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Bijnor News: फर्जी बिल अपलोड कर लाखों रुपये का किया भुगतान
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स्योहारा। क्षेत्र की ग्राम पंचायत मेवला माफी में सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर फर्जी दस्तावेज अपलोड कर लाखों रुपये का भुगतान कर लिया गया, जबकि संबंधित कार्यों के लिए आवश्यक बिल, वाउचर और माप पुस्तिका (एमबी) तक पोर्टल पर अपलोड नहीं हैं। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत मेवला माफी में पंचायत सहायक, शौचालय केयर टेकर, ग्राम प्रधान के मानदेय से लेकर विकास कार्यों के भुगतान तक में नियमों को दरकिनार किया गया।
ई ग्राम स्वराज पोर्टल पर पड़ताल की गई तो पता चला कि जुलाई 2025 में पंचायत सहायक का 1800 रुपये मानदेय, इन्वर्टर बैटरी के नाम पर 12 हजार रुपये, शौचालय केयर टेकर का 12 हजार रुपये तथा पंचायत भवन के सिस्टम रिपेयरिंग के नाम पर 4100 रुपये का भुगतान किया गया। इन सभी भुगतानों के लिए पोर्टल पर कोई वैध बिल या वाउचर अपलोड नहीं किया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इन सभी भुगतान के लिए ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर एक ही कागज के टुकड़े को अपलोड कर धनराशि निकाल ली गई।
मामला यहीं नहीं रुका अगस्त 2025 में भी इसी तरीके को अपनाते हुए ग्राम प्रधान का 25 हजार रुपये मानदेय, एलईडी बल्ब खरीद, हैंडपंप मरम्मत, अस्थायी गोशाला के लिए धनराशि और स्कूल में लैब निर्माण जैसे कार्यों के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया। इन कार्यों के लिए भी न तो कोई बिल-वाउचर उपलब्ध है और न ही माप पुस्तिका तैयार की गई। नियमों के अनुसार, ग्राम पंचायत में किसी भी विकास कार्य के भुगतान से पहले संबंधित कार्य की एमबी, बिल और वाउचर को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होता है। लेकिन यहां इन सभी प्रक्रियाओं की अनदेखी कर भुगतान किया गया।
ग्राम पंचायत सचिव आशीष कुमार का कहना है वह स्थानांतरित होकर अभी आए हैं। उनके द्वारा अभी तक कोई भुगतान नहीं किया गया है। उनसे पूर्व तैनात पंचायत सचिव द्वारा भुगतान किया गया है।
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ई ग्राम स्वराज पोर्टल पर पड़ताल की गई तो पता चला कि जुलाई 2025 में पंचायत सहायक का 1800 रुपये मानदेय, इन्वर्टर बैटरी के नाम पर 12 हजार रुपये, शौचालय केयर टेकर का 12 हजार रुपये तथा पंचायत भवन के सिस्टम रिपेयरिंग के नाम पर 4100 रुपये का भुगतान किया गया। इन सभी भुगतानों के लिए पोर्टल पर कोई वैध बिल या वाउचर अपलोड नहीं किया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इन सभी भुगतान के लिए ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर एक ही कागज के टुकड़े को अपलोड कर धनराशि निकाल ली गई।
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मामला यहीं नहीं रुका अगस्त 2025 में भी इसी तरीके को अपनाते हुए ग्राम प्रधान का 25 हजार रुपये मानदेय, एलईडी बल्ब खरीद, हैंडपंप मरम्मत, अस्थायी गोशाला के लिए धनराशि और स्कूल में लैब निर्माण जैसे कार्यों के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया। इन कार्यों के लिए भी न तो कोई बिल-वाउचर उपलब्ध है और न ही माप पुस्तिका तैयार की गई। नियमों के अनुसार, ग्राम पंचायत में किसी भी विकास कार्य के भुगतान से पहले संबंधित कार्य की एमबी, बिल और वाउचर को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होता है। लेकिन यहां इन सभी प्रक्रियाओं की अनदेखी कर भुगतान किया गया।
ग्राम पंचायत सचिव आशीष कुमार का कहना है वह स्थानांतरित होकर अभी आए हैं। उनके द्वारा अभी तक कोई भुगतान नहीं किया गया है। उनसे पूर्व तैनात पंचायत सचिव द्वारा भुगतान किया गया है।