सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Gas shortage...queues at agencies for cooking

Basti News: गैस की किल्लत...रसोई के लिए एजेंसियों पर कतार

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 12 Mar 2026 01:34 AM IST
विज्ञापन
Gas shortage...queues at agencies for cooking
शहर के रत्नाकर गैस एजेंसी स्टेशन रोड पर लगी भीड़। संवाद
विज्ञापन
बस्ती। रसोई गैस की किल्लत अभी खत्म होने वाली नहीं है। बुधवार को एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ पहले से भी ज्यादा देखी गई। खाली सिलिंडर के साथ लोग लाइन में खड़े हो रहे हैं। अब एक-एक कर सभी एजेंसियों पर रसोई गैस का संकट गहराने लगा है।
Trending Videos

कई घरों में रसोई गैस खत्म होने से चूल्हे भी जलने बंद हो गए हैं। एजेंसी संचालक, मैनेजर से लेकर हॉकर और कर्मचारी तक अपने मोबाइल फोन बंद रख रहे हैं। आपूर्ति विभाग के जिम्मेदार भी रसोई गैस दिलाने से हाथ खड़े कर ले रहे हैं। जिले में चौतरफा हाहाकार मचा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बुधवार को एजेंसी गैस नहीं मिलने से शहर के कुछ जागरूक उपभोक्ता डीएसओ कार्यालय पहुंचे। यहां का नजारा बदला हुआ था। दिन में 12 बजे के आसपास कार्यालय के बाहर कुछ उपभोक्ता डीएसओ विमल कुमार शुक्ल से मिलने की प्रतीक्षा में थे। अंदर उनका कक्ष खाली रहा।
वह एक अलग कमरे में कंप्यूटर बाबू के साथ डीएम के साथ प्रस्तावित बैठक की रिपोर्ट तैयार करवाते नजर आए। इसी बीच कुछ उन्हें ढूंढते हुए संबंधित कक्ष में पहुंच गए। रसोई गैस दिलाने की सिफारिश करने लगे। उन्हें संबंधित बाबू नवीन कुमार को एजेंसी संचालक से बात करने को कहा।
जवाब में बाबू ने कहा कि साहब किसी भी एजेंसी के संचालक, मैनेजर फोन नहीं उठा रहे हैं। फिर क्या डीएसओ भी परिचित उपभोक्ताओं के सामने हाथ खड़े कर दिए। बोले-शाम को आइए तब कुछ प्रयास करते हैं। इस तरह विभागीय जिम्मेदार भी उपभोक्ताओं के सामने समस्या का समाधान करने में असमर्थता व्यक्त कर रहे हैं।
डीएसओ कार्यालय में मौजूद उपभोक्ता बसंत कुमार ने कहा कि जब विभाग खुद सिलिंडर दिलाने में लाचार हैं तो अब किससे गुहार लगाई जाए। इस तरह की समस्या तो 10-12 साल पहले भी नहीं थी जब पूरे जिले में केवल पांच-छह एजेंसी संचालित होती रही। वर्तमान में 39 एजेंसी क्रियाशील हैं, इसके बाद भी उपभोक्ताओं को सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है।
डीएम ने दिखाई सख्ती, एजेंसियों पर तैनात किए गए पूर्ति निरीक्षक : रसोई गैस को लेकर मचे हाहाकार के बाद डीएम कृत्तिका ज्योत्सना ने सख्ती दिखाई है। उनके निर्देश पर बुधवार को आनन-फानन डीएसओ की ओर पूर्ति निरीक्षकों का ड्यूटी चार्ट तैयार किया गया है। शहरी क्षेत्र के प्रत्येक एजेंसी पर पूर्ति निरीक्षक की निगरानी में वितरण व्यवस्था सुनिश्चित कराई जा रही है। पूर्ति निरीक्षक आवंटन और वितरण पर भी नजर रखेंगे। ताकि कहीं कंपनियों से भेजे जा रहे सिलिंडर की जमा खोरी न होने पाए।
कालाबाजारी हुए सक्रिय, दो सौ रुपये किलो बेच रहे गैस : गैस की किल्लत को देखते हुए कालाबाजारी एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। लोग घरों में भोजन पकाने के लिए विकल्प के तौर पर छोटे पेट्रोमैक्स को भरवाने के लिए दुकानों पर पहुंच रहे हैं। यहां अवसर में अधिक कमाई का रास्ता ढूंढा जा रहा है। छोटे पेट्रोमैक्स में तीन किलो गैस 600 रुपये में भरे जा रहे हैं। फुटकर में दो सौ रुपये किलो रसोई गैस की कीमत चुकानी पड़ रही है।
कामर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति ठप, बंद होने के कगार पर रेस्टोरेंट और होटल : कामर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति ठप हो गई है। इसके चलते रेस्टोरेंट, ढाबा और होटल बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं। शादी समारोह में अब भोजन, नाश्ता तैयार करने में कठिनाई हो रही है। लोग घरेलू गैस का उपयोग कर किसी तरह काम चलाने की कोशिश में जुटे हैं। उधर विभाग की तरफ से चेकिंग अभियान भी शुरू कर दिया गया है। निर्देश दिए गए हैं कि यदि कामर्शियल उपयोग में घरेलू गैस का उपयोग होते पाया गया तो कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed