{"_id":"6a74e6b517b83eba45053397","slug":"gram-panchayat-secretary-vijay-pal-shakya-sentenced-to-one-year-in-prison-and-fined-20000-badaun-news-c-123-1-ba11032-170242-2026-08-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: ग्राम पंचायत सचिव विजय पाल शाक्य को एक साल की सजा, 20 हजार जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: ग्राम पंचायत सचिव विजय पाल शाक्य को एक साल की सजा, 20 हजार जुर्माना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी (पीए) एक्ट राजवीर सिंह की कोर्ट ने मारपीट और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के केस में आरोपी ग्राम पंचायत सचिव विजय पाल शाक्य पुत्र छोटेलाल निवासी ग्राम प्रेमीनगला को दोषी करार देते हुए एक साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 20 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।
पिलंबर का कार्य करने वाले युवक ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया है कि ग्राम पंचायत मीरा सराय में तैनात ग्राम पंचायत सचिव विजय पाल शाक्य ने शौचालय में टंकी लगाने का कार्य कराया था। मजदूरी का 32,500 रुपये बकाया है। कई बार अपनी मजदूरी के रुपये सचिव से मांगे, लेकिन मजदूरी नहीं मिली। तब उसने श्रम प्रवर्तन अधिकारी बदायूं के यहां शिकायत की। वहां से सचिव को नोटिस जारी किया गया। इससे विजय पाल शाक्य बौखला गया।
आरोप है कि 24 अप्रैल 2022 की शाम करीब 5 बजे आरोपी मेरे घर आया और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। उस दौरान भी मजदूरी देने के लिए कहा था, इसी बात पर आरोपी सचिव ने गालीगलौज करते हुए घर में घुसकर लात घूंसों से मारपीट की। शोर सुनकर दीपक, सचिन आदि लोग आ गए और बचाया। पीड़ित ने सिविल लाइन थाने में तहरीर दी थी।
विज्ञापन
कोर्ट ने मामले में दोनों पक्षों को सुना। इसके बाद आरोपी सचिव को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। कोर्ट ने आदेश में कहा है कि दोषसिद्ध पढ़ा लिखा व सरकारी नौकर है। ग्राम पंचायत सचिव जैसे जिम्मेदारी के पद पर आसीन है। उससे जनता के साथ ऐसे आचरण करने की अपेक्षा नहीं की जा सकती है।
विज्ञापन
पिलंबर का कार्य करने वाले युवक ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया है कि ग्राम पंचायत मीरा सराय में तैनात ग्राम पंचायत सचिव विजय पाल शाक्य ने शौचालय में टंकी लगाने का कार्य कराया था। मजदूरी का 32,500 रुपये बकाया है। कई बार अपनी मजदूरी के रुपये सचिव से मांगे, लेकिन मजदूरी नहीं मिली। तब उसने श्रम प्रवर्तन अधिकारी बदायूं के यहां शिकायत की। वहां से सचिव को नोटिस जारी किया गया। इससे विजय पाल शाक्य बौखला गया।
विज्ञापन
आरोप है कि 24 अप्रैल 2022 की शाम करीब 5 बजे आरोपी मेरे घर आया और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। उस दौरान भी मजदूरी देने के लिए कहा था, इसी बात पर आरोपी सचिव ने गालीगलौज करते हुए घर में घुसकर लात घूंसों से मारपीट की। शोर सुनकर दीपक, सचिन आदि लोग आ गए और बचाया। पीड़ित ने सिविल लाइन थाने में तहरीर दी थी।
विज्ञापन
कोर्ट ने मामले में दोनों पक्षों को सुना। इसके बाद आरोपी सचिव को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। कोर्ट ने आदेश में कहा है कि दोषसिद्ध पढ़ा लिखा व सरकारी नौकर है। ग्राम पंचायत सचिव जैसे जिम्मेदारी के पद पर आसीन है। उससे जनता के साथ ऐसे आचरण करने की अपेक्षा नहीं की जा सकती है।