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Budaun News: पीलीभीत के जंगल से तस्करी कर लाए 10 लंगूर पकड़े, एक आरोपी गिरफ्तार
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लंगूर तस्करी का आरोपी फहीम। स्रोत पुलिस
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कादरचौक। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पीलीभीत के दियूरिया जंगल से तस्करी कर कादरचौक में लाए गए 10 लंगूर बरामद किए गए हैं। टीम ने एक आरोपी को कार समेत गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक लंगूर को 15 हजार रुपये में बेचने की बात स्वीकार की है। आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
वन विभाग को बृहस्पतिवार की सुबह सूचना मिली कि कादरचौक क्षेत्र का रहने वाला फहीम पुत्र ताहिर अवैध रूप से लंगूर लाकर बेचने की तैयारी कर रहा है। सूचना पर पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने आरोपी फहीम के घर पर छापा मारा। घर के बाहर खड़ी कार की तलाशी लेने पर उसमें दो वयस्क लंगूर मिले। पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर घर के भीतर से आठ लंगूर के बच्चे भी बरामद किए गए।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि क्षेत्र के कई लोगों ने बंदरों से बचाव के लिए लंगूरों की मांग की थी। उसने स्वीकार किया कि एक लंगूर 15 हजार रुपये तक में बिक जाता है, इन्हें बेचने के उद्देश्य से पीलीभीत से लाया था। इसके बाद वन विभाग ने सभी 10 लंगूरों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई पूरी की।
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वन विभाग की भूमिका पर भी उठे सवाल
पीलीभीत के जंगल से लंगूरों की तस्करी पर भी सवाल उठने लगे हैं। चर्चा है कि वन विभाग के कुछ कर्मचारियों से सांठगांठ की वजह से इतने बड़े स्तर पर वन्यजीवों की तस्करी की जा रही है। जंगल में एक व्यक्ति इतने लंगूर अकेले पकड़कर नहीं ला सकता है। इसमें स्थानीय कर्मचारियों की मिलीभगत होने की आशंका जताई जा रही है।
उसहैत में पहले भी पकड़े जा चुके हैं लंगूर
तस्करी कर लाए गए आठ लंगूर उसहैत में भी चार साल पहले पकड़े जा चुके हैं। उस दौरान पुलिस ने कार से बरामद किए थे। कादरचौक, उसहैत कई क्षेत्र के कई लोग बंदरों को पकड़ बेचने के अवैध कार्य में संलिप्त बताए जा रहे हैं। चर्चा यहां तक है कि पहले कानपुर से पकड़कर लाए जाते थे, लेकिन कुछ सालों से पीलीभीत के जंगलों से इन्हें पकड़कर लाया जा रहा है।
कछला के जंगल में छोड़े गए लंगूर
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अनुमति के बाद वन विभाग ने बरामद दो वयस्क और आठ शावकों सहित सभी 10 लंगूरों को सुरक्षित रूप से कछला क्षेत्र के जंगल में छोड़ दिया है। विभाग का कहना है कि वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में वापस पहुंचा दिया गया है।
लंगूरों की अवैध तस्करी की सूचना मिलने पर संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। मौके से दो वयस्क और आठ शावक लंगूर बरामद हुए हैं। आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। -विनीता सिंह, डीएफओ
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वन विभाग को बृहस्पतिवार की सुबह सूचना मिली कि कादरचौक क्षेत्र का रहने वाला फहीम पुत्र ताहिर अवैध रूप से लंगूर लाकर बेचने की तैयारी कर रहा है। सूचना पर पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने आरोपी फहीम के घर पर छापा मारा। घर के बाहर खड़ी कार की तलाशी लेने पर उसमें दो वयस्क लंगूर मिले। पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर घर के भीतर से आठ लंगूर के बच्चे भी बरामद किए गए।
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प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि क्षेत्र के कई लोगों ने बंदरों से बचाव के लिए लंगूरों की मांग की थी। उसने स्वीकार किया कि एक लंगूर 15 हजार रुपये तक में बिक जाता है, इन्हें बेचने के उद्देश्य से पीलीभीत से लाया था। इसके बाद वन विभाग ने सभी 10 लंगूरों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई पूरी की।
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वन विभाग की भूमिका पर भी उठे सवाल
पीलीभीत के जंगल से लंगूरों की तस्करी पर भी सवाल उठने लगे हैं। चर्चा है कि वन विभाग के कुछ कर्मचारियों से सांठगांठ की वजह से इतने बड़े स्तर पर वन्यजीवों की तस्करी की जा रही है। जंगल में एक व्यक्ति इतने लंगूर अकेले पकड़कर नहीं ला सकता है। इसमें स्थानीय कर्मचारियों की मिलीभगत होने की आशंका जताई जा रही है।
उसहैत में पहले भी पकड़े जा चुके हैं लंगूर
तस्करी कर लाए गए आठ लंगूर उसहैत में भी चार साल पहले पकड़े जा चुके हैं। उस दौरान पुलिस ने कार से बरामद किए थे। कादरचौक, उसहैत कई क्षेत्र के कई लोग बंदरों को पकड़ बेचने के अवैध कार्य में संलिप्त बताए जा रहे हैं। चर्चा यहां तक है कि पहले कानपुर से पकड़कर लाए जाते थे, लेकिन कुछ सालों से पीलीभीत के जंगलों से इन्हें पकड़कर लाया जा रहा है।
कछला के जंगल में छोड़े गए लंगूर
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अनुमति के बाद वन विभाग ने बरामद दो वयस्क और आठ शावकों सहित सभी 10 लंगूरों को सुरक्षित रूप से कछला क्षेत्र के जंगल में छोड़ दिया है। विभाग का कहना है कि वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में वापस पहुंचा दिया गया है।
लंगूरों की अवैध तस्करी की सूचना मिलने पर संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। मौके से दो वयस्क और आठ शावक लंगूर बरामद हुए हैं। आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। -विनीता सिंह, डीएफओ

लंगूर तस्करी का आरोपी फहीम। स्रोत पुलिस