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Budaun News: 12 कलश संग 24 कांवड़िये, बरेली के धनेरी में करेंगे भोले का जलाभिषेक
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कछला से कांवड़ लेकर निकले शिवभक्त। संवाद
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उझानी। पहले सोमवार को शिवालयों में जलाभिषेक करने के लिए आसपास जिलों के कांवड़ियों की टोलियां कछला में गंगा स्नान करने के बाद अपने-अपने गंतव्य को रवाना हो गईं। ऐसी ही एक टोली में शामिल बरेली जिले के दुनका निवासी 24 कांवड़ियों के साथ दो कांवड़ पर 12 कलश दिखे। जत्था धनेरी के शिवमंदिर में जलाभिषेक करेगा।
दुनका के कांवड़ियों की टोली में हर उम्र के शिवभक्त दिखे। सत्यम ने बताया कि उनकी टोली शुक्रवार तड़के कछला गंगाघाट पहुंची। स्नान के बाद सभी कलश में जल भरा। पहले कांवड़ पूजन किया, फिर भोले के जयकारे लगाते हुए हाईवे के रास्ते शिव मंदिर की ओर निकल पड़े। 12 साल के नितिन कहते हैं कि रविवार रात तक वह टोली के साथ कांवड़ यात्रा पैदल ही पूरी करेंगे। उनकी टोली में अजितेश सिंह, लोकेश, कपिल, प्रदीप और अंकित के साथ 24 कांवड़िये शामिल हैं। दुनका के कांवड़ियों ने कलश कांवड़ को मंजिल तक पहुंचाने के लिए रास्ते में एक-दूसरे का सहयोग भी किया।
इसके अलावा पीलीभीत जिले के बीसलपुर की पांच सदस्यीय कांवड़ियों की टोली में शामिल हरीओम ने बताया कि पैदल ही कांवड़ यात्रा पूरी की जाएगी। रास्ते में विश्राम के लिए रुकेंगे जरूर, लेकिन भोजन खुद का करेंगे। उनके साथ बाइक पर राशन सामग्री और छोटा गैस सिलिंडिर और चूल्हा भी है।
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यात्रा के दौरान दाल- रोटी तो कभी खिचड़ी बनाकर खाएंगे। शुक्रवार को निकली कांवड़ियों की अन्य टोलियां भी बम-बम भोले के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ती गईं। रास्ते में पुलिस कर्मियों ने भी उनकी कुशलक्षेम पूछी। उनसे सुविधा समेत व्यवस्थाओं को लेकर फीडबैक लिया।
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दुनका के कांवड़ियों की टोली में हर उम्र के शिवभक्त दिखे। सत्यम ने बताया कि उनकी टोली शुक्रवार तड़के कछला गंगाघाट पहुंची। स्नान के बाद सभी कलश में जल भरा। पहले कांवड़ पूजन किया, फिर भोले के जयकारे लगाते हुए हाईवे के रास्ते शिव मंदिर की ओर निकल पड़े। 12 साल के नितिन कहते हैं कि रविवार रात तक वह टोली के साथ कांवड़ यात्रा पैदल ही पूरी करेंगे। उनकी टोली में अजितेश सिंह, लोकेश, कपिल, प्रदीप और अंकित के साथ 24 कांवड़िये शामिल हैं। दुनका के कांवड़ियों ने कलश कांवड़ को मंजिल तक पहुंचाने के लिए रास्ते में एक-दूसरे का सहयोग भी किया।
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इसके अलावा पीलीभीत जिले के बीसलपुर की पांच सदस्यीय कांवड़ियों की टोली में शामिल हरीओम ने बताया कि पैदल ही कांवड़ यात्रा पूरी की जाएगी। रास्ते में विश्राम के लिए रुकेंगे जरूर, लेकिन भोजन खुद का करेंगे। उनके साथ बाइक पर राशन सामग्री और छोटा गैस सिलिंडिर और चूल्हा भी है।
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यात्रा के दौरान दाल- रोटी तो कभी खिचड़ी बनाकर खाएंगे। शुक्रवार को निकली कांवड़ियों की अन्य टोलियां भी बम-बम भोले के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ती गईं। रास्ते में पुलिस कर्मियों ने भी उनकी कुशलक्षेम पूछी। उनसे सुविधा समेत व्यवस्थाओं को लेकर फीडबैक लिया।