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Bijnor News: राकेश हत्याकांड में आदित्य राणा के भाई समेत आठ अभियुक्त दोषी करार
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बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम लोकेश नागर ने राणा नंगला गांव के राकेश हत्याकांड में सात अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। उनकी सजा पर चार अगस्त को फैसला सुनाया जाएगा। दोषी अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। इस मुकदमे में कुख्यात रहे आदित्य राणा की पत्नी, बहन और पिता को दोषमुक्त कर दिया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मुकेश चौहान ने बताया कि थाना स्योहारा में गांव राणा नंगला निवासी मंतेष देवी ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि उसके पति राकेश कुमार 27 सितंबर 2018 की शाम बूढ़नपुर बाजार से अपने घर लौट रहे थे, तभी गांव बेड़खेड़ा में तिराहे के पास रोबिन पुत्र रामचंद्र सिंह, राहुल पुत्र राजाराम, चंद्रवीर उर्फ बिट्टू पुत्र राजपाल, जयवीर सिंह पुत्र शीशराम सिंह, शुभम पुत्र जयवीर निवासीगण राणा नंगला और दो-तीन अज्ञात लोगों ने उसके पति राकेश कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी।
मंतेष देवी ने कहा कि उसके देवर मुकेश की हत्या करीब 11 महीने पहले आदित्य राणा, रोहित, राहुल और विशाल ने गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसकी पैरवी उसके पति राकेश कर रहे थे। तारीख पर आते-जाते हुए भी आदित्य और उसके साथी तथा उसकी बहन मोनिका धमकी देते थे कि पैरवी करना बंद कर दो, नहीं तो जान से मार देंगे। कुख्यात बदमाश आदित्य और उसकी बहन मोनिका पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया। पुलिस ने विवेचना करने के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के बाद शनिवार को अदालत ने रोबिन, चंद्रवीर उर्फ बिट्टू, प्रदीप, पीयूष, अक्षय, सोनू, शुभम और जयवीर सिंह को दोषी करार दिया जबकि आदित्य की पत्नी गुड्डी उर्फ सुदेशना, पिता राजपाल उर्फ इच्छाराम और आदित्य की बहन मोनिका को दोष मुक्त कर दिया। वहीं आदित्य का भाई चंद्रवीर उर्फ बिट्टू दोषियों में शामिल है।
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तीन साल पहले एनकाउंटर में ढेर हो चुका है आदित्य राणा
राणा नंगला निवासी आदित्य पर हत्या, लूट सहित 40 से अधिक मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज थे। 23 अगस्त 2022 को शिवाला कलां थाने में दर्ज एक मामले की सुनवाई के लिए पुलिस द्वारा आदित्य राणा को लखनऊ जेल से बिजनौर लाया गया था। यहां से लौटते समय शाहजहांपुर के रेड चिली ढाबे से पुलिस को चकमा देकर आदित्य राणा फरार हो गया था, जिसके बाद 12 अप्रैल 2023 को बिजनौर पुलिस ने मुठभेड़ में आदित्य राणा को मार गिराया था।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मुकेश चौहान ने बताया कि थाना स्योहारा में गांव राणा नंगला निवासी मंतेष देवी ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि उसके पति राकेश कुमार 27 सितंबर 2018 की शाम बूढ़नपुर बाजार से अपने घर लौट रहे थे, तभी गांव बेड़खेड़ा में तिराहे के पास रोबिन पुत्र रामचंद्र सिंह, राहुल पुत्र राजाराम, चंद्रवीर उर्फ बिट्टू पुत्र राजपाल, जयवीर सिंह पुत्र शीशराम सिंह, शुभम पुत्र जयवीर निवासीगण राणा नंगला और दो-तीन अज्ञात लोगों ने उसके पति राकेश कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी।
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मंतेष देवी ने कहा कि उसके देवर मुकेश की हत्या करीब 11 महीने पहले आदित्य राणा, रोहित, राहुल और विशाल ने गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसकी पैरवी उसके पति राकेश कर रहे थे। तारीख पर आते-जाते हुए भी आदित्य और उसके साथी तथा उसकी बहन मोनिका धमकी देते थे कि पैरवी करना बंद कर दो, नहीं तो जान से मार देंगे। कुख्यात बदमाश आदित्य और उसकी बहन मोनिका पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया। पुलिस ने विवेचना करने के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के बाद शनिवार को अदालत ने रोबिन, चंद्रवीर उर्फ बिट्टू, प्रदीप, पीयूष, अक्षय, सोनू, शुभम और जयवीर सिंह को दोषी करार दिया जबकि आदित्य की पत्नी गुड्डी उर्फ सुदेशना, पिता राजपाल उर्फ इच्छाराम और आदित्य की बहन मोनिका को दोष मुक्त कर दिया। वहीं आदित्य का भाई चंद्रवीर उर्फ बिट्टू दोषियों में शामिल है।
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तीन साल पहले एनकाउंटर में ढेर हो चुका है आदित्य राणा
राणा नंगला निवासी आदित्य पर हत्या, लूट सहित 40 से अधिक मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज थे। 23 अगस्त 2022 को शिवाला कलां थाने में दर्ज एक मामले की सुनवाई के लिए पुलिस द्वारा आदित्य राणा को लखनऊ जेल से बिजनौर लाया गया था। यहां से लौटते समय शाहजहांपुर के रेड चिली ढाबे से पुलिस को चकमा देकर आदित्य राणा फरार हो गया था, जिसके बाद 12 अप्रैल 2023 को बिजनौर पुलिस ने मुठभेड़ में आदित्य राणा को मार गिराया था।