{"_id":"6a5a8280833894ef870adf8d","slug":"those-who-divide-like-jinnah-we-like-sugarcane-yogi-bijnor-news-c-27-1-smrt1009-185286-2026-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"बांटने वालों को जिन्ना, हमें गन्ना पसंद : योगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बांटने वालों को जिन्ना, हमें गन्ना पसंद : योगी
विज्ञापन
बिजनौर के वर्धमान कॉलेज में भाजपा के लोकार्पण व शिलान्यास कार्यक्रम में भीड़ का अभिवादन करते
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दंगा मुक्त, कर्फ्यू मुक्त और माफिया मुक्त उत्तर प्रदेश में अब धूम-धड़ाके के साथ कांवड़ यात्रा निकल रही है। पिछली सरकारों में अपराधियों और उपद्रवियों पर नियंत्रण नहीं था, तो कांवड़ यात्रा, दुर्गा पूजा और रामनवमी की शोभायात्राओं पर रोक लगा दी जाती थी। सीएम ने कहा कि जो बांटने वाले लोग हैं, उन्हें जिन्ना पसंद हैं और हमें गन्ना पसंद है। इसलिए हमने गन्ने के दाम बढ़ाए।
शुक्रवार की दोपहर करीब सवा दो बजे पहुंचे सीएम योगी ने वर्धमान कॉलेज में आयोजित जनसभा में कहा कि 2017 से पहले 10-10 साल तक गन्ने का भुगतान नहीं होता था। प्रदेश में भय और अराजकता का माहौल था। बिजनौर में 2016 में एनआई के पुलिस उपाधीक्षक और उनकी पत्नी की गोली बरसाकर हत्या कर दी गई थी। जिन लोगों को दंगा युक्त, गुंडा युक्त और माफिया युक्त बिजनौर चाहिए था, वे बांटने वाले लोग हैं। उन्हें जिन्ना पसंद है। हमें जिन्ना नहीं, गन्ना पसंद है। इसलिए गन्ने का दाम भी बढ़ाया और भुगतान भी समय से रहा है। सीएम ने कहा कि बेटी और व्यापारियों की सुरक्षा में कोई सेंध नहीं लगा सकता। किसान भी खेत पर जाने से नहीं डरता, क्योंकि अब बिजनौर माफिया मुक्त और अपराध मुक्त होकर विकास की गाथा लिख रहा है। यहां हाईवे भी है, रेलवे भी। नगीना के कारीगरों ने लकड़ी की अपनी उत्कृष्ट कारीगरी से पूरी दुनिया में अलग पहचान बनाई है। सीएम ने कहा कि अब विकास लखनऊ में बैठकर तय नहीं होता। आपके सांसद और विधायक यह तय करते हैं कि क्षेत्र में कहां-कहां विकास कार्य होंगे। लखनऊ अब बजट जारी करता है। डबल इंजन की सरकार में आपने विकास को अपनी आंखों से देखा है।
12 बजे सो कर उठते थे बबुआ
सीएम योगी ने पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 2017 से पहले बबुआ 12 बजे तो सोकर उठते थे। दो बजे तक वो तैयार होते थे और फिर कुछ खाना खाते थे। इतने में उनके जिम का समय हो जाता था। इन सबसे निपटते तो उनकी मंडली बैठ जाती थी। जनता से मिलने का उनके पास समय ही नहीं था।
विज्ञापन
बिजनौर अपशगुन नहीं, वो खुद अपशगुन थे
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले मुख्यमंत्री बिजनौर को अपशगुन मानते थे। यहां आने से भी कतराते थे। वो खुद ही अपशगुन थे। जिस धरा पर लीलाधारी भगवान श्रीकृष्ण आने को खुद आतुर रहे और बथुए का साग भी खाया, तो भला उस धरा पर कौन नहीं आना चाहेगा।
विज्ञापन
शुक्रवार की दोपहर करीब सवा दो बजे पहुंचे सीएम योगी ने वर्धमान कॉलेज में आयोजित जनसभा में कहा कि 2017 से पहले 10-10 साल तक गन्ने का भुगतान नहीं होता था। प्रदेश में भय और अराजकता का माहौल था। बिजनौर में 2016 में एनआई के पुलिस उपाधीक्षक और उनकी पत्नी की गोली बरसाकर हत्या कर दी गई थी। जिन लोगों को दंगा युक्त, गुंडा युक्त और माफिया युक्त बिजनौर चाहिए था, वे बांटने वाले लोग हैं। उन्हें जिन्ना पसंद है। हमें जिन्ना नहीं, गन्ना पसंद है। इसलिए गन्ने का दाम भी बढ़ाया और भुगतान भी समय से रहा है। सीएम ने कहा कि बेटी और व्यापारियों की सुरक्षा में कोई सेंध नहीं लगा सकता। किसान भी खेत पर जाने से नहीं डरता, क्योंकि अब बिजनौर माफिया मुक्त और अपराध मुक्त होकर विकास की गाथा लिख रहा है। यहां हाईवे भी है, रेलवे भी। नगीना के कारीगरों ने लकड़ी की अपनी उत्कृष्ट कारीगरी से पूरी दुनिया में अलग पहचान बनाई है। सीएम ने कहा कि अब विकास लखनऊ में बैठकर तय नहीं होता। आपके सांसद और विधायक यह तय करते हैं कि क्षेत्र में कहां-कहां विकास कार्य होंगे। लखनऊ अब बजट जारी करता है। डबल इंजन की सरकार में आपने विकास को अपनी आंखों से देखा है।
विज्ञापन
12 बजे सो कर उठते थे बबुआ
सीएम योगी ने पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 2017 से पहले बबुआ 12 बजे तो सोकर उठते थे। दो बजे तक वो तैयार होते थे और फिर कुछ खाना खाते थे। इतने में उनके जिम का समय हो जाता था। इन सबसे निपटते तो उनकी मंडली बैठ जाती थी। जनता से मिलने का उनके पास समय ही नहीं था।
विज्ञापन
बिजनौर अपशगुन नहीं, वो खुद अपशगुन थे
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले मुख्यमंत्री बिजनौर को अपशगुन मानते थे। यहां आने से भी कतराते थे। वो खुद ही अपशगुन थे। जिस धरा पर लीलाधारी भगवान श्रीकृष्ण आने को खुद आतुर रहे और बथुए का साग भी खाया, तो भला उस धरा पर कौन नहीं आना चाहेगा।

बिजनौर के वर्धमान कॉलेज में भाजपा के लोकार्पण व शिलान्यास कार्यक्रम में भीड़ का अभिवादन करते