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Basti News: चैत्र नवरात्र के लिए तैयार हो रहा देवी मंदिर
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बस्ती। भगवान राम के समय का श्रृंगीनारी मंदिर खुद की व्यवस्था से ही साफ-सफाई और सुरक्षा का इंतजाम करता है। मंदिर प्रबंधन और गांव के लोग प्रतिवर्ष दोनों नवरात्र में मंदिर की सफाई करते हैं। गांव के ही युवक सुरक्षा की कमान संभालते हैं। प्रशासनिक स्तर से यहां कोई इंतजाम नहीं किया जाता है। इस वर्ष भी चैत्र नवरात्र में मंदिर के चारों तरफ जमा कूड़े का ढेर व गंदगी साफ करने के लिए कुछ श्रद्धालु व समाजसेवी जुट गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने नवरात्र में मंदिरों की सफाई व सुरक्षा का विशेष ध्यान देने का निर्देश दिए हैं। इसी के तहत सफाई कर्मी पहली बार लगाए गए हैं। वैसे यह कार्य श्रद्धालुओं द्वारा ही किया जाता है। तीन इंडिया मार्क हैंडपंप लोगों के पानी की जरूरत पूरी करने के लिए स्थापित हैं।
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मंदिर का इतिहास
भगवान राम के जन्म से जुड़ा होने के कारण इस मंदिर की क्षेत्र में काफी प्रसिद्धि है। मान्यता है कि जब मखौड़ा में श्रृंगीऋषि पुत्र कामेष्टि यज्ञ कर रहे थे तो उनकी पत्नी देवी शांता यहां पर मां भगवती की पिंडी स्थापित कर यज्ञ की रक्षा के लिए अनुष्ठान कर रहीं थीं। यह स्थान त्रेता युग से लोगों की आस्था का केंद्र है। मंदिर का वर्तमान स्वरूप 76 वर्ष पूर्व अस्तित्व में आया। गोंडा जनपद के मसकना निवासी पलटू दास के प्रयास से मंदिर को वर्तमान स्वरूप मिला। उससे पूर्व यह स्थान काफी निर्जन और जीर्ण-शीर्ण अवस्था में था।
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भगवान राम के जन्म से जुड़ा होने के कारण इस मंदिर की क्षेत्र में काफी प्रसिद्धि है। मान्यता है कि जब मखौड़ा में श्रृंगीऋषि पुत्र कामेष्टि यज्ञ कर रहे थे तो उनकी पत्नी देवी शांता यहां पर मां भगवती की पिंडी स्थापित कर यज्ञ की रक्षा के लिए अनुष्ठान कर रहीं थीं। यह स्थान त्रेता युग से लोगों की आस्था का केंद्र है। मंदिर का वर्तमान स्वरूप 76 वर्ष पूर्व अस्तित्व में आया। गोंडा जनपद के मसकना निवासी पलटू दास के प्रयास से मंदिर को वर्तमान स्वरूप मिला। उससे पूर्व यह स्थान काफी निर्जन और जीर्ण-शीर्ण अवस्था में था।
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