{"_id":"69b9a60385ae45e435037c07","slug":"horticulture-department-will-teach-progressive-farmers-the-tricks-of-marketing-bhadohi-news-c-191-1-gyn1001-140424-2026-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: प्रगतिशील किसानों को मार्केटिंग के गुर सिखाएगा उद्यान विभाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: प्रगतिशील किसानों को मार्केटिंग के गुर सिखाएगा उद्यान विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञानपुर। जिले के प्रगतिशील किसानों को उद्यान विभाग मार्केटिंग के गुर सिखाएगा। इससे उन्हें अपनी फसलों का अच्छा दाम मिलेगा और उनकी आर्थिकी भी सुधरेगी। विभागीय अधिकारी कर्मचारी जब फिल्ड में जाएंगे।
काम-काज निपटाने के बाद किसानों को मार्केटिंग करने का तरीका बताएंगे। इससे वे अपनी फसलों का अच्छा और सही दाम प्राप्त कर सकेंगे।
जिले में लघु एवं सीमांत किसानों की संख्या दो से ढ़ाई लाख है। इसमें 5500 किसान प्रगतिशील हैं। ये किसान परंपरागत खेती को छोड़कर तकनीकी आधारित खेती कर रहे हैं। उद्यान विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर किसान तकनीकी आधारित खेती कर अच्छी पैदावार तो कर रहे हैं, लेकिन मार्केटिंग ज्ञान न होने से वे अपनी फसलों को औने-पौने दाम में बेच देते हैं। जिले में तमाम किसान ऐसे हैं, जो अच्छी उपज और पैदावार के बाद भी अपनी फसलों का सही मूल्य नहीं पा पाते। अब इस तरह के किसानों के लिए उद्यान विभाग ने नई पहल शुरू की है। विभाग अब इन किसानों को मार्केटिंग के गुर सिखाएगा।
जिला उद्यान अधिकारी ममता सिंह यादव ने बताया कि जिले में किसानों का एक तबका सब्जी की खेती करके जीवन निर्वहन करता है। किसान खेत में सब्जी तैयार करके सीधे उसे मंडी पहुंचा देते हैं। वहां व्यापारी एक ही दाम में सब्जियों का क्रय कर लेते हैं, यदि किसान थोड़ सा मेहनत कर दें, तो उन्हें बेहतर आमदनी हो सकती है।
सब्जियों की ग्रेडिक कर लें, जो अच्छे सब्जी है और उसका दाम अलग तय कर लें। जिन सब्जियों में दाग धब्बे पड़े हैं, उसकी ग्रेडिंग अलग कर लें। इससे किसानों को एक ही सब्जी के दो दाम मिलेगा। ब्रिकी में भी तेज होगी। विभागीय अधिकारी किसानों को इसका तरीका बताएंगे।
Trending Videos
काम-काज निपटाने के बाद किसानों को मार्केटिंग करने का तरीका बताएंगे। इससे वे अपनी फसलों का अच्छा और सही दाम प्राप्त कर सकेंगे।
जिले में लघु एवं सीमांत किसानों की संख्या दो से ढ़ाई लाख है। इसमें 5500 किसान प्रगतिशील हैं। ये किसान परंपरागत खेती को छोड़कर तकनीकी आधारित खेती कर रहे हैं। उद्यान विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर किसान तकनीकी आधारित खेती कर अच्छी पैदावार तो कर रहे हैं, लेकिन मार्केटिंग ज्ञान न होने से वे अपनी फसलों को औने-पौने दाम में बेच देते हैं। जिले में तमाम किसान ऐसे हैं, जो अच्छी उपज और पैदावार के बाद भी अपनी फसलों का सही मूल्य नहीं पा पाते। अब इस तरह के किसानों के लिए उद्यान विभाग ने नई पहल शुरू की है। विभाग अब इन किसानों को मार्केटिंग के गुर सिखाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला उद्यान अधिकारी ममता सिंह यादव ने बताया कि जिले में किसानों का एक तबका सब्जी की खेती करके जीवन निर्वहन करता है। किसान खेत में सब्जी तैयार करके सीधे उसे मंडी पहुंचा देते हैं। वहां व्यापारी एक ही दाम में सब्जियों का क्रय कर लेते हैं, यदि किसान थोड़ सा मेहनत कर दें, तो उन्हें बेहतर आमदनी हो सकती है।
सब्जियों की ग्रेडिक कर लें, जो अच्छे सब्जी है और उसका दाम अलग तय कर लें। जिन सब्जियों में दाग धब्बे पड़े हैं, उसकी ग्रेडिंग अलग कर लें। इससे किसानों को एक ही सब्जी के दो दाम मिलेगा। ब्रिकी में भी तेज होगी। विभागीय अधिकारी किसानों को इसका तरीका बताएंगे।