ज्ञानपुर। विश्वविद्यालय की पहचान तभी होती है, जब वहां के युवा निरंतर शोध और ज्ञान प्राप्ति में मेहनत से लगे रहते हैं। अच्छी सोच और अच्छे संकल्प के साथ निरंतर नवाचार ही देश के सशक्त विकास का आधार बनता है। यह बातें मुख्य अतिथि सांसद डॉ. विनोद बिंद ने शनिवार को काशी नरेश विश्वविद्यालय के परिसर में आयोजित गोष्ठी में कही। महाविद्यालय से विश्वविद्यालय तक एक अनथक यात्रा शीर्षक से आयोजित गोष्ठी में अतिथियों ने विचार रखे।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि युवा के अंदर अपार ऊर्जा होती है, लेकिन आपको अपनी संस्कृति और परंपरा को साथ लेकर सकारात्मकता के साथ राष्ट्र निर्माण की दिशा में तत्पर होना होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में केएनयू प्रदेश में अपना अलग स्थान रखेगा। यहां पर विद्याथियों को बेहतर शिक्षा मिलेगी। कुलपति प्रो. उमा श्रीवास्तव ने बताया कि काशी नरेश विश्वविद्यालय 15 अप्रैल 2026 को अस्तित्व में आया। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए कौशलपूर्ण शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया। इसलिए पहले ही साल में कई रोजगार परक विषयों में पढ़ाई शुरू किया गया। मुख्य वक्ता डॉ.सविता भरद्वाज ने केएनयू में बिताए अपने अध्यापन काल के स्वर्णिम क्षणों को याद करते हुए विश्वविद्यालय के उज्जवल भविष्य की कामना की। डीएम शैलेश कुमार ने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन महाविद्यालय को यथासंभव पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा। इस दौरान महाविद्यालय के विकास यात्रा पर एक डाक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई। डॉ. अंशुबाला ने सभी का आभार जताया। इस मौके पर डॉ.कमाल अहमद सिद्दीकी, प्रोफेसर शुभा श्रीवास्तव, डॉ.भारतेन्दु द्विवेदी, दीपक मिश्रा, प्रो. बालकेश्वर, प्राचार्य प्रो. रमेश चंद्र यादव, डाॅ. रोशन प्रसाद, डॉ. रश्मि सिंह आदि रहीं।