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Basti News: अपराध पर नकेल, गाेंडा की सीमा पर बनेगी पुलिस चौकी
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बस्ती। पड़ोसी जनपद गोंडा तक बिछे तस्करी समेत अन्य आपराधिक गतिविधियाें का बिसात पुलिस अब खत्म करने की तैयारी की है। अवैध कच्ची शराब, पशुओं की तस्करी एवं अन्य किस्म के अपराधियों पर नकेल कसने के लिए बस्ती और गोंडा सीमा के बीच नई पुलिस चौकी के स्थापना की पहल बस्ती पुलिस ने की है।
यह पुलिस चौकी बस्ती के परशुरामपुर थाना क्षेत्र और गोंडा के छपिया थाना क्षेत्र के सीमा पर स्थित गौरा पांडेय में बनाई जाएगी। यहां से दोनों जनपदों के बार्डर पर होने वाले संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। भौगोलिक दृष्टि से परशुरामपुर थाना क्षेत्र काफी बड़ा है। कुल 231 मजरे इस थाना क्षेत्र में हैं। इसके अलावा बस्ती, गोंडा और अयोध्या समेत तीन जिलों का सीमा भी इस थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। सबसे अधिक संवेदनशील बस्ती और गोंडा का सीमावर्ती क्षेत्र हैं।
इस भूभाग में मनवर नदी दोनों जनपद को जोड़ती है। इसके आसपास जंगल क्षेत्र ज्यादा है। दो दशक पहले तक यह क्षेत्र लकड़ी तस्करी के रूप में काफी चर्चित रहा। गोंडा के टिकरी जंगल से सागौन की कीमती लकड़ियां मनवर नदी के रास्ते इस पार लाकर खूब तस्करी हुई। यह दौर खत्म हुआ तो दोनों जिलों के बीच अवैध कच्ची शराब, चोरी के पशु, अवैध असलहा, गाजा, डुप्लीकेट अंग्रेजी और देशी शराब के तस्करी का हब बन गया।
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यह पुलिस चौकी बस्ती के परशुरामपुर थाना क्षेत्र और गोंडा के छपिया थाना क्षेत्र के सीमा पर स्थित गौरा पांडेय में बनाई जाएगी। यहां से दोनों जनपदों के बार्डर पर होने वाले संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। भौगोलिक दृष्टि से परशुरामपुर थाना क्षेत्र काफी बड़ा है। कुल 231 मजरे इस थाना क्षेत्र में हैं। इसके अलावा बस्ती, गोंडा और अयोध्या समेत तीन जिलों का सीमा भी इस थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। सबसे अधिक संवेदनशील बस्ती और गोंडा का सीमावर्ती क्षेत्र हैं।
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इस भूभाग में मनवर नदी दोनों जनपद को जोड़ती है। इसके आसपास जंगल क्षेत्र ज्यादा है। दो दशक पहले तक यह क्षेत्र लकड़ी तस्करी के रूप में काफी चर्चित रहा। गोंडा के टिकरी जंगल से सागौन की कीमती लकड़ियां मनवर नदी के रास्ते इस पार लाकर खूब तस्करी हुई। यह दौर खत्म हुआ तो दोनों जिलों के बीच अवैध कच्ची शराब, चोरी के पशु, अवैध असलहा, गाजा, डुप्लीकेट अंग्रेजी और देशी शराब के तस्करी का हब बन गया।