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Bhadohi News: एआई कैंपस के रूप में विकसित होगा काशी नरेश विश्वविद्यालय
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ज्ञानपुर। काशी नरेश विश्वविद्यालय अब एआई कैंपस के रूप में विकसित होगा। उच्च शिक्षा को उद्योग एवं आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में शुक्रवार को कुलपति प्रो. उमा श्रीवास्तव ने वेडिकुलम टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड मुंबई के समन्वयक देवेंद्र तिवारी के साथ एमओयू किया।
समन्वयक प्रो. रश्मि सिंह ने बताया कि एमओयू का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर को एआई कैंपस के रूप में विकसित करना, शिक्षकों का क्षमता संवर्धन, विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता में वृद्धि, उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण, डोमेन स्टूडियो की स्थापना, अनुसंधान सहयोग और उद्योग से जुड़े शैक्षणिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देना है। इससे विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उभरती प्रौद्योगिकियों, कौशल विकास, इंटर्नशिप, उद्योग विशेषज्ञों के व्याख्यान, लाइव प्रोजेक्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं शिक्षकों को नवीनतम तकनीकों पर प्रशिक्षण, अनुसंधान सहयोग एवं अकादमिक क्षमता विकास के अवसर प्राप्त होंगे। प्रो. रमेश चंद्र यादव ने बताया कि यह साझेदारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण, नवाचार आधारित एवं रोजगारपरक शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे विश्वविद्यालय में नवाचार, अनुसंधान और उद्योग–शिक्षा सहयोग की संस्कृति को नई गति मिलेगी। यह एमओयू सात अगस्त से ही प्रभावी हो गया है। इस मौके पर डॉ. रवि कुमार यादव, डॉ. गीता यादव, डॉ. विपुल कुमार, डॉ. सुशील कुमार आदि रहे।
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समन्वयक प्रो. रश्मि सिंह ने बताया कि एमओयू का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर को एआई कैंपस के रूप में विकसित करना, शिक्षकों का क्षमता संवर्धन, विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता में वृद्धि, उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण, डोमेन स्टूडियो की स्थापना, अनुसंधान सहयोग और उद्योग से जुड़े शैक्षणिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देना है। इससे विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उभरती प्रौद्योगिकियों, कौशल विकास, इंटर्नशिप, उद्योग विशेषज्ञों के व्याख्यान, लाइव प्रोजेक्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं शिक्षकों को नवीनतम तकनीकों पर प्रशिक्षण, अनुसंधान सहयोग एवं अकादमिक क्षमता विकास के अवसर प्राप्त होंगे। प्रो. रमेश चंद्र यादव ने बताया कि यह साझेदारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण, नवाचार आधारित एवं रोजगारपरक शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे विश्वविद्यालय में नवाचार, अनुसंधान और उद्योग–शिक्षा सहयोग की संस्कृति को नई गति मिलेगी। यह एमओयू सात अगस्त से ही प्रभावी हो गया है। इस मौके पर डॉ. रवि कुमार यादव, डॉ. गीता यादव, डॉ. विपुल कुमार, डॉ. सुशील कुमार आदि रहे।
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