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Bijnor News: हुसैनपुर खासा-बाकीपुर मार्ग पर तीन से चार फीट गंगा पानी
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बास्टा क्षेत्र के खेतों में बाढ का कहर पानी में से चारा लाते किसान स्रोत संवाद
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बास्टा। गंगा नदी में बढ़े जलस्तर के कारण हुसैनपुर खासा से बाकीपुर जाने वाली मुख्य सड़क पर पिछले तीन दिनों से तीन से चार फीट तक बाढ़ का पानी चल रहा है। इससे कई गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। किसान अपने मवेशियों के लिए चारा लाने को मजबूर हैं और जान जोखिम में डालकर पानी में से गुजर रहे हैं।
गंगा में लगातार पानी बढ़ने से निचले इलाके की यह सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गई है। ट्रैक्टर, बाइक और पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। फिर भी किसान रोजाना साइकिल और ट्रैक्टर ट्रॉली और बुग्गी पर चारा लादकर इसी रास्ते से आ-जा रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ को तीन दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक न तो वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था की गई है और न ही नाव या राहत सामग्री पहुंचाई गई है। स्कूल के बच्चे और मरीजों को भी इसी पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। रात में अंधेरे में हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन तुरंत अस्थायी पुलिया, नाव और चेतावनी बोर्ड लगवाए। साथ ही मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था कराई जाए।
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हुसैनपुर खासा निवासी भगवती देवी ने बताया कि हमारे घर में बाढ़ का पानी भर गया है। रात को सड़क पर सोना पड़ रहा है। अपना सामान इकट्ठा करके रखना पड़ रहा है अभी तक कोई सरकारी आदमी भी हमारी तरफ नहीं आया है हर साल मांग करते हैं कि हमें कहीं घर बनाकर दे दिया जाए। लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है।
गांव निवासी अनीता देवी ने बताया कि गंगा का पानी हमारे घर में भर जाता है रहने में बहुत परेशानी हो रही है अपने बच्चों को हमने रिश्तेदारी में भेज दिया है पानी की वजह से अपनी जान बचाने के लिए सामान को इकट्ठा करके गांव की ओर जा रहे हैं।
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गंगा में लगातार पानी बढ़ने से निचले इलाके की यह सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गई है। ट्रैक्टर, बाइक और पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। फिर भी किसान रोजाना साइकिल और ट्रैक्टर ट्रॉली और बुग्गी पर चारा लादकर इसी रास्ते से आ-जा रहे हैं।
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ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ को तीन दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक न तो वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था की गई है और न ही नाव या राहत सामग्री पहुंचाई गई है। स्कूल के बच्चे और मरीजों को भी इसी पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। रात में अंधेरे में हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन तुरंत अस्थायी पुलिया, नाव और चेतावनी बोर्ड लगवाए। साथ ही मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था कराई जाए।
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हुसैनपुर खासा निवासी भगवती देवी ने बताया कि हमारे घर में बाढ़ का पानी भर गया है। रात को सड़क पर सोना पड़ रहा है। अपना सामान इकट्ठा करके रखना पड़ रहा है अभी तक कोई सरकारी आदमी भी हमारी तरफ नहीं आया है हर साल मांग करते हैं कि हमें कहीं घर बनाकर दे दिया जाए। लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है।
गांव निवासी अनीता देवी ने बताया कि गंगा का पानी हमारे घर में भर जाता है रहने में बहुत परेशानी हो रही है अपने बच्चों को हमने रिश्तेदारी में भेज दिया है पानी की वजह से अपनी जान बचाने के लिए सामान को इकट्ठा करके गांव की ओर जा रहे हैं।

बास्टा क्षेत्र के खेतों में बाढ का कहर पानी में से चारा लाते किसान स्रोत संवाद