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मेडिकल कॉलेज : अनुमति न नीलामी, तोड़ डाला औषधि भंडार भवनन
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बिजनौर। मेडिकल कॉलेज में जिस औषधि भवन की मरम्मत कराने की संस्तुति की गई थी, उसे बिना अनुमति तुड़वा दिया गया। सीएमएस की जांच में इसका खुलासा हुआ। खास बात यह है कि भवन को तोड़ने के बाद मलबे की नीलामी तक नहीं की गई। अब यह मलबा कहां गया, इसका पता अस्पताल के वर्तमान प्रशासनिक अधिकारियों को भी नहीं है।
2024 में मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला संयुक्त चिकित्सालय में पुराने महिला अस्पताल के भूतल पर सीएमएसडी निर्माण कार्य चल रहा था। निर्माण कार्य के दौरान भवन की दीवारों में क्रैक आ गया। इस भवन की मरम्मत कराने के लिए पांच सदस्य समिति गठित हुई।
भौतिक निरीक्षण के बाद समिति ने कहा कि कंपनी ने भूतल पर कुछ दीवारें हटाई हैं, जिस वजह से प्रथम तल पर स्थित औषधि भंडार कक्ष की दीवारों में क्रैक आ गया है। ऐसे में औषधि भंडार कक्ष को ध्वस्त नहीं कराया जा सकता। इससे राजकीय संपत्ति की हानि होगी। समिति ने क्रैक की मरम्मत कराने के लिए कहा।
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इसके बावजूद पूर्व प्राचार्या डाॅ़ उर्मिला कार्या के समय में 2025 में बिना तकनीकी अनुमति औषधि भवन को ध्वस्त करा दिया गया।
आख्या नहीं देने पर डीएम ने भी जताई थी नाराजगी : भाकियू सामाजिक के युवा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष विनीत तोमर ने मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार एवं गंभीर अनियमितता की शिकायत प्रशासन से की थी। इस संबंध में डीएम जसजीत काैर ने समिति गठित कर जांच आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे लेकिन जांच आख्या उपलब्ध नहीं कराने पर डीएम ने भी नाराजगी जताई थी।
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2024 में मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला संयुक्त चिकित्सालय में पुराने महिला अस्पताल के भूतल पर सीएमएसडी निर्माण कार्य चल रहा था। निर्माण कार्य के दौरान भवन की दीवारों में क्रैक आ गया। इस भवन की मरम्मत कराने के लिए पांच सदस्य समिति गठित हुई।
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भौतिक निरीक्षण के बाद समिति ने कहा कि कंपनी ने भूतल पर कुछ दीवारें हटाई हैं, जिस वजह से प्रथम तल पर स्थित औषधि भंडार कक्ष की दीवारों में क्रैक आ गया है। ऐसे में औषधि भंडार कक्ष को ध्वस्त नहीं कराया जा सकता। इससे राजकीय संपत्ति की हानि होगी। समिति ने क्रैक की मरम्मत कराने के लिए कहा।
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इसके बावजूद पूर्व प्राचार्या डाॅ़ उर्मिला कार्या के समय में 2025 में बिना तकनीकी अनुमति औषधि भवन को ध्वस्त करा दिया गया।
आख्या नहीं देने पर डीएम ने भी जताई थी नाराजगी : भाकियू सामाजिक के युवा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष विनीत तोमर ने मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार एवं गंभीर अनियमितता की शिकायत प्रशासन से की थी। इस संबंध में डीएम जसजीत काैर ने समिति गठित कर जांच आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे लेकिन जांच आख्या उपलब्ध नहीं कराने पर डीएम ने भी नाराजगी जताई थी।