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Bijnor News: वन्यजीव-मानव संघर्ष रोकने के लिए चौकी बने
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कादराबाद। क्षेत्र में ग्रामीणों ने वन्य जीवों से सुरक्षा और वन्य जीव-मानव के बीच संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए वन चौकी स्थापित कराने की मांग की। क्षेत्र की 12 भूतपूर्व सैनिक कॉलोनियों सहित कई गांवों में वन्य जीवों का प्रकोप जारी है। जंगली हाथी, टाइगर, गुलदार व अन्य जीव आए दिन ग्रामीणों पर हमलावर हो रहें हैं। साथ ही फसलों को नुकसान भी पहुंचा रहे हैं।
भाकियू टिकैत के ब्लाॅक उपाध्यक्ष मदन राणा का कहना है कि गांव मुरलीवाला, भिक्कावाला, जामन वाला के खेत कार्बेट टाइगर रिजर्व की सीमा से लगे हैं। यहां से निकलकर जंगली हाथी व वन्य जीव किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। कार्बेट रिजर्व, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सीमा होने के चलते वनकर्मी निस्तारण की बात एक दूसरे पर टालकर कोई कार्रवाई नहीं करते। क्षेत्र में वन चौकियां बनने से मौके पर वनकर्मी मौजूद होंगे तो वन्यजीव व मानव संघर्ष में कमी आएगी।
दीपक सिरोही का कहना है कि नवाबपुरा चौराहा बढ़ापुर व अफजलगढ़ दोनों क्षेत्र की सीमा पर स्थित है। यहां चौकी बनने से दोनों क्षेत्र पर वनकर्मियों की नजर रहेगी। अतुल शर्मा का कहना है कि किसान यूनियन के माध्यम से कई बार भिक्कावाला पंप हाउस व नवाबपुरा में वन चौकी स्थापित करने हेतु विभागीय कर्मियों को लिखित मांग पत्र दिए गए हैं लेकिन कई घटनाओं के बाद भी वन चौकी स्थापित नहीं की गई।
हेमंत डागर का कहना है कि इस्लाम नगर ग्राम पंचायत के मुरलीवाला, जामुन वाला, भिक्कावाला में इस वर्ष भी जंगली हाथियों ने उत्पात मचाते हुए गन्ने व गेहूं की फसल को नष्ट किया है। वन विभाग ने मुआवजा देना तो दूर किसानों से संपर्क तक नहीं किया। इस संबंध में डीएफओ जय सिंह कुशवाहा का कहना है कि उच्चाधिकारियों को अवगत कराकर शीघ्र समस्या निस्तारण का प्रयास किया जाएगा।
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भाकियू टिकैत के ब्लाॅक उपाध्यक्ष मदन राणा का कहना है कि गांव मुरलीवाला, भिक्कावाला, जामन वाला के खेत कार्बेट टाइगर रिजर्व की सीमा से लगे हैं। यहां से निकलकर जंगली हाथी व वन्य जीव किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। कार्बेट रिजर्व, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सीमा होने के चलते वनकर्मी निस्तारण की बात एक दूसरे पर टालकर कोई कार्रवाई नहीं करते। क्षेत्र में वन चौकियां बनने से मौके पर वनकर्मी मौजूद होंगे तो वन्यजीव व मानव संघर्ष में कमी आएगी।
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दीपक सिरोही का कहना है कि नवाबपुरा चौराहा बढ़ापुर व अफजलगढ़ दोनों क्षेत्र की सीमा पर स्थित है। यहां चौकी बनने से दोनों क्षेत्र पर वनकर्मियों की नजर रहेगी। अतुल शर्मा का कहना है कि किसान यूनियन के माध्यम से कई बार भिक्कावाला पंप हाउस व नवाबपुरा में वन चौकी स्थापित करने हेतु विभागीय कर्मियों को लिखित मांग पत्र दिए गए हैं लेकिन कई घटनाओं के बाद भी वन चौकी स्थापित नहीं की गई।
हेमंत डागर का कहना है कि इस्लाम नगर ग्राम पंचायत के मुरलीवाला, जामुन वाला, भिक्कावाला में इस वर्ष भी जंगली हाथियों ने उत्पात मचाते हुए गन्ने व गेहूं की फसल को नष्ट किया है। वन विभाग ने मुआवजा देना तो दूर किसानों से संपर्क तक नहीं किया। इस संबंध में डीएफओ जय सिंह कुशवाहा का कहना है कि उच्चाधिकारियों को अवगत कराकर शीघ्र समस्या निस्तारण का प्रयास किया जाएगा।