरो
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आवेदनों का स्थलीय निरीक्षण कर लिया गया है। जिन पेड़ों में बौर या फल आ गए हैं, उनको छोड़कर अन्य पेड़ों को काटने की अनुमति दे दी गई है। - विमल भारद्वाज, उप प्रभागीय वनाधिकारी