Bijnor: सड़क हादसे ने छीनी जिंदगी, सात दिन तक लड़ा मौत से जंग, आखिर टूट गई सांसों की डोर
बिजनौर के हीमपुर दीपा क्षेत्र में सड़क हादसे में घायल 18 वर्षीय युवक ने सात दिन तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद दम तोड़ दिया। युवक कोचिंग के लिए जाते समय चार पहिया वाहन की टक्कर का शिकार हुआ था।
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बिजनौर में हीमपुर दीपा क्षेत्र के गांव ननुपुरा जट निवासी 18 वर्षीय निदांश ने सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के सात दिन बाद शुक्रवार सुबह दम तोड़ दिया। युवक 10 जुलाई को बाइक से कोचिंग जा रहा था, तभी तेज रफ्तार चार पहिया वाहन ने उसे टक्कर मार दी थी। घटना के बाद से उसका विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा था।
कोचिंग जाते समय हुआ था हादसा
जानकारी के अनुसार ननुपुरा जट निवासी निदांश पुत्र सुमित 10 जुलाई की सुबह अपने घर से बाइक पर सवार होकर हल्दौर स्थित कोचिंग के लिए निकला था। हल्दौर-गंज मार्ग पर आटा मिल के सामने पीछे से आए एक चार पहिया वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
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सात दिन तक चला इलाज, नहीं बच सकी जान
हादसे की सूचना मिलते ही परिजन उसे उपचार के लिए बिजनौर के एक चिकित्सालय ले गए। वहां से हालत गंभीर होने पर उसे डोईवाला स्थित एक निजी चिकित्सालय भेज दिया गया। परिजनों के अनुसार वहां भी चिकित्सकों ने उसकी हालत को अत्यंत गंभीर बताते हुए उपचार करने में असमर्थता जताई। इसके बाद गुरुवार रात परिजन उसे घर ले आए, जहां शुक्रवार सुबह उसने अंतिम सांस ली।
परिवार में मचा कोहराम, कार्रवाई की मांग
निदांश की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। वह अपने पीछे पिता सुमित, मां अंजना, छोटे भाई दिव्यांशु और बहन को छोड़ गया है। मृतक के पिता सुमित ने बताया कि हादसे के संबंध में उनके भाई सचिन ने 10 जुलाई को ही पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी।